फोनबेट विवाद के बाद एंड्रिया पिर्लो इटली कोच की दौड़ से बाहर, FIGC को नए उम्मीदवार की तलाश
सारांश
मुख्य बातें
इटली के महान पूर्व मिडफील्डर एंड्रिया पिर्लो ने 27 जुलाई को पुष्टि की कि वे अब इटली नेशनल फुटबॉल टीम के मुख्य कोच पद की दौड़ में नहीं हैं। रूसी सट्टेबाजी कंपनी फोनबेट के साथ उनके कमर्शियल जुड़ाव को लेकर उठे विवाद और इटैलियन फुटबॉल फेडरेशन (FIGC) तथा इटैलियन सांसदों की आपत्तियों के बाद यह निर्णय लिया गया।
विवाद की जड़ क्या है
47 वर्षीय पिर्लो ने अक्टूबर में फोनबेट के साथ ग्लोबल एंबेसडर के तौर पर एक कमर्शियल एग्रीमेंट साइन किया था। विवाद तब और गहरा गया जब वे अपने पूर्व साथी मार्को माटेराजी के साथ मॉस्को के लुझनिकी स्टेडियम में फोनबेट द्वारा आयोजित एक इवेंट में शामिल हुए। यूक्रेन में रूस के जारी युद्ध के बीच इस उपस्थिति की इटली में व्यापक आलोचना हुई।
FIGC के अधिकारियों और कई इटैलियन सांसदों ने इस जुड़ाव को कोच पद के लिए अनुचित ठहराया। इससे पिर्लो की उम्मीदवारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जो पेप गार्डियोला के इस भूमिका को ठुकराने के बाद जेनारो गैटुसो की जगह के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे।
पिर्लो का पक्ष
सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पिर्लो ने लिखा, 'कल रात यह जानने के बाद कि मैं अब इटली की नेशनल टीम का नेतृत्व करने के लिए उम्मीदवार नहीं हूँ, कुछ बातों को स्पष्ट करना मेरा कर्तव्य है। पिछले कुछ दिनों में, मैंने अपने नाम और इटली की नेशनल टीम के हेड कोच की भूमिका संभालने की संभावना को लेकर हुई बहस को बहुत दुख के साथ देखा है।'
वर्तमान में यूएई प्रो लीग के क्लब यूनाइटेड एफसी के मैनेजर पिर्लो ने जोर दिया कि उन्होंने हमेशा संबंधित देशों के कानूनों और अनुबंधों का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा, 'उस सहयोग को राजनीतिक रंग देना मुझ पर ऐसी सोच थोपने जैसा है जिसे मैंने कभी जाहिर नहीं किया और जो मेरी सोच से मेल नहीं खाती।'
रूसी राजदूत का समर्थन और विवाद का विस्तार
इस पूरे प्रकरण में इटली में रूस के राजदूत एलेक्सी पैरामोनोव ने फेसबुक पर एक खुले पत्र के जरिए पिर्लो के समर्थन में उतरकर आलोचना की निंदा की। पैरामोनोव ने लिखा, 'यह देखकर दुख होता है कि दुनिया भर के खेलों और विदेशों में इटली की छवि को बेहतर बनाने में आपके असाधारण योगदान के बावजूद, अब आपको अपने ही देश में उस सिस्टम द्वारा अलग-थलग किया जा रहा है।' आलोचकों का कहना है कि रूसी राजदूत के इस सार्वजनिक हस्तक्षेप ने विवाद को और जटिल बना दिया।
FIGC की अगली चुनौती
पिर्लो के दौड़ से बाहर होने के बाद FIGC के नवनियुक्त तकनीकी निदेशक और पूर्व एसी मिलान के दिग्गज डिफेंडर पाओलो माल्डिनी नए कोच की तलाश का नेतृत्व कर रहे हैं। चार बार की फीफा विश्व कप विजेता इटली लगातार पिछले तीन विश्व कप संस्करणों से बाहर रही है, और नए कोच की सबसे बड़ी परीक्षा फीफा विश्व कप 2030 के लिए क्वालीफिकेशन होगी। यह ऐसे समय में आया है जब इटैलियन फुटबॉल अपनी वैश्विक साख पुनः स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहा है।