क्या मिचेल स्टार्क की गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को ब्रिसबेन टेस्ट में जीत दिलाई?
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिसबेन, ६ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मिचेल स्टार्क अपनी खतरनाक गेंदबाजी के लिए प्रसिद्ध हैं, जो अक्सर विपक्षी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बनते हैं। ब्रिसबेन टेस्ट की पहली पारी में ६ विकेट लेने वाले स्टार्क ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में १७७ रन की लीड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए, स्टार्क ने सर्वाधिक ७७ रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी ५११ रन पर समाप्त हुई। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे बड़ी पारी स्टार्क की थी, जिन्होंने १४१ गेंदों में १३ चौकों की मदद से ७७ रन बनाए। स्टार्क की इस पारी के कारण ऑस्ट्रेलिया, जो ३८३ पर ७ विकेट खो चुका था, ५११ रन तक पहुंचने में सफल रहा। स्कॉट बोलैंड ने २१ रन बनाकर नाबाद रहे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टार्क के अलावा जेक विदरलैंड ने ७२, मार्नस लाबुशेन ने ६५, एलेक्स कैरी ने ६३ और स्टीव स्मिथ ने ६१ रन बनाए।
इंग्लैंड की ओर से ब्रायडन कार्स ने ४, बेन स्टोक्स ने ३ और जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन और विल जैक्स ने १-१ विकेट लिए।
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में ३३४ रन बनाए थे। दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने नाबाद १३८ रन की पारी खेली, जो ऑस्ट्रेलिया की धरती पर उनका पहला शतक था और कुल मिलाकर ४०वां शतक था। जैक क्रॉली ने ७६, हैरी ब्रूक ने ३१ और जोफ्रा आर्चर ने ३८ रन की पारी खेली।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क ने २० ओवर में ७५ रन देकर ६ विकेट लिए। स्टार्क ने अपने इस स्पेल में तीसरा विकेट लेते ही टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज वसीम अकरम का रिकॉर्ड तोड़ दिया। स्टार्क अब हरभजन सिंह को भी पीछे छोड़ चुके हैं।
स्टार्क के अलावा नासेर, बोलैंड और ब्रेंडेन ने १-१ विकेट लिए।