ओडिशा ने जीती 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर मेन नेशनल चैंपियनशिप, मध्य प्रदेश को 2-1 से हराया; पंजाब ने झारखंड को 6-3 से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने 8 अगस्त 2026 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में खेले गए रोमांचक फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश को 2-1 से पराजित कर 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 - डिवीजन 'ए' का खिताब अपने नाम किया। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में हॉकी पंजाब ने हॉकी झारखंड को 6-3 से मात देकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
फाइनल का रोमांचक घटनाक्रम
मनदीप केरकेट्टा ने मैच के महज दूसरे मिनट में गोल दागकर ओडिशा को शुरुआती बढ़त दिला दी और मध्य प्रदेश पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना दिया। दोनों टीमें मिडफील्ड पर नियंत्रण और अटैकिंग सर्कल में मौके बनाने की होड़ में लगी रहीं, जिससे मुकाबला तनावपूर्ण बना रहा।
37वें मिनट में सोहिल अली ने मध्य प्रदेश के लिए बराबरी का गोल करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया और अंतिम क्वार्टर को और रोमांचक बना दिया। ओडिशा ने दबाव में भी अपना संयम नहीं खोया।
45वें मिनट में ओडिशा के कप्तान दीपक प्रधान ने निर्णायक गोल दागकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। मध्य प्रदेश ने अंतिम पलों में बराबरी के लिए भरसक प्रयास किया, लेकिन ओडिशा का डिफेंस अडिग रहा और टीम ने खिताब अपने नाम किया।
ब्रॉन्ज मेडल मैच: पंजाब का दबदबा
तीसरे स्थान के मुकाबले में हॉकी पंजाब ने शानदार आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए हॉकी झारखंड को 6-3 से हराया। गुरविंदर सिंह ने 11वें मिनट में पहला गोल दागकर पंजाब को बढ़त दिलाई।
पंजाब के कप्तान जरमन सिंह ने 34वें और 36वें मिनट में तेज़ी से दो गोल कर टीम की पकड़ मज़बूत की। अजयपाल सिंह ने 41वें मिनट में और चरणजीत सिंह ने 52वें व 53वें मिनट में गोल दागकर पंजाब का स्कोर 6 पर पहुँचाया।
झारखंड की ओर से पात्रास हस्सा ने 33वें, 40वें और 56वें मिनट में हैट्रिक लगाकर टीम को संघर्षशील बनाए रखा, लेकिन पंजाब की बढ़त को पाटना संभव नहीं हो सका।
चैंपियनशिप का महत्व
यह आयोजन भारतीय जूनियर हॉकी की सबसे प्रतिष्ठित राज्य-स्तरीय प्रतियोगिताओं में से एक है, जो उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर देती है। ओडिशा की यह जीत राज्य में हॉकी के बढ़ते बुनियादी ढाँचे और युवा प्रतिभाओं के विकास को रेखांकित करती है।
आगे क्या
इस चैंपियनशिप में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नज़र में आ सकते हैं। दीपक प्रधान और मनदीप केरकेट्टा जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन आगामी जूनियर राष्ट्रीय शिविरों में उनकी दावेदारी को मज़बूत करेगा।