विमेंस एशिया कप 2026: ऋचा घोष के पिता बोले — 'मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेना बेइज्जती होती', भारत के फैसले का किया समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 सितंबर 2026 को फाइनल में श्रीलंका को हराकर विमेंस एशिया कप 2026 का खिताब जीता — और रिकॉर्ड 8वीं बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया। जीत के उत्सव के बीच एक और चर्चित निर्णय सामने आया: पुरुष टीम की तरह भारतीय महिला टीम ने भी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इस फैसले को विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष के पिता मानबेंद्र घोष ने पूरी तरह सही ठहराया है।
मानबेंद्र घोष का बयान
मानबेंद्र घोष ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कोई ट्रॉफी का बहिष्कार कर रहा है। ट्रॉफी तो हमेशा हमारी ही है। ऐसी फोर्स से जुड़े होने के कारण बदनाम हुए व्यक्ति से ट्रॉफी लेना — जिन्होंने हमें कई तरह से नुकसान पहुँचाया है, जिनमें से एक पहलगाम की घटना भी है — हमारे जख्म नहीं भर सकता। ऐसे इंसान से ट्रॉफी लेना हमारे लिए बेइज्जती होती। मुझे लगता है कि भारतीय टीम का फैसला एकदम सही था।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विरोध ट्रॉफी के प्रति नहीं, बल्कि उसे सौंपने वाले व्यक्ति को लेकर था — एक ऐसा भेद जो इस पूरी बहस में केंद्रीय है।
फाइनल में भारत का दमदार प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। शेफाली वर्मा ने मात्र 39 गेंदों में 68 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने 59 रनों का अहम योगदान दिया।
जवाब में दीप्ति शर्मा (3 विकेट) और श्री चरणी (4 विकेट) की स्पिन जोड़ी ने मिलकर श्रीलंका को महज 111 रनों पर ढेर कर दिया। भारत ने यह मुकाबला 72 रनों के बड़े अंतर से जीता।
टीम की तारीफ में पिता के शब्द
मानबेंद्र घोष ने पूरी टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, 'फाइनल जीतना ही सबसे बड़ी बात होती है। जब लड़कियों ने फाइनल जीता तो हम बहुत खुश और उत्साहित थे। यह किसी एक खिलाड़ी की बात नहीं — सभी ने अच्छा खेला। जिसे भी मौका मिला, उसने अपनी भूमिका निभाई।'
8वीं बार एशिया कप की रानी बनी भारतीय टीम
यह जीत विमेंस एशिया कप के इतिहास में भारत का 8वाँ खिताब है — एक ऐसा रिकॉर्ड जो इस टूर्नामेंट में भारत की अजेय वर्चस्व को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के मद्देनजर क्रिकेट के मैदान पर भी राष्ट्रीय भावनाएँ प्रबल रही हैं।
आगे क्या
मोहसिन नकवी प्रकरण पर बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि पुरुष टीम के इसी तरह के निर्णय के बाद भारतीय महिला टीम का यह कदम और भी सांकेतिक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में ACC और BCCI के बीच इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।