पीसीआई ने उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के चलते कोच नवल सिंह को किया बर्खास्त
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नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के चलते द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच नवल सिंह को बर्खास्त कर दिया है। इस बात की पुष्टि पीसीआई के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने रविवार को 'राष्ट्र प्रेस' को दी।
झाझड़िया ने बताया, "बोर्ड ने नवल सिंह को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है।"
सुमित अंतिल, जो कि टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता हैं, ने कोच नवल सिंह पर उत्पीड़न के साथ ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से शिकायत की थी। उन्हें नीरज चोपड़ा का भी समर्थन मिला है, जो कि एक अन्य प्रसिद्ध जैवलिन थ्रोअर हैं।
देश के प्रमुख एथलीटों ने साई को एक लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें नवल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न और बार-बार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। नवल सिंह, सचिन यादव के कोच हैं, जो 2025 विश्व चैंपियनशिप में नीरज से आगे रहकर चौथे स्थान पर रहे थे।
यह लिखित शिकायत 10 अप्रैल को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को दी गई थी, जब यह मामला साई और पीसीआई अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
सुमित अंतिल ने इस मुद्दे को उठाने वाले पहले खिलाड़ी के रूप में कहा कि उन्होंने कोच के व्यवहार को लेकर साई के डिप्टी डायरेक्टर अरुणलाल और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के सीईओ नैश जोहल से शिकायत की थी।
अंतिल के अनुसार, साई अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की, लेकिन पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस अनुभवी कोच की ओर से कई बार मौखिक दुर्व्यवहार, अपमान और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई का निर्णय लिया।
साल 2015 में 'द्रोणाचार्य पुरस्कार' से सम्मानित नवल सिंह ने राष्ट्रीय स्तर के भाला फेंक एथलीटों को प्रशिक्षण देने और युवा कोचों का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।