PM मोदी का 2036 ओलंपिक मेजबानी का संकल्प, युवाओं के लिए अनंत मौकों का वादा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में भारत के खेल भविष्य का खाका खींचा और घोषणा की कि देश 2036 ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तमिलनाडु दौरे पर आए मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के युवाओं के पास अब मंच, संभावना और समर्थन — तीनों हैं, जिसका अर्थ है कि मौके अनंत हैं।
खेलों को करियर बनाने की दिशा में देश का प्रयास
मोदी ने कहा, 'हर युवा के अपने अलग-अलग सपने भी होते हैं। अपनी अलग प्रतिभा भी होती है। आप में से शायद कई साथी ऐसे होंगे जो स्पोर्ट्स को अपना करियर बनाना चाहते होंगे, इसलिए देश भी ये सुनिश्चित कर रहा है कि स्पोर्ट्स केवल मनोरंजन तक सीमित न रहे।' उन्होंने रेखांकित किया कि आज भारत में खेलों के लिए नई सुविधाएँ निर्मित हो रही हैं, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सहयोग मिल रहा है, और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में भारत का कद लगातार बढ़ रहा है।
2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक — दोहरा दांव
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत के अहमदाबाद शहर को सौंपी जा चुकी है। यह इस आयोजन का 100वाँ (शताब्दी) संस्करण होगा — एक ऐतिहासिक मील का पत्थर। इससे पहले भारत ने 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। मोदी ने कहा, 'भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। हम 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी का सपना भी लेकर आगे बढ़ रहे हैं।'
ओलंपिक 2036 की दौड़ में भारत समेत सात देश
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के साथ 2036 ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए निरंतर संवाद में भारत समेत सात देश — जर्मनी, हंगरी, कतर, कोरिया गणराज्य, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की — शामिल हैं। भारत के प्रस्ताव में अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर के रूप में नामित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खेल कैलेंडर में अपनी उपस्थिति को व्यापक स्तर पर दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है।
युवाओं के लिए संदेश — मंच, संभावना और समर्थन
मोदी ने स्वर्ण जयंती समारोह में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'आने वाले वर्षों में दुनिया के बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स भारत में होंगे, इसलिए भारत के युवाओं के पास अब मंच भी है, संभावना भी है और समर्थन भी है। इसका मतलब है कि मौके अनंत हैं। मुझे विश्वास है आपकी पीढ़ी भारत को खेल की दुनिया में भी नई ऊँचाइयों पर लेकर जाएगी।' गौरतलब है कि यह संदेश तमिलनाडु के उस शहर से आया जो क्रिकेट और अन्य खेलों की गहरी परंपरा रखता है।
आने वाले वर्षों में भारत की खेल कूटनीति की असली परीक्षा अहमदाबाद में बुनियादी ढाँचे के निर्माण और IOC के साथ वार्ता की प्रगति से तय होगी।