मुशफिकुर रहीम दूसरी बार ICC मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ, पाकिस्तान के खिलाफ 253 रनों की दमदार पारी
सारांश
मुख्य बातें
मुशफिकुर रहीम को मई 2026 के लिए आईसीसी मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है — यह सम्मान उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार हासिल किया है। 39 वर्षीय इस अनुभवी बांग्लादेशी बल्लेबाज ने अपने ही देश के साथी तैजुल इस्लाम और नेपाल के ऑलराउंडर दीपेंद्र सिंह ऐरी को पछाड़कर यह खिताब जीता। इससे पहले उन्होंने मई 2021 में भी यह पुरस्कार अपने नाम किया था।
पाकिस्तान के खिलाफ यादगार प्रदर्शन
आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र के तहत पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में मुशफिकुर ने दो मैचों में 63.25 की प्रभावशाली औसत से 253 रन बनाए। पहले टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 71 रन और दूसरी पारी में 22 रन बनाए। इसके बाद सिलहट में खेले गए दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 137 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
बांग्लादेश की ऐतिहासिक सीरीज जीत
मुशफिकुर की इस बल्लेबाजी और उनकी लीडरशिप की बदौलत बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 2-0 से टेस्ट सीरीज में हराया — जो दोनों टीमों के बीच एक यादगार नतीजा रहा। इस जीत के साथ ही मुशफिकुर को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी मिला। गौरतलब है कि इस सीरीज जीत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका में बांग्लादेश की स्थिति को भी मज़बूत किया।
मुशफिकुर की प्रतिक्रिया
पुरस्कार मिलने पर मुशफिकुर ने कहा, 'फिर से आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना जाना बहुत सम्मान की बात है। मुझे इसकी बहुत खुशी है कि यह सम्मान मुझे टेस्ट क्रिकेट में मेरे प्रदर्शन के लिए मिला है। पाकिस्तान के खिलाफ हमारी यादगार सीरीज जीत में मेरे साथी खिलाड़ी तैजुल ने अहम भूमिका निभाई। यह जीत हम सभी लंबे समय तक याद रखेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारी जीत से हमें आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की स्टैंडिंग में ऊपर आने में भी मदद मिली, जिससे टीम के लिए यह उपलब्धि और भी खास हो गई है। मैं अपने साथी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का उनकी मदद के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।'
करियर के आखिरी पड़ाव पर भी अटूट योगदान
यह ऐसे समय में आया है जब मुशफिकुर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंतिम चरण में हैं, फिर भी वे बांग्लादेश क्रिकेट की रीढ़ बने हुए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने न केवल सीरीज में ऐतिहासिक जीत दिलाई, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ में बांग्लादेश की दावेदारी को भी गंभीर बना दिया है। आने वाले महीनों में उनके प्रदर्शन पर पूरे बांग्लादेश की नज़रें टिकी रहेंगी।