मैथ्यू होलार्ड की डेब्यू पर 3 विकेट की कहर, बेलफास्ट टी20 में भारत को आयरलैंड से 34 रन की हार
सारांश
मुख्य बातें
बेलफास्ट में 26 जून को खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की — यह आयरलैंड के खिलाफ टी20 फॉर्मेट में भारत की पहली हार है। डेब्यू मैच में मैथ्यू होलार्ड की धारदार गेंदबाजी इस उलटफेर की मुख्य वजह रही, जिन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मुख्य घटनाक्रम
आयरलैंड ने टॉस गंवाने के बावजूद पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 182 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में महज 148 रन पर सिमट गई और मुकाबला 34 रन से गंवा दिया। यह मैच श्रेयस अय्यर के लिए बतौर कप्तान पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय था और उन्हें अपनी कप्तानी की शुरुआत हार से करनी पड़ी।
होलार्ड की डेब्यू पर कहर बरपाती गेंदबाजी
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मैथ्यू होलार्ड ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट झटके। उन्होंने ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर जैसे अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर भारतीय पारी की कमर तोड़ दी।
होलार्ड का बयान — 'सपना सच हुआ'
प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार मिलने के बाद होलार्ड ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो, मैंने कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी। मुझे हमेशा से पता था कि मेरे पास यह है, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इंडिया के खिलाफ अपना डेब्यू करूंगा। यह एक सपना सच होने जैसा है। मेरा परिवार जोहान्सबर्ग से आया है। यह एक सपने जैसा है।'
होलार्ड ने आयरलैंड से अपने जुड़ाव की कहानी भी साझा की। उन्होंने कहा, 'मैं सच में 2019 से आयरलैंड आना चाहता था। फिर कोविड आया और दिक्कतें हुईं। मेरी तरफ से भी कुछ दिक्कतें आईं। मेरे भाई ने पहले यहां आकर कहा कि तुम्हें ज़रूर आना चाहिए। क्रिकेट आयरलैंड ने जिस तरह मेरा ख्याल रखा, वह कमाल का रहा।'
परिवार की मौजूदगी ने बढ़ाया हौसला
होलार्ड ने बताया कि कुछ समय से परिवार से मुलाकात नहीं हुई थी और इस खास मौके पर उनका मैदान में मौजूद होना अविश्वसनीय अनुभव रहा। 'डेब्यू कैप लेते हुए उन्हें देखना और फिर उनका हौसला बढ़ाना — यह सब अविश्वसनीय है,' होलार्ड ने कहा।
आगे क्या
यह तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला था। भारत अब सीरीज में 0-1 से पीछे है और अगले मैच में वापसी के लिए उसे अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना होगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी की असली परीक्षा आने वाले मुकाबलों में होगी।