कगिसो रबाडा बोले — घरेलू वनडे वर्ल्ड कप 2027 दबाव नहीं, 'किले की रक्षा' का मौका
सारांश
मुख्य बातें
साउथ अफ्रीका के स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने स्पष्ट किया है कि 2027 आईसीसी क्रिकेट वनडे वर्ल्ड कप घरेलू मैदान पर आयोजित होने से प्रोटियाज टीम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं आएगा। जोहान्सबर्ग में वर्ल्ड कप 2027 के वेन्यू और ब्रांड घोषणा कार्यक्रम में रबाडा ने कहा कि टीम इसे बोझ नहीं, बल्कि अपने 'घर की रक्षा' करने के अवसर के रूप में देखती है।
मुख्य घटनाक्रम
साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया मिलकर 2027 में 50 ओवर के वर्ल्ड कप के 14वें संस्करण की सह-मेजबानी करेंगे। यह टूर्नामेंट प्रोटियाज टीम के लिए ऐतिहासिक रूप से अहम है, क्योंकि साउथ अफ्रीका अब तक चार बार वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुँचा है, लेकिन खिताब से वंचित रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब टीम के हालिया प्रदर्शन ने उनकी साख को नई ऊँचाई दी है। प्रोटियाज ने 2025 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीता था। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी टीम का हालिया रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है।
रबाडा की प्रतिक्रिया
31 वर्षीय रबाडा ने कहा, "मुझे लगता है कि अभी हमारे लिए इसमें और भी बहुत कुछ है। यह एक तरह से आज़ादी जैसा भी है। मुझे घर पर खेलने और विश्व कप को जीतने की ज़रूरत महसूस करने का कोई दबाव नहीं लगता।" उन्होंने आगे कहा, "यह लगभग ऐसा है जैसे हम घर पर हैं और हम इस किले की रक्षा करने जा रहे हैं। यह टीम का प्रतिनिधित्व करने के बारे में है।"
रबाडा 2019 और 2023 के वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका टीम का हिस्सा रह चुके हैं, इसलिए बड़े टूर्नामेंट का अनुभव उनके पास है।
वसीम अकरम को याद किया
रबाडा ने वर्ल्ड कप के एक यादगार पल का ज़िक्र करते हुए 1992 वर्ल्ड कप फाइनल में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर पाकिस्तान के महान गेंदबाज वसीम अकरम के प्रदर्शन को याद किया। उस फाइनल में वसीम ने इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक स्पेल डालकर पाकिस्तान को पहला वर्ल्ड कप खिताब दिलाया था।
रबाडा ने कहा, "वर्ल्ड कप का एक पल जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। मेरे लिए इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वसीम अकरम का प्रदर्शन लाजवाब था। उनके पास पेस और हुनर था और वसीम अकरम के अंदर जबरदस्त ऊर्जा थी, जिससे पता चलता था कि वह खेलने के लिए ही मैदान पर उतरे हैं।"
टीम का आत्मविश्वास
रबाडा का मानना है कि हालिया सफलताओं ने टीम को बड़े नॉकआउट मैचों का दबाव झेलने में सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा, "हमने दिखाया है कि हम फाइनल और सेमीफाइनल में खेल सकते हैं। बस आखिरी कदम उठाना बाकी है। इसलिए आत्मविश्वास तो है ही। भरोसा भी पक्का है, बस एक कदम और आगे बढ़ना है।"
गौरतलब है कि साउथ अफ्रीका ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब आज तक नहीं जीता है, और 2027 का टूर्नामेंट उनके अपने देश में होगा — यह उनके लिए उस सूखे को खत्म करने का सबसे बड़ा मौका होगा।