विश्व कप 2027 क्वालीफाई करने की अच्छी स्थिति में स्कॉटलैंड: कोच ओवेन डॉकिन्स
सारांश
मुख्य बातें
स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच ओवेन डॉकिन्स ने 18 अगस्त को एडिनबर्ग में कहा कि उनकी टीम 12 साल के वनडे विश्व कप सूखे को समाप्त करने और आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालीफाई करने की मज़बूत स्थिति में है। स्कॉटलैंड ने आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 टूर्नामेंट में सफल प्रदर्शन के बाद अगले साल के वर्ल्ड कप क्वालीफायर इवेंट में जगह पक्की कर ली है। उल्लेखनीय है कि स्कॉटलैंड ने आखिरी बार वनडे विश्व कप 2015 में भाग लिया था।
क्वालीफिकेशन की राह
स्कॉटलैंड अब दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होने वाले वर्ल्ड कप 2027 से महज एक कदम दूर है। विश्व कप में सीधी एंट्री के लिए टीम को 2027 की शुरुआत में होने वाले ग्लोबल क्वालीफायर इवेंट में शीर्ष चार में स्थान बनाना होगा। यह अवसर स्कॉटलैंड के लिए ऐतिहासिक महत्व का है, क्योंकि एक दशक से अधिक समय के बाद टीम इतने करीब पहुँची है।
कोच डॉकिन्स के बयान
क्रिकेट स्कॉटलैंड से बातचीत में डॉकिन्स ने कहा, 'हम अभी अच्छी जगह पर हैं। इस सीरीज ने हमारी टीम के कैरेक्टर और क्षमता को दिखाया है। ग्लोबल क्वालीफायर के लिए क्वालीफिकेशन हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है, और इसमें शामिल हर कोई हमारी तरक्की पर गर्व कर सकता है।' उन्होंने वनडे फॉर्मेट के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'वनडे क्रिकेट वैश्विक गेम के लिए एक बहुत ज़रूरी फॉर्मेट बना हुआ है, और अगर हम दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वर्ल्ड कप तक पहुँचते हैं तो यह एक शानदार कामयाबी होगी — यह एक ग्रुप के तौर पर हमारे लिए सबसे बड़ी कामयाबी होगी।'
त्रिकोणीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन
हाल ही में स्कॉटलैंड ने अपने घरेलू मैदान पर कनाडा और यूएई के खिलाफ खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में शीर्ष स्थान हासिल किया। इस दौरान फिन मैक्रीथ ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा, रिची बेरिंगटन ने फाइनल में शतक लगाया, और लाइल रॉबर्टसन ने डेब्यू करते हुए वनडे क्रिकेट इतिहास का चौथा सर्वश्रेष्ठ स्पेल फेंका। डॉकिन्स ने कहा, 'हालांकि, मुझे सबसे ज़्यादा संतुष्टि टीम के सामूहिक प्रदर्शन से मिलती है।'
सफलता का श्रेय टीम को
कोच ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि संयोग का नतीजा नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह सफलता किस्मत की वजह से नहीं, बल्कि टीम स्किल की वजह से मिली है। इसमें सभी की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और समर्पण का सहयोग है। कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ के काम ने खिलाड़ियों को अपनी योजना में स्पष्टता दी और उन्हें ज़्यादा फिट, मज़बूत और कड़े मुकाबले जीतने में सक्षम बनाया।' अब सभी की निगाहें 2027 क्वालीफायर इवेंट पर टिकी हैं, जहाँ स्कॉटलैंड इतिहास रचने की कोशिश करेगा।