सुनील लहरी ने साझा किया जीवन का महत्वपूर्ण मंत्र: स्वाभिमान और अभिमान के बीच का अंतर
सारांश
Key Takeaways
- स्वाभिमान हमें ऊंचाइयों पर ले जाता है।
- अभिमान हमें पतन की ओर धकेलता है।
- नम्रता और आत्म-सम्मान महत्वपूर्ण हैं।
- खुश रहना और स्वस्थ रहना चाहिए।
- जीवन में संतुलन बनाना आवश्यक है।
मुंबई, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रामायण के प्रसिद्ध पात्र लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने अपने प्रशंसकों को एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने शनिवार को एक विशेष वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने जीवन के आवश्यक सबक पर गहरे विचार किए। उन्होंने आत्म-सम्मान को अपनाने और अहंकार से दूर रहने की सलाह दी।
सुनील ने कहा, "जब हम जीवन में किसी बड़ी सफलता को प्राप्त करते हैं, तब हमें उसका स्वाभिमान होना चाहिए। कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि स्वाभिमान हमें गर्वित करता है, नम्रता सिखाता है और हमें ऊंचाई पर ले जाता है। वहीं, अभिमान हमें घमंड और अहंकार की ओर ले जाता है, जो हमें अंततः पतन की ओर धकेलता है। इसलिए, स्वाभिमान को अपनाएं और अभिमान से दूर रहें। खुश रहें, मस्त रहें और स्वस्थ रहें। जय श्री राम।"
वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "स्वाभिमान और अभिमान सुनने में बहुत समान लगते हैं, लेकिन वास्तव में एक-दूसरे के विपरीत हैं, जैसे काला और सफेद। स्वाभिमान को अपनाएं, अभिमान को नहीं।"
सुनील लहरी, जो रामानंद सागर के प्रसिद्ध धारावाहिक 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में बस गए हैं, आज भी अपने संदेशों से लोगों को प्रेरित करते हैं। उनके इस वीडियो को प्रशंसकों ने काफी पसंद किया है।
मध्य प्रदेश के दमोह से आए अभिनेता सुनील लहरी ने अपने करियर की शुरुआत 'द नक्सलाइट' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'बहारों की मंजिल' और 'फिर आई बरसात' जैसी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि, 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाकर उन्होंने व्यापक लोकप्रियता हासिल की, जिसके लिए उन्हें प्रशंसा प्राप्त हुई।
यह कहा जाता है कि अभिनेता लक्ष्मण के किरदार के लिए उन्होंने ऑडिशन नहीं दिया था। कपिल शर्मा के शो में उन्होंने बताया कि वे शत्रुघ्न के किरदार के लिए ऑडिशन देने आए थे और उनका चयन भी हो गया था। लक्ष्मण के लिए शशि पुरी का चयन किया गया था, लेकिन कुछ समस्याओं के कारण उन्होंने भूमिका छोड़ दी। इसके बाद, रामानंद सागर ने सुनील को लक्ष्मण के लिए चुना।