वनडे विश्व कप 2027: जिम्बाब्वे के तीन शहर मेजबान, मुकुहलानी बोले — 'यह हमारी क्षमता पर भरोसे का प्रतीक'
सारांश
मुख्य बातें
जिम्बाब्वे क्रिकेट के अध्यक्ष तवेंग्वा मुकुहलानी ने 31 जुलाई को कहा कि आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 की सह-मेजबानी जिम्बाब्वे के लिए ऐतिहासिक सम्मान है और यह देश की वैश्विक क्रिकेट आयोजन-क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय भरोसे को दर्शाता है। यह टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में संयुक्त रूप से आयोजित होगा, जिसमें जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स को मेजबान शहरों के रूप में चुना गया है।
मुकुहलानी का बयान
जिम्बाब्वे क्रिकेट के आधिकारिक बयान में मुकुहलानी ने कहा, 'आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 को आयोजित करने की हमारी यात्रा में यह एक और अहम पड़ाव है। हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स को मेजबान शहर के तौर पर घोषित किया जाना जिम्बाब्वे के लिए बहुत बड़ा सम्मान है और विश्वस्तरीय क्रिकेट इवेंट्स कराने की हमारी क्षमता पर भरोसा दिखाता है।' उन्होंने आगे कहा कि यह टूर्नामेंट न केवल क्रिकेट, बल्कि जिम्बाब्वे की संस्कृति, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों को विश्व मंच पर प्रस्तुत करने का दुर्लभ अवसर है।
तैयारियाँ जोरों पर
जिम्बाब्वे क्रिकेट के प्रबंध निदेशक गिवमोर माकोनी ने बताया कि स्थायी छाप छोड़ने के लिए तैयारियाँ पहले से ही तेज़ गति से चल रही हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी तैयारी अच्छी चल रही है और इस घोषणा से हमें और भी ज़्यादा गति मिली है। हम आईसीसी और अपने साथी मेजबान देशों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि टूर्नामेंट का हर पहलू सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरे।' गौरतलब है कि विक्टोरिया फॉल्स में विश्व कप को ध्यान में रखते हुए एक नया स्टेडियम भी निर्माणाधीन है।
विरासत और आर्थिक अवसर
माकोनी ने यह भी रेखांकित किया कि जिम्बाब्वे इस आयोजन को केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विरासत के निर्माण के अवसर के रूप में देख रहा है। उनके अनुसार, इससे आधारभूत संरचना का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आर्थिक गतिविधियाँ और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा — सभी एक साथ संभव होंगे।
अफ्रीका में 24 साल बाद विश्व कप
यह ऐसे समय में आया है जब अफ्रीका महाद्वीप में 2003 के बाद पहली बार वनडे विश्व कप की वापसी हो रही है। उस बार दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त मेजबानी की थी। आईसीसी ने इस बार तीनों देशों के कुल 12 वेन्यू का चयन किया है। 2027 का टूर्नामेंट न केवल अफ्रीकी क्रिकेट के पुनरुत्थान का प्रतीक होगा, बल्कि जिम्बाब्वे जैसे देशों के लिए वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित करने का सुनहरा मौका भी।