क्या मोहम्मद कैफ भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान थे, जिन्होंने नेटवेस्ट ट्रॉफी में इंग्लैंड को हराया?
Key Takeaways
- मोहम्मद कैफ ने भारतीय क्रिकेट में एक नई पहचान बनाई।
- उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को जीत दिलाई।
- नेटवेस्ट ट्रॉफी में उनकी पारी ऐतिहासिक रही।
- उनकी फील्डिंग ने उन्हें एक अद्वितीय खिलाड़ी बना दिया।
- कैफ का योगदान भारतीय क्रिकेट के लिए अविस्मरणीय है।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज मोहम्मद कैफ एक अद्वितीय क्रिकेटर रहे हैं, जिन्होंने अपनी बेहतरीन फील्डिंग के माध्यम से भारत को कई मैच जिताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस और फील्डिंग के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एक कप्तान के रूप में, कैफ ने भारत को पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इंग्लैंड की भूमि पर नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में जीत दिलाई थी।
1 दिसंबर 1980 को इलाहाबाद में जन्मे मोहम्मद कैफ ने 1997-98 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा। अगले वर्ष, उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में भी खेलना शुरू किया। घरेलू क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें 2000 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी सौंपी गई।
फाइनल में भारत ने श्रीलंकाई टीम को 178 रन पर रोकते हुए 56 गेंदों में 6 विकेट से मैच जीत लिया। कैफ इस जीत के साथ भारत को पहला अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने वाले कप्तान बने। इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह को 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' घोषित किया गया, जिन्होंने 203 रन बनाए और 12 विकेट लिए।
लगभग एक महीने बाद, कैफ को भारत की टेस्ट टीम में चयनित किया गया। दो वर्षों बाद, उन्होंने वनडे फॉर्मेट में भी पदार्पण किया।
कैफ की अद्भुत स्ट्रोकप्ले, बेहतरीन फील्डिंग और शांत स्वभाव ने उन्हें भारतीय टीम का महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया। 2001-2002 के घरेलू सीजन में, कैफ ने अपनी बल्लेबाजी से गहरी छाप छोड़ी।
2002 की नेटवेस्ट सीरीज में, मोहम्मद कैफ ने नाबाद 87 रन की पारी खेलकर भारत को खिताबी जीत दिलाई।
यह मुकाबला 13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर हुआ था। इंग्लैंड ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 325 रन बनाए। कप्तान नासिर हुसैन ने 115 रन और मार्कस ट्रेस्कोथिक ने 109 रन की पारी खेली।
भारतीय टीम ने विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में 5 विकेट खो दिए, लेकिन कैफ ने युवराज सिंह के साथ 121 रन की साझेदारी करते हुए टीम को जीत दिलाई। युवराज ने 69 रन बनाए, जबकि कैफ ने 75 गेंदों में 2 छक्कों और 6 चौकों के साथ 87 रन की नाबाद पारी खेली। उन्हें इस मैच का 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। उसके बाद, कैफ ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार शतक बनाया।
कैफ को कवर पर शानदार फील्डिंग के लिए जाना जाता है। कई मैचों में, उन्होंने अपनी खराब बल्लेबाजी को शानदार फील्डिंग से छिपा दिया।
हालांकि मोहम्मद कैफ ने भारत के लिए टी20 फॉर्मेट नहीं खेला, लेकिन उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 29 मुकाबलों में 259 रन बनाए। वह अपने समय में राजस्थान रॉयल्स के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे हैं। 2008 की नीलामी में इस फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2.5 करोड़ में खरीदा था।
मोहम्मद कैफ ने भारत की ओर से 13 टेस्ट मैचों में 1 शतक और 3 अर्धशतक के साथ 624 रन बनाए। इसके अलावा, 125 वनडे मैचों में कैफ ने 32.01 की औसत से 2753 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उन्होंने 2 शतक और 17 अर्धशतक लगाए हैं। कैफ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 69 कैच लपके हैं।