सुमित अंतिल: दो पैरालंपिक में लगातार गोल्ड, टोक्यो में 68.55 मी. और पेरिस में 70.59 मी. का रिकॉर्ड थ्रो
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 और पेरिस पैरालंपिक 2024 में लगातार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। हरियाणा के सोनीपत जिले के खेवड़ा गांव में 7 जून 1998 को जन्मे सुमित ने जीवन की तमाम विपरीत परिस्थितियों को पार करते हुए पैरालंपिक इतिहास में भारत का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराया। पेरिस में 70.59 मीटर का थ्रो पैरालंपिक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी बना।
बचपन का संघर्ष और परिवार की जिम्मेदारी
सुमित मात्र सात वर्ष के थे जब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनकी माँ ने अकेले दम पर चारों बच्चों का पालन-पोषण किया। सुमित पढ़ाई में भी अव्वल थे और भविष्य की राह सामान्य दिख रही थी।
जिंदगी बदलने वाला हादसा
12वीं कक्षा के दौरान ट्यूशन से बाइक पर घर लौटते समय सुमित एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए, जिसमें उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा। इस हादसे के बाद वह गहरी निराशा में डूब गए। हालांकि, उनके ही गांव के एक पैरा एथलीट से मुलाकात ने उनकी सोच को नई दिशा दी और उन्होंने खेलों में करियर बनाने का संकल्प लिया।
पैरालंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन
टोक्यो पैरालंपिक 2020 में सुमित ने 68.55 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी धाक जमाई। इसके बाद 2022 में हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 2023 और 2024 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया।
पेरिस पैरालंपिक 2024 में सुमित ने 70.59 मीटर का थ्रो फेंककर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि पैरालंपिक इतिहास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ वह लगातार दो पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के विरले एथलीटों में शामिल हो गए।
प्रेरणा और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स वैश्विक मंच पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रहे हैं। सुमित की यात्रा उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है, जो विपरीत परिस्थितियों में अपने सपनों को जीवित रखने का साहस रखते हैं। गौरतलब है कि भाला फेंक स्पर्धा में उनका लगातार बेहतर होता प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वह और भी बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।