पीसीए ने अमित उनियाल को पुरुष टीम का हेड कोच नियुक्त किया, 2026/27 सीजन से पहले पूरे कोचिंग स्टाफ में बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) ने 2026/27 घरेलू सीजन की शुरुआत से पहले अपने सीनियर पुरुष क्रिकेट ढाँचे में व्यापक फेरबदल करते हुए पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अमित उनियाल को हेड कोच की कमान सौंपी है। उनियाल ने संदीप शर्मा की जगह ली है और इस तरह चार सीजन में पंजाब के चौथे हेड कोच बन गए हैं।
नए कोचिंग स्टाफ की पूरी तस्वीर
हेड कोच के साथ-साथ पीसीए ने पूरे सपोर्ट स्टाफ को नया रूप दिया है। टीपी सिंह को बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है, जो उदय कौल की जगह लेंगे। हरमीत सिंह बॉलिंग कोच की भूमिका में गगनदीप सिंह का स्थान लेंगे, जबकि मनीष शर्मा फील्डिंग कोच के रूप में संदीप सनवाल की जगह आएंगे। इसके अतिरिक्त, सीनियर पुरुष टीम के लिए नई सिलेक्शन कमिटी भी गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष गौरव गुप्ता होंगे।
उनियाल का क्रिकेट और कोचिंग अनुभव
अमित उनियाल पंजाब के लिए 29 फर्स्ट-क्लास और 46 लिस्ट-ए मैच खेल चुके हैं। वे आईपीएल 2009 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे थे। कोचिंग के क्षेत्र में वे 2020/21 सीजन में असिस्टेंट कोच और पिछले सीजन में सिलेक्टर्स के चेयरमैन रह चुके हैं। इससे पहले वे चंडीगढ़ के विभिन्न कोचिंग और चयन सेटअप से जुड़े रहे हैं। उनसे पहले आविष्कार साल्वी, वसीम जाफर और संदीप शर्मा तीनों का कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा।
बदलाव की वजह: रेड-बॉल में लगातार विफलता
यह प्रशासनिक फेरबदल मुख्यतः रणजी ट्रॉफी में पंजाब के निराशाजनक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हुआ है। पिछले तीन सीजन में टीम को 10 हार का सामना करना पड़ा और केवल तीन जीत मिलीं। गौरतलब है कि टीम ने 2023/24 में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी जीती थी, लेकिन सफेद गेंद की सफलता लाल गेंद के खराब प्रदर्शन को नहीं ढक पाई। पिछले सीजन में चयन प्रक्रिया में भी अस्थिरता रही — टीम ने 27 अलग-अलग खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा और तीन अलग-अलग कप्तानों का इस्तेमाल किया।
उनियाल की प्राथमिकताएँ
क्रिकइन्फो को दिए एक साक्षात्कार में उनियाल ने कहा, 'आजकल हर कोई आईपीएल में खेलना चाहता है, इसलिए वे टी20 क्रिकेट पर ज़्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन हमारे पास क्षमता है, हमारे पास टैलेंट है, बस हमें एक यूनिट के तौर पर खेलने की जरूरत है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान रेड-बॉल क्रिकेट में सुधार पर होगा और इसके लिए ऐसे गेंदबाज तैयार करने होंगे जो प्रति मैच 20 विकेट लेने में सक्षम हों। उनियाल ने खिलाड़ियों को स्थिरता और उचित मौका देने पर भी जोर दिया।
आगे क्या
नए कोचिंग स्टाफ और सिलेक्शन कमिटी के साथ पीसीए का लक्ष्य 2026/27 घरेलू सीजन में रणजी ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन करना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनियाल की अगुवाई में नई टीम चयन प्रक्रिया में स्थिरता ला पाती है या नहीं।