तुमकुर में नेशनल अंडर-20 एथलेटिक्स: 1,059 एथलीट्स का महामुकाबला, एशियन चैंपियनशिप की दौड़ भी शुरू

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तुमकुर में नेशनल अंडर-20 एथलेटिक्स: 1,059 एथलीट्स का महामुकाबला, एशियन चैंपियनशिप की दौड़ भी शुरू

सारांश

कर्नाटक के तुमकुर में नेशनल अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू — 1,059 एथलीट्स हांगकांग एशियन चैंपियनशिप का टिकट पाने के लिए भिड़ेंगे। पार्थ सिंह, बापी हांसदा और मोहम्मद अशफाक जैसे स्टार खिलाड़ियों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Key Takeaways

  • तुमकुर (कर्नाटक) के महात्मा गांधी स्टेडियम में 25 अप्रैल 2025 से तीन दिवसीय नेशनल अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू हो रही है।
  • कुल 1,059 एथलीट भाग ले रहे हैं, जिनमें 709 पुरुष ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी शामिल हैं।
  • यह स्पर्धा हांगकांग एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप के लिए आधिकारिक क्वालीफाइंग इवेंट है।
  • झारखंड के पार्थ सिंह और ओडिशा के प्रतीक महाराणा पुरुषों की 100 मीटर में आमने-सामने होंगे।
  • ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय धावक बापी हांसदा चोट के बाद इस प्रतियोगिता से मैदान में वापसी कर रहे हैं।
  • पहले दिन महिलाओं की 100 मीटर (37 एंट्री), पोल वॉल्ट और डिस्कस थ्रो में भी पदकों का फैसला होगा।

तुमकुर (कर्नाटक), 23 अप्रैल। कर्नाटक के तुमकुर स्थित महात्मा गांधी स्टेडियम में शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 से तीन दिवसीय नेशनल जूनियर (अंडर-20) एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आगाज हो रहा है। इस प्रतिष्ठित स्पर्धा में देशभर से 1,059 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें 709 पुरुष ट्रैक एंड फील्ड एथलीट शामिल हैं। खास बात यह है कि यह प्रतियोगिता अगले महीने हांगकांग में आयोजित होने वाली एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाइंग इवेंट का भी काम करेगी।

प्रतियोगिता का महत्व और क्वालीफिकेशन दांव

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने हांगकांग एशियन अंडर-20 मीट के लिए क्वालिफिकेशन मानक पहले ही जारी कर दिए हैं। इस तीन दिवसीय आयु-वर्ग स्पर्धा में देश के होनहार जूनियर एथलीट न केवल राष्ट्रीय खिताब के लिए, बल्कि भारतीय जर्सी पहनने के सपने को साकार करने के लिए भी मैदान में उतरेंगे। यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य की झलक दिखाने वाला मंच बन गई है, जहां अगली पीढ़ी के स्टार खिलाड़ी अपनी पहचान बनाने को तैयार हैं।

गौरतलब है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में जूनियर एथलेटिक्स में उल्लेखनीय प्रगति की है। एएफआई की रणनीति रही है कि घरेलू जूनियर प्रतियोगिताओं को अंतरराष्ट्रीय क्वालीफायर से जोड़कर एथलीट्स पर प्रदर्शन का सकारात्मक दबाव बनाया जाए, ताकि वे वास्तविक प्रतिस्पर्धा के माहौल में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें।

पहले दिन के प्रमुख इवेंट और दिग्गज एथलीट

उद्घाटन दिवस पर पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 5,000 मीटर ट्रैक रेस पहला मेडल इवेंट होगी। झारखंड के उभरते स्प्रिंटर पार्थ सिंह पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में अपना दबदबा कायम करने के इरादे से उतरेंगे। उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में ओडिशा के प्रतीक महाराणा का नाम सबसे आगे है। पार्थ सिंह का 2025 सीजन अब तक शानदार रहा है और वे इस मंच पर भी अपनी रफ्तार का लोहा मनवाना चाहेंगे।

ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय 400 मीटर धावक बापी हांसदा के लिए यह प्रतियोगिता विशेष रूप से अहम है। बापी 2025 में उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स के दौरान लगी चोट के कारण लंबे अंतराल के बाद ट्रैक पर वापसी कर रहे हैं। उनकी वापसी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि ओडिशा एथलेटिक्स के लिए भी बड़ा संकेत है।

केरल के उभरते क्वार्टर-माइलर मोहम्मद अशफाक ने भी अपनी एंट्री पक्की कर ली है। अशफाक का लक्ष्य हांगकांग एशियन अंडर-20 मीट के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है।

प्रतिस्पर्धा का विस्तार: आंकड़ों की जुबानी

पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में 79 एथलीट मैदान में हैं, जबकि 200 मीटर में 93 प्रतियोगी शीर्ष तीन स्थानों के लिए भिड़ेंगे। 400 मीटर (क्वार्टर-माइल) में 89 पुरुष एथलीट सर्वोच्च सम्मान के लिए जोर आजमाएंगे।

महिला वर्ग में 100 मीटर दौड़ में 37 एंट्रीज आई हैं और पहले ही दिन सबसे तेज महिला एथलीट का फैसला हो जाएगा। इसके अलावा पहले दिन महिलाओं की पोल वॉल्ट और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में भी पदकों का निर्धारण होगा।

भारतीय जूनियर एथलेटिक्स: व्यापक परिप्रेक्ष्य

भारत में जूनियर एथलेटिक्स की यह प्रतियोगिता ऐसे समय में हो रही है जब देश 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों को लेकर अपनी पाइपलाइन मजबूत करने में जुटा है। एएफआई की नीति रही है कि अंडर-20 स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाया जाए। हांगकांग एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो पड़ोसी देश चीन और जापान अपने जूनियर एथलीट्स को बहुत कम उम्र से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव दिलाते हैं। भारत भी अब इसी राह पर चल रहा है और तुमकुर जैसे शहरों में बड़े आयोजन करना इसी रणनीति का हिस्सा है।

आने वाले तीन दिनों में महात्मा गांधी स्टेडियम में जो प्रदर्शन होगा, वह तय करेगा कि हांगकांग में भारत का प्रतिनिधित्व कौन से युवा एथलीट करेंगे। यह स्पर्धा भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

Point of View

बल्कि भारत की ओलंपिक पाइपलाइन का एक अहम पड़ाव है। एएफआई की यह रणनीति सराहनीय है कि घरेलू जूनियर इवेंट को सीधे अंतरराष्ट्रीय क्वालीफायर से जोड़ा जाए — इससे युवा एथलीट्स पर प्रदर्शन का वास्तविक दबाव बनता है। हालांकि, सवाल यह भी उठता है कि क्या झारखंड, ओडिशा और केरल जैसे राज्यों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पर्याप्त बुनियादी ढांचा और वित्तीय सहायता मिल रही है, या वे सिस्टम से लड़कर यहां तक पहुंचे हैं? 2028 ओलंपिक की दौड़ में भारत को सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि एक मजबूत समर्थन तंत्र की भी जरूरत है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

नेशनल अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2025 कहां और कब आयोजित हो रही है?
यह प्रतियोगिता 25 से 27 अप्रैल 2025 तक कर्नाटक के तुमकुर स्थित महात्मा गांधी स्टेडियम में आयोजित हो रही है। इसमें देशभर से 1,059 एथलीट भाग ले रहे हैं।
क्या यह प्रतियोगिता एशियन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफायर है?
हां, यह स्पर्धा हांगकांग में होने वाली एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए आधिकारिक क्वालीफाइंग इवेंट है। एएफआई ने इसके लिए क्वालिफिकेशन मानक पहले ही जारी कर दिए हैं।
पहले दिन कौन-कौन से मेडल इवेंट होंगे?
पहले दिन पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 5,000 मीटर रेस, 100 मीटर दौड़, महिलाओं की पोल वॉल्ट और डिस्कस थ्रो में पदकों का फैसला होगा।
इस प्रतियोगिता में कौन से प्रमुख एथलीट भाग ले रहे हैं?
झारखंड के पार्थ सिंह, ओडिशा के बापी हांसदा और केरल के मोहम्मद अशफाक इस प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षण हैं। बापी हांसदा चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं।
पुरुषों की 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में कितने एथलीट हैं?
पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में 79 एथलीट और 200 मीटर में 93 प्रतियोगी मैदान में हैं। 400 मीटर में 89 पुरुष एथलीट शीर्ष सम्मान के लिए जोर आजमाएंगे।
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