प्रिंस यादव को आयरलैंड-इंग्लैंड T20 में प्लेइंग-11 कैसे मिलेगी जगह, सिराज-अर्शदीप-हर्षित पहले से मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए चार तेज गेंदबाजों में उभरते पेसर प्रिंस यादव का नाम भी शामिल है। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे स्क्वाड में जगह मिलने के बाद प्रिंस ने टी20 चयनकर्ताओं का भरोसा भी जीता है। लेकिन असली सवाल यह है कि मौजूदा पेस आक्रमण की मजबूत कतार के बीच उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिल पाएगी या नहीं।
मुख्य प्रतिस्पर्धा: सिराज, अर्शदीप और हर्षित की तिकड़ी
जसप्रीत बुमराह को इस दौरे के लिए आराम दिया गया है, इसलिए पेस आक्रमण की कमान मोहम्मद सिराज के हाथों में होगी। उनके साथ अर्शदीप सिंह पहले से ही टीम का अहम हिस्सा हैं। इसके अलावा हर्षित राणा पूरी तरह फिट होकर वापस लौटे हैं और टीम प्रबंधन ने उन पर लगातार भरोसा जताया है। हर्षित की एक विशेषता यह भी है कि वह गेंद के साथ-साथ निचले क्रम में बल्ले से भी उपयोगी योगदान दे सकते हैं।
प्रिंस यादव का IPL प्रदर्शन और चयन की वजह
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए प्रिंस ने 14 मैचों में 16 विकेट लिए। उन्होंने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ तब बटोरीं जब उन्होंने विराट कोहली को एक शानदार गेंद पर क्लीन बोल्ड किया। इसी प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और उन्हें राष्ट्रीय दस्ते में जगह मिली।
नीतीश-दुबे की मौजूदगी से और बढ़ी मुश्किल
प्रिंस की राह इसलिए भी आसान नहीं है क्योंकि नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे भी टी20 स्क्वाड में हैं, जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे ऑलराउंड विकल्पों की मौजूदगी में एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज के लिए जगह बनाना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि टीम प्रबंधन प्रिंस को मौका देना भी चाहे, तो वह अवसर केवल आयरलैंड के खिलाफ मिल सकता है — और उस सीरीज में भारत को सिर्फ 2 टी20 मैच ही खेलने हैं।
क्या चयन का फैसला सही था?
यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रिंस को इस दौरे पर ले जाने की बजाय श्रीलंका के खिलाफ होने वाली भारत-A सीरीज में भेजा जाना बेहतर विकल्प होता। उस सीरीज में उन्हें निश्चित रूप से मैदान पर उतरने का मौका मिलता और वे अपनी गेंदबाजी की धार दिखा पाते। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में प्रिंस के प्रदर्शन से ही यह तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है कि उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड में अंतिम एकादश में जगह मिलेगी या नहीं।
यह दौरा प्रिंस यादव के करियर के लिए एक अहम पड़ाव है — चाहे वे खेलें या बेंच पर बैठें, टीम के माहौल और अनुभव से उनका विकास जारी रहेगा।