मणिपुर डीजीपी मुकेश सिंह ने इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग पर दिया जोर, 1 MR और इंफाल वेस्ट SP कार्यालय का किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने 2 अगस्त 2026 को राज्य में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और उग्रवाद-विरोधी अभियानों की धार तेज करने के लिए सक्रिय एवं खुफिया जानकारी पर आधारित पुलिसिंग की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने मणिपुर राइफल्स की पहली और दूसरी बटालियन के मुख्यालयों तथा इंफाल वेस्ट जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों का सीधे जायजा लिया।
दौरे का उद्देश्य और दायरा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, डीजीपी सिंह राज्यभर के जिलों, थानों और सुरक्षा ठिकानों का क्रमबद्ध दौरा कर रहे हैं — इसका मकसद ऑपरेशनल तत्परता परखना और कर्मियों का मनोबल ऊँचा रखना है। इस क्रम में उन्होंने पिछले 24 घंटों में कानून-व्यवस्था एवं इंटेलिजेंस प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लहरी दोरजी लहातू के साथ मिलकर इन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल तैयारी का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने प्रभावी खुफिया संग्रह, कठोर अनुशासन और समन्वित पुलिसिंग को राज्य में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने की आधारशिला बताया।
134 वर्ष पुरानी बटालियन का ऐतिहासिक महत्व
मणिपुर राइफल्स की पहली बटालियन राज्य की सबसे प्राचीन सुरक्षा इकाइयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1892 में हुई थी — यानी इसका गौरवशाली इतिहास 134 वर्ष पुराना है। डीजीपी को इस ब्रिटिश-कालीन ऐतिहासिक बटालियन के गठन से लेकर आज तक के विकास और योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
एक आधिकारिक बयान में रेखांकित किया गया कि मणिपुर पुलिस केवल कानून प्रवर्तन एजेंसी नहीं है, बल्कि यह राज्य के इतिहास, विकास और संस्थागत सुधारों की जीवंत धरोहर भी है। डीजीपी ने क्वार्टर गार्ड, मणिपुर पुलिस ऑफिसर्स क्लब, बैंक्वेट हॉल, ट्रांसपोर्ट विंग, परेड ग्राउंड, चर्च, मंदिर, कैंटीन और पेट्रोल पंप सहित बटालियन की प्रमुख सुविधाओं का निरीक्षण किया।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
समीक्षा बैठक में डीजीपी सिंह ने सभी अधिकारियों को आपराधिक मामलों की त्वरित और पेशेवर जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से एनडीपीएस (नारकोटिक्स), जबरन वसूली और अवैध हथियारों से जुड़े अपराधों पर केंद्रित ध्यान देने को कहा। प्रभावी अभियोजन के लिए जाँच की गुणवत्ता में सुधार को उन्होंने प्राथमिकता बताया।
बटालियन के अधिकारियों और कर्मियों के साथ सीधी बातचीत में उन्होंने यूनिट सुधार, तैनाती नियमों का पालन और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
जनता का भरोसा जीतने पर बल
डीजीपी ने समस्त पुलिसकर्मियों से पूर्ण समर्पण, व्यावसायिकता और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कुशल एवं जन-अनुकूल पुलिसिंग के जरिए सकारात्मक छवि प्रस्तुत कर जनता का विश्वास अर्जित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब मणिपुर में दीर्घकालिक जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा तंत्र को पुनर्गठित करने के प्रयास जारी हैं।