9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

5वीं नेशनल दिव्यांग टी20 चैंपियनशिप 2026: उत्तर प्रदेश ने मुंबई को 4 विकेट से हराकर खिताब जीता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
5वीं नेशनल दिव्यांग टी20 चैंपियनशिप 2026: उत्तर प्रदेश ने मुंबई को 4 विकेट से हराकर खिताब जीता

सारांश

बेंगलुरु में खेले गए रोमांचक फाइनल में उत्तर प्रदेश ने मुंबई को 4 विकेट से हराकर 5वीं नेशनल दिव्यांग टी20 चैंपियनशिप 2026 जीती। दीपेंद्र सिंह की 54* और कप्तान राहुल की 13 गेंदों में 31 रनों की पारी ने यूपी को 18.5 ओवर में जीत दिलाई — यह जीत समावेशी खेलों की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश (यूपीडीएसीए) ने 24 मई 2026 को बेंगलुरु में मुंबई को 4 विकेट से हराकर 5वीं नेशनल दिव्यांग टी20 चैंपियनशिप 2026 जीती।
मुंबई ने 20 ओवरों में 7 विकेट पर 171 रन बनाए; रविंद्र सांटे (71*) और विक्रांत केनी (54) प्रमुख बल्लेबाज रहे।
यूपी ने 18.5 ओवरों में 6 विकेट पर 173 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया; दीपेंद्र सिंह (54*) और कप्तान राहुल सिंह (13 गेंदों में 31) निर्णायक रहे।
विंटू यादव को प्लेयर ऑफ द मैच ( ₹7,777 ) और टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ( ₹25,000 ) चुना गया।
चैंपियन उत्तर प्रदेश को ₹2,50,000 , रनर-अप मुंबई को ₹1,25,000 का नकद पुरस्कार मिला।
15 वर्ष से कम आयु के 3 युवा खिलाड़ियों को ₹5,000 प्रत्येक का प्रशंसा पुरस्कार दिया गया।

उत्तर प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट संघ (यूपीडीएसीए) ने 24 मई 2026 को बेंगलुरु में खेले गए रोमांचक फाइनल में मौजूदा चैंपियन मुंबई को 4 विकेट से पराजित कर 5वीं एलीट नेशनल दिव्यांग टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप 2026 का खिताब अपने नाम किया। कर्नाटक राज्य दिव्यांग क्रिकेट संघ (केएसडीसीए) के तत्वावधान में आयोजित इस टूर्नामेंट में 12 टीमों ने भाग लिया।

मुंबई की पारी: सांटे और केनी की साझेदारी

मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 20 ओवरों में 7 विकेट पर 171 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। रविंद्र सांटे ने 71 रनों की नाबाद पारी से टीम को संभाला, जबकि विक्रांत केनी ने 54 रनों का अहम योगदान दिया। उत्तर प्रदेश की ओर से मो. सादिक सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 2 विकेट चटकाए।

उत्तर प्रदेश की जीत: कप्तान राहुल और दीपेंद्र का कमाल

172 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश ने आक्रामक शुरुआत की। कप्तान राहुल सिंह ने मात्र 13 गेंदों में 31 रन ठोककर टीम को धमाकेदार आगाज दिया। विंटू यादव ने 35 रन बनाकर पारी को गति दी। इसके बाद दीपेंद्र सिंह की 54 रनों की नाबाद पारी ने पूरे मैच का रुख पलट दिया और उत्तर प्रदेश ने 18.5 ओवरों में 6 विकेट पर 173 रन बनाकर मैच जीत लिया।

पुरस्कार और सम्मान

फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब विंटू यादव को मिला और उन्हें ₹7,777 का पुरस्कार दिया गया। यादव को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया, जिसके लिए उन्हें ₹25,000 की सम्मान राशि मिली। दीपेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज — दोनों पुरस्कार मिले, प्रत्येक के लिए ₹10,000 दिए गए। चैंपियन टीम उत्तर प्रदेश को ₹2,50,000 का नकद इनाम मिला, जबकि रनर-अप मुंबई को ₹1,25,000 से नवाजा गया। दोनों सेमीफाइनलिस्ट टीमों को ₹50,000 और शेष 8 भागीदार टीमों को ₹20,000 का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। 15 वर्ष से कम आयु के 3 युवा खिलाड़ियों को प्रशंसा पुरस्कार और प्रत्येक को ₹5,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया और समावेशी खेलों को बढ़ावा

दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीसीआई) के महासचिव रवि चौहान ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसी राष्ट्रीय चैंपियनशिप भारत में समावेशी खेलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने दिव्यांग क्रिकेटरों के समर्पण और जज्बे की भूरि-भूरि सराहना की। केएसडीसीए के अध्यक्ष हेमचंद्र के नेतृत्व में टूर्नामेंट का आयोजन सुचारू और पेशेवर तरीके से संपन्न हुआ। खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों ने आयोजन की व्यवस्थाओं और आतिथ्य की प्रशंसा की।

आगे की राह

इस ऐतिहासिक जीत के साथ उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट में अपनी पहचान सबसे मजबूत टीमों में दर्ज करा ली है। गौरतलब है कि केएसडीसीए, फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीसीएआई) की राज्य इकाई है और पीसीसीएआई, डीसीसीआई का संस्थापक सदस्य संघ है — यह संरचना दिव्यांग क्रिकेट के संगठित विकास की नींव है। अगले संस्करण में और अधिक राज्यों की भागीदारी और बेहतर बुनियादी ढाँचे की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि ₹2,50,000 की पुरस्कार राशि और सीमित मीडिया कवरेज अभी भी इन खिलाड़ियों के समर्पण के अनुपात में बेहद कम है। मुख्यधारा की क्रिकेट के मुकाबले दिव्यांग क्रिकेट को मिलने वाला प्रायोजन और प्रसारण समय नगण्य है, जो समावेशिता के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करता है। डीसीसीआई और पीसीसीएआई जैसी संस्थाओं को इन खिलाड़ियों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से ठोस नीतिगत समर्थन दिलाने की दिशा में और सक्रिय होना होगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5वीं नेशनल दिव्यांग टी20 चैंपियनशिप 2026 किसने जीती?
उत्तर प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट संघ (यूपीडीएसीए) ने 24 मई 2026 को बेंगलुरु में खेले गए फाइनल में मुंबई को 4 विकेट से हराकर यह खिताब जीता। यह टूर्नामेंट कर्नाटक राज्य दिव्यांग क्रिकेट संघ (केएसडीसीए) के तत्वावधान में आयोजित हुआ था।
फाइनल मैच में उत्तर प्रदेश की जीत कैसे हुई?
मुंबई के 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश ने 18.5 ओवरों में 6 विकेट पर 173 रन बनाए। दीपेंद्र सिंह की 54 रनों की नाबाद पारी और कप्तान राहुल सिंह की 13 गेंदों में 31 रनों की आक्रामक शुरुआत जीत की नींव बनी।
टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौन रहा?
उत्तर प्रदेश के विंटू यादव को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया और उन्हें ₹25,000 की सम्मान राशि दी गई। वे फाइनल के प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे, जिसके लिए उन्हें ₹7,777 का अतिरिक्त पुरस्कार मिला।
चैंपियनशिप में पुरस्कार राशि का वितरण कैसे हुआ?
चैंपियन उत्तर प्रदेश को ₹2,50,000 और रनर-अप मुंबई को ₹1,25,000 मिले। दोनों सेमीफाइनलिस्ट टीमों को ₹50,000, आठ अन्य भागीदार टीमों को ₹20,000 और 15 वर्ष से कम आयु के तीन युवा खिलाड़ियों को ₹5,000 प्रत्येक का प्रशंसा पुरस्कार दिया गया।
यह चैंपियनशिप किस संस्था ने आयोजित की और इसका महत्व क्या है?
यह चैंपियनशिप केएसडीसीए द्वारा आयोजित की गई, जो फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीसीएआई) की राज्य इकाई है। पीसीसीएआई, दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीसीआई) का संस्थापक सदस्य संघ है, और यह टूर्नामेंट भारत में समावेशी खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले