6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रीति पवार का खुलासा: कॉमनवेल्थ गोल्ड से पहले कैसे घटाया 1.5 किलो वजन, क्या है पूरी रणनीति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रीति पवार का खुलासा: कॉमनवेल्थ गोल्ड से पहले कैसे घटाया 1.5 किलो वजन, क्या है पूरी रणनीति

सारांश

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट प्रीति पवार ने पर्दे के पीछे की वह कहानी सुनाई जो दर्शकों को नहीं दिखती — बाउट से पहले 1.5 किलो वजन घटाने की कठिन प्रक्रिया, 3 घंटे में रिकवरी, और क्विलिंग से दबाव को मात देने का अनोखा फॉर्मूला।

मुख्य बातें

प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ग्लासगो में स्वर्ण पदक जीता; भारत ने कुल 10 पदक ( 7 गोल्ड ) मुक्केबाजी में हासिल किए।
प्रीति बाउट से पहले लगभग 1.5 किलो वजन घटाती हैं और वजन जाँच के बाद 3 घंटे में री-हाइड्रेशन व रिकवरी पूरी करती हैं।
मुकाबला सुबह 11 बजे होने पर वे 6:30 बजे तक वजन घटाकर 7 बजे तक री-हाइड्रेशन शुरू करती हैं।
पिछले मार्च की एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल का अनुभव एशियन गेम्स की तैयारी में मददगार माना जा रहा है।
प्रीति क्विलिंग और कैलीग्राफी से मानसिक दबाव को नियंत्रित करती हैं; तेजस्विन शंकर के लिए बनाया पोस्टर चर्चित रहा।

भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ग्लासगो, स्कॉटलैंड में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें 7 गोल्ड मेडल शामिल हैं — एक ऐतिहासिक प्रदर्शन। पदक जीतकर लौटने पर प्रीति के परिवार में खुशी का माहौल है और उनके घरवाले गर्व से भरे हुए हैं।

वजन नियंत्रण: मुक्केबाज की सबसे बड़ी चुनौती

प्रीति पवार ने बताया कि मुकाबले से पहले वजन को सीमा में रखना किसी भी मुक्केबाज के लिए सबसे कठिन काम होता है। उन्होंने कहा, 'वजन कम करना निश्चित रूप से एक चुनौती है — यह एथलीट पर निर्भर करता है। जहाँ तक मेरी बात है, मैं लंबे समय से ऐसा कर रही हूँ। बाउट से पहले मैं लगभग 1.5 किलो वजन कम करती हूँ।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान आहार पर सबसे ज्यादा ध्यान देना पड़ता है। अंतिम चरण में खाना बंद कर दिया जाता है और वजन घटाने के बाद शरीर में पानी की कमी पूरी करना सर्वोच्च प्राथमिकता बन जाती है।

वेइन-इन के बाद रिकवरी की रणनीति

प्रीति ने बताया कि वजन जाँच और मुकाबले के बीच कम से कम 3 घंटे का समय मिलता है। उन्होंने अपना दिनचर्या साझा करते हुए कहा कि यदि मुकाबला सुबह 11 बजे होता है, तो वे सुबह 6:30 बजे तक वजन घटा लेती हैं और 7 बजे तक री-हाइड्रेशन शुरू कर देती हैं। इसके बाद सही पोषण लेना और यदि संभव हो तो थोड़ी नींद लेना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।

मानसिक तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, 'मुझे कल्पना करना पसंद है — मैं मुकाबले से पहले विज़ुअलाइज़ेशन करती हूँ। इससे मुझे मानसिक रूप से बहुत मदद मिलती है।'

एशियन गेम्स की तैयारी

प्रीति ने बताया कि वे आगामी एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। उनके अनुसार एशिया में कई मजबूत देश हैं जो मुक्केबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, इसलिए यह चुनौती बड़ी होगी। हालाँकि उन्होंने कहा कि पिछले मार्च में हुई एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने का अनुभव उनके काम आएगा, क्योंकि एशियन गेम्स में भी ज्यादातर वही प्रतिद्वंद्वी होंगे जिनसे वे पहले भिड़ चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग कैंप में कोचों के साथ मिलकर गेम प्लान तैयार किया जाएगा।

क्विलिंग: दबाव से राहत का अनोखा तरीका

प्रीति पवार सिर्फ रिंग में ही नहीं, बल्कि कला के क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें क्विलिंग और कैलीग्राफी का शौक है। बेलफास्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले हुए ट्रेनिंग कैंप में उन्होंने खाली समय में क्विलिंग से तेजस्विन शंकर के लिए एक पोस्टर बनाया, जिसे तेजस्विन ने सोशल मीडिया पर साझा किया।

प्रीति ने कहा, 'मुझे लगता है कि कुछ समय के लिए ध्यान भटकाना जरूरी है। ओवरथिंकिंग अच्छी नहीं होती। क्विलिंग मुझे दबाव संभालने और मानसिक शांति पाने में मदद करती है।' एशियन गेम्स में प्रीति की यही संतुलित मानसिकता उनका सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुनियोजित तरीका उन्हें साथियों से अलग करता है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या युवा मुक्केबाज बिना उचित निगरानी के इसी राह पर चलें तो स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। एशियन गेम्स की तैयारी में यह मानसिक संतुलन और तकनीकी अनुशासन ही उनका असली पदक-फॉर्मूला है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता?
प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ग्लासगो, स्कॉटलैंड में स्वर्ण पदक जीता। इस टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक हासिल किए, जिनमें 7 गोल्ड मेडल शामिल हैं।
मुक्केबाज बाउट से पहले वजन कैसे कम करते हैं?
प्रीति पवार के अनुसार, बाउट से पहले वे लगभग 1.5 किलो वजन घटाती हैं, जिसके लिए आहार पर कड़ा नियंत्रण रखा जाता है और अंतिम समय में कुछ नहीं खाया जाता। वजन जाँच के बाद री-हाइड्रेशन और सही पोषण से शरीर को जल्द रिकवर किया जाता है।
वजन जाँच और मुकाबले के बीच एथलीट को कितना समय मिलता है?
प्रीति पवार ने बताया कि वजन जाँच और मुकाबले के बीच कम से कम 3 घंटे का समय होता है। सुबह के मुकाबलों में यह समय कम होता है, इसलिए वे 6:30 बजे तक वजन घटाकर 7 बजे से री-हाइड्रेशन शुरू कर देती हैं।
प्रीति पवार एशियन गेम्स की तैयारी कैसे कर रही हैं?
प्रीति पवार पिछले मार्च की एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, जिससे उन्हें एशियन गेम्स के प्रतिद्वंद्वियों का अनुभव मिल चुका है। वे ट्रेनिंग कैंप में कोचों के साथ मिलकर गेम प्लान तैयार करेंगी।
प्रीति पवार मानसिक दबाव को कैसे संभालती हैं?
प्रीति पवार क्विलिंग और कैलीग्राफी के जरिए मानसिक दबाव से राहत पाती हैं। इसके अलावा वे मुकाबले से पहले विज़ुअलाइज़ेशन (मानसिक कल्पना) करती हैं, जिससे उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार होने में मदद मिलती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले