27 जुलाई 2026
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फोनबेट विवाद के बाद एंड्रिया पिर्लो इटली कोच की दौड़ से बाहर, FIGC को नए उम्मीदवार की तलाश

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फोनबेट विवाद के बाद एंड्रिया पिर्लो इटली कोच की दौड़ से बाहर, FIGC को नए उम्मीदवार की तलाश

सारांश

फोनबेट विवाद ने पिर्लो की इटली कोच बनने की राह बंद कर दी — रूसी सट्टेबाजी कंपनी का एंबेसडर और मॉस्को में उपस्थिति इटैलियन राजनीति और फुटबॉल महासंघ दोनों को नागवार गुजरी। अब माल्डिनी के कंधों पर है उस टीम के लिए सही चेहरा खोजने की जिम्मेदारी जो तीन विश्व कप से बाहर है।

मुख्य बातें

एंड्रिया पिर्लो ने 27 जुलाई को पुष्टि की कि वे इटली नेशनल टीम के कोच पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं।
रूसी सट्टेबाजी कंपनी फोनबेट के ग्लोबल एंबेसडर और मॉस्को के लुझनिकी स्टेडियम में उनकी उपस्थिति विवाद की मुख्य वजह बनी।
FIGC के अधिकारियों और इटैलियन सांसदों ने पिर्लो की उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई।
पिर्लो वर्तमान में यूएई प्रो लीग के क्लब यूनाइटेड एफसी के मैनेजर हैं।
नए कोच की तलाश का नेतृत्व FIGC के तकनीकी निदेशक पाओलो माल्डिनी कर रहे हैं।
इटली लगातार पिछले तीन विश्व कप से बाहर है; FIFA विश्व कप 2030 क्वालीफिकेशन नए कोच की सबसे बड़ी चुनौती होगी।

इटली के महान पूर्व मिडफील्डर एंड्रिया पिर्लो ने 27 जुलाई को पुष्टि की कि वे अब इटली नेशनल फुटबॉल टीम के मुख्य कोच पद की दौड़ में नहीं हैं। रूसी सट्टेबाजी कंपनी फोनबेट के साथ उनके कमर्शियल जुड़ाव को लेकर उठे विवाद और इटैलियन फुटबॉल फेडरेशन (FIGC) तथा इटैलियन सांसदों की आपत्तियों के बाद यह निर्णय लिया गया।

विवाद की जड़ क्या है

47 वर्षीय पिर्लो ने अक्टूबर में फोनबेट के साथ ग्लोबल एंबेसडर के तौर पर एक कमर्शियल एग्रीमेंट साइन किया था। विवाद तब और गहरा गया जब वे अपने पूर्व साथी मार्को माटेराजी के साथ मॉस्को के लुझनिकी स्टेडियम में फोनबेट द्वारा आयोजित एक इवेंट में शामिल हुए। यूक्रेन में रूस के जारी युद्ध के बीच इस उपस्थिति की इटली में व्यापक आलोचना हुई।

FIGC के अधिकारियों और कई इटैलियन सांसदों ने इस जुड़ाव को कोच पद के लिए अनुचित ठहराया। इससे पिर्लो की उम्मीदवारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जो पेप गार्डियोला के इस भूमिका को ठुकराने के बाद जेनारो गैटुसो की जगह के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे।

पिर्लो का पक्ष

सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पिर्लो ने लिखा, 'कल रात यह जानने के बाद कि मैं अब इटली की नेशनल टीम का नेतृत्व करने के लिए उम्मीदवार नहीं हूँ, कुछ बातों को स्पष्ट करना मेरा कर्तव्य है। पिछले कुछ दिनों में, मैंने अपने नाम और इटली की नेशनल टीम के हेड कोच की भूमिका संभालने की संभावना को लेकर हुई बहस को बहुत दुख के साथ देखा है।'

वर्तमान में यूएई प्रो लीग के क्लब यूनाइटेड एफसी के मैनेजर पिर्लो ने जोर दिया कि उन्होंने हमेशा संबंधित देशों के कानूनों और अनुबंधों का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा, 'उस सहयोग को राजनीतिक रंग देना मुझ पर ऐसी सोच थोपने जैसा है जिसे मैंने कभी जाहिर नहीं किया और जो मेरी सोच से मेल नहीं खाती।'

रूसी राजदूत का समर्थन और विवाद का विस्तार

इस पूरे प्रकरण में इटली में रूस के राजदूत एलेक्सी पैरामोनोव ने फेसबुक पर एक खुले पत्र के जरिए पिर्लो के समर्थन में उतरकर आलोचना की निंदा की। पैरामोनोव ने लिखा, 'यह देखकर दुख होता है कि दुनिया भर के खेलों और विदेशों में इटली की छवि को बेहतर बनाने में आपके असाधारण योगदान के बावजूद, अब आपको अपने ही देश में उस सिस्टम द्वारा अलग-थलग किया जा रहा है।' आलोचकों का कहना है कि रूसी राजदूत के इस सार्वजनिक हस्तक्षेप ने विवाद को और जटिल बना दिया।

FIGC की अगली चुनौती

पिर्लो के दौड़ से बाहर होने के बाद FIGC के नवनियुक्त तकनीकी निदेशक और पूर्व एसी मिलान के दिग्गज डिफेंडर पाओलो माल्डिनी नए कोच की तलाश का नेतृत्व कर रहे हैं। चार बार की फीफा विश्व कप विजेता इटली लगातार पिछले तीन विश्व कप संस्करणों से बाहर रही है, और नए कोच की सबसे बड़ी परीक्षा फीफा विश्व कप 2030 के लिए क्वालीफिकेशन होगी। यह ऐसे समय में आया है जब इटैलियन फुटबॉल अपनी वैश्विक साख पुनः स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसकी शुरुआत ही विवाद से हुई है। इटली जैसी परंपरागत फुटबॉल महाशक्ति के लिए तीन विश्व कप की अनुपस्थिति के बाद सही कोच चुनना महज प्रशासनिक काम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय फुटबॉल की साख का सवाल है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंड्रिया पिर्लो इटली कोच की दौड़ से बाहर क्यों हुए?
रूसी सट्टेबाजी कंपनी फोनबेट के ग्लोबल एंबेसडर के तौर पर उनकी भूमिका और मॉस्को के लुझनिकी स्टेडियम में एक फोनबेट इवेंट में उनकी उपस्थिति के कारण FIGC अधिकारियों और इटैलियन सांसदों ने आपत्ति जताई। यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच यह जुड़ाव राजनीतिक दृष्टि से विवादास्पद माना गया।
फोनबेट विवाद क्या है और यह इटैलियन फुटबॉल से कैसे जुड़ा?
फोनबेट एक रूसी सट्टेबाजी कंपनी है, जिसके साथ पिर्लो ने अक्टूबर में ग्लोबल एंबेसडर का अनुबंध किया था। यूक्रेन-रूस युद्ध के संदर्भ में इस कंपनी के आयोजन में उनकी भागीदारी को इटली में राजनीतिक और खेल प्रशासन दोनों स्तरों पर अनुचित माना गया।
अब इटली के अगले कोच कौन होंगे?
FIGC के तकनीकी निदेशक पाओलो माल्डिनी नए कोच की तलाश का नेतृत्व कर रहे हैं। अभी किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नए कोच की प्राथमिक जिम्मेदारी FIFA विश्व कप 2030 के लिए इटली को क्वालीफाई कराना होगी।
इटली पिछले कितने विश्व कप से बाहर है?
इटली लगातार पिछले तीन FIFA विश्व कप संस्करणों से बाहर रही है। चार बार की विश्व चैंपियन टीम के लिए यह सबसे लंबा वैश्विक मंच से अनुपस्थिति का दौर है।
पिर्लो अभी किस क्लब के कोच हैं?
पिर्लो इस समय यूएई प्रो लीग के क्लब यूनाइटेड एफसी के मैनेजर हैं। इटली कोच पद की दौड़ से बाहर होने के बाद वे इसी भूमिका में बने रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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