सूर्यकुमार यादव का अगला लक्ष्य: लॉस एंजेलिस ओलंपिक में गोल्ड और टी20 विश्व कप 2028 का खिताब
सारांश
Key Takeaways
- सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप जीता और अगले लक्ष्यों का खुलासा किया।
- उनका लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में गोल्ड जीतना है।
- उन्होंने 52 टी20 मैचों में कप्तानी की है और 42 मैच जीते हैं।
- सूर्यकुमार यादव की जीत का प्रतिशत 80.77 है।
- टी20 विश्व कप 2026 में उन्होंने यूएसए के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाए।
अहमदाबाद, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सूर्यकुमार यादव ने एक नया अध्याय लिखा है। एमएस धोनी और रोहित शर्मा के बाद, सूर्यकुमार भारत के तीसरे कप्तान बने हैं जिनकी कप्तानी में टी20 विश्व कप की जीत संभव हुई है। भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर यह खिताब प्राप्त किया। इस शानदार जीत के बाद, सूर्यकुमार यादव ने अपने अगले लक्ष्य भी स्पष्ट किए हैं।
35 वर्ष के हो चुके सूर्यकुमार यादव के बारे में विश्व कप के बाद संन्यास की बातें की जा रही थीं। मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए भारतीय कप्तान ने इन अटकलों को खारिज किया और अपने दो प्रमुख लक्ष्यों का उल्लेख किया।
सूर्यकुमार यादव ने कहा, 'मेरा अगला लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में ओलंपिक गोल्ड जीतना है। इसके साथ ही, हमें उसी वर्ष अपने टी20 विश्व कप खिताब का भी बचाव करना है। इसे न भूलें।'
सूर्या का यह बयान यह दर्शाता है कि अगले दो वर्षों में वह कहीं नहीं जाने वाले हैं।
सूर्यकुमार यादव को टी20 विश्व कप 2024 के बाद इस प्रारूप की कप्तानी दी गई थी। उनका लक्ष्य 2026 में खिताब को अपने घरेलू दर्शकों के सामने बनाए रखना था, और इसमें वह सफल रहे। सूर्यकुमार आईसीसी के पूर्ण सदस्य देशों के कप्तानों में सबसे सफल कप्तान बन गए हैं। उन्होंने कुल 52 टी20 मैचों में कप्तानी की है, जिनमें से टीम इंडिया ने 42 मैच जीते, 8 में हार मिली और 2 का कोई परिणाम नहीं निकला। उनकी जीत का प्रतिशत 80.77 है। दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं।
टी20 विश्व कप 2026 के पहले मैच में यूएसए के खिलाफ नाबाद 84 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाने वाले सूर्या बाद के मैचों में भले ही बड़े स्कोर न बना पाए हों, लेकिन उनकी छोटी पारियों ने कई मैचों में टीम को संभाला और बड़े स्कोर की नींव रखी। उन्होंने विश्व कप में 9 मैचों में 30.25 की औसत से 242 रन बनाए। सैमसन और ईशान के बाद वह टीम के तीसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे।