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नेशनल फिजिकल डिसेबिलिटी क्रिकेट चैंपियनशिप: महाराष्ट्र, हरियाणा, यूपी और मुंबई सेमीफाइनल में

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नेशनल फिजिकल डिसेबिलिटी क्रिकेट चैंपियनशिप: महाराष्ट्र, हरियाणा, यूपी और मुंबई सेमीफाइनल में

सारांश

बेंगलुरु में जारी नेशनल फिजिकल डिसेबिलिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में महाराष्ट्र, हरियाणा, यूपी और मुंबई ने जगह पक्की की। DCCI सचिव रवि चौहान ने अंडर-19 चैंपियनशिप और BCCI से समर्थन माँगने की योजना का भी ऐलान किया।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र और हरियाणा ने ग्रुप ए से, उत्तर प्रदेश और मुंबई ने ग्रुप बी से सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
सेमीफाइनल शनिवार को बेंगलुरु के स्पोर्ट्स गार्डन ग्राउंड में; फाइनल रविवार को।
टूर्नामेंट की मेज़बानी कर्नाटक स्टेट दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन कर रहा है, जो PCCAI से संबद्ध है।
DCCI सचिव रवि चौहान ने निकट भविष्य में अंडर-19 नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने की योजना की घोषणा की।
एसोसिएशन दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए बेहतर समर्थन हेतु BCCI से औपचारिक संपर्क करेगा।

नेशनल फिजिकल डिसेबिलिटी क्रिकेट चैंपियनशिप में महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मुंबई ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। बेंगलुरु के स्पोर्ट्स गार्डन ग्राउंड में जारी इस टूर्नामेंट में महाराष्ट्र और हरियाणा ने ग्रुप ए से क्वालीफाई किया, जबकि उत्तर प्रदेश और मुंबई ने ग्रुप बी से शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में प्रवेश किया।

सेमीफाइनल मुकाबले

दोनों सेमीफाइनल मैच शनिवार को बेंगलुरु के स्पोर्ट्स गार्डन ग्राउंड में खेले जाएंगे। पहले सेमीफाइनल में मुंबई का सामना महाराष्ट्र से होगा — यह महाराष्ट्र के दो दिग्गज क्षेत्रों के बीच रोमांचक टक्कर होगी। दूसरे सेमीफाइनल में हरियाणा और उत्तर प्रदेश आमने-सामने होंगे। फाइनल मुकाबला रविवार को खेला जाएगा और चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को पुरस्कार दिए जाएंगे।

आयोजन और संगठन

इस चैंपियनशिप की मेज़बानी कर्नाटक स्टेट दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन कर रहा है, जो फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PCCAI) का एक संबद्ध राज्य एसोसिएशन है। गौरतलब है कि PCCAI, डिसेबिलिटी क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) का संस्थापक सदस्य भी है।

युवा प्रतिभाओं का उभरना

DCCI के सचिव रवि चौहान ने कहा कि इस वर्ष की चैंपियनशिप में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं, जिनमें अंडर-19 क्रिकेटर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारत में दिव्यांग क्रिकेट के भविष्य के लिए 'बेहद प्रभावशाली और उत्साहजनक' रहा है। चौहान ने यह भी बताया कि एसोसिएशन निकट भविष्य में एक अंडर-19 नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि युवा दिव्यांग क्रिकेटरों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले।

BCCI से संपर्क और भविष्य की योजनाएँ

चौहान ने बताया कि एसोसिएशन बेहतर समर्थन की माँग करते हुए एक आधिकारिक संचार के माध्यम से BCCI से औपचारिक रूप से संपर्क करेगा। इस प्रस्ताव का उद्देश्य शारीरिक रूप से दिव्यांग क्रिकेटरों को बेहतर अवसर, बुनियादी ढाँचा और वित्तीय सहायता दिलाना है। आने वाले वर्षों में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने की भी योजना है, जिससे खिलाड़ियों को अधिक पहचान और सशक्तिकरण मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या BCCI इस बार औपचारिक मान्यता और फंडिंग के साथ आगे आएगा। अंडर-19 चैंपियनशिप की योजना दीर्घकालिक पाइपलाइन बनाने की सोच दर्शाती है, जो दिव्यांग क्रिकेट को टिकाऊ बनाने के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल फिजिकल डिसेबिलिटी क्रिकेट चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में कौन-सी टीमें हैं?
महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मुंबई ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। महाराष्ट्र और हरियाणा ग्रुप ए से, जबकि उत्तर प्रदेश और मुंबई ग्रुप बी से क्वालीफाई हुए हैं।
सेमीफाइनल और फाइनल मैच कब और कहाँ खेले जाएंगे?
सेमीफाइनल मैच शनिवार को बेंगलुरु के स्पोर्ट्स गार्डन ग्राउंड में खेले जाएंगे, जबकि फाइनल रविवार को होगा। पहले सेमीफाइनल में मुंबई बनाम महाराष्ट्र और दूसरे में हरियाणा बनाम उत्तर प्रदेश का मुकाबला होगा।
इस चैंपियनशिप का आयोजन कौन कर रहा है?
इस चैंपियनशिप की मेज़बानी कर्नाटक स्टेट दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन कर रहा है, जो PCCAI (फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया) से संबद्ध है। PCCAI, DCCI (डिसेबिलिटी क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया) का संस्थापक सदस्य भी है।
DCCI की भविष्य की योजनाएँ क्या हैं?
DCCI सचिव रवि चौहान के अनुसार, एसोसिएशन निकट भविष्य में एक अंडर-19 नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, एसोसिएशन दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए बेहतर बुनियादी ढाँचे और वित्तीय सहायता हेतु BCCI से औपचारिक संपर्क करेगा।
भारत में दिव्यांग क्रिकेट को BCCI की मान्यता क्यों ज़रूरी है?
DCCI के अनुसार, BCCI की मान्यता और समर्थन से दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ, वित्तीय सहायता और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिल सकती है। यह खेल को पूरे देश में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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