फीफा वर्ल्ड कप 2026: मोरक्को कोच ओआहबी बोले — कनाडा के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में मोरक्को का सामना शनिवार, 5 जुलाई को ह्यूस्टन में कनाडा से होगा। इस निर्णायक मुकाबले की पूर्व संध्या पर मोरक्को के हेड कोच मोहम्मद ओआहबी ने साफ़ शब्दों में कहा कि नॉकआउट दौर में एक भी चूक टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है और कनाडा जैसी अनुशासित टीम के खिलाफ मोरक्को को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
कोच की चेतावनी: गलती की कोई गुंजाइश नहीं
ओआहबी ने मैच-पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'अगर हम अपने स्तर पर नहीं खेले तो हम घर लौट जाएंगे।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नॉकआउट फुटबॉल में मानसिक और तकनीकी तैयारी दोनों एकसाथ ज़रूरी हैं। कोच के अनुसार टीम के सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं। उन्होंने कहा, 'सभी खिलाड़ी ठीक हैं और जो भी मैदान में उतरेंगे, वे 100 प्रतिशत तैयार होंगे।'
टूर्नामेंट में मोरक्को का सफ़र
मोरक्को ने ग्रुप चरण में पाँच बार की चैंपियन ब्राज़ील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर अपनी ताकत का अहसास कराया था। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में टीम ने नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर अंतिम 16 में जगह पक्की की। गौरतलब है कि 2022 कतर वर्ल्ड कप में मोरक्को सेमीफाइनल तक पहुँचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बनी थी — और अब टीम की नज़र लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में पहुँचने पर है।
ब्राहिम डियाज़ की आलोचना पर कोच का जवाब
टीम के स्टार खिलाड़ी ब्राहिम डियाज़ के अपेक्षाकृत सामान्य प्रदर्शन पर हो रही आलोचना के बारे में पूछे जाने पर ओआहबी ने बचाव किया। उन्होंने कहा, 'मैं खिलाड़ियों को सिर्फ गोल या असिस्ट से नहीं आंकता। डियाज़ डिफेंस में भी योगदान दे रहे हैं और टीम के लिए काम कर रहे हैं।' कोच ने उम्मीद जताई कि आने वाले मैचों में डियाज़ गोल भी करेंगे। उनके अनुसार एलीट खिलाड़ियों से हमेशा ज़्यादा उम्मीद रखी जाती है, जो स्वाभाविक है।
कनाडा के खिलाफ ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मोरक्को और कनाडा के बीच अब तक चार मुकाबले खेले गए हैं और मोरक्को को एक भी हार नहीं मिली है। 2022 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में दोनों टीमें आमने-सामने हुई थीं, जहाँ मोरक्को ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। ओआहबी ने कनाडा की भी तारीफ की — उन्होंने कहा कि कनाडा बहुत संगठित और अनुशासित टीम है, उनके खिलाड़ी जानते हैं कि गेंद के साथ क्या करना है और मैदान पर बहुत ध्यान से खेलते हैं।
ऐतिहासिक लक्ष्य की ओर
ओआहबी ने मोरक्को की खेल शैली के बारे में कहा, 'हमारे खिलाड़ियों को बॉल रखना पसंद है, लेकिन वे यह भी जानते हैं कि लंबे समय तक कैसे दौड़ना है। हम ऐसे खिलाड़ी चाहते थे जिनमें स्पीड और तकनीकी क्वालिटी दोनों हों, और अच्छी बात यह है कि हमारे पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनमें ये दोनों चीजें हैं।' यदि मोरक्को कनाडा को हरा देता है, तो वह एक से अधिक बार वर्ल्ड कप के अंतिम आठ में पहुँचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन जाएगी — अफ्रीकी फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय।