पीएसएल और आईपीएल की तुलना: पीसीबी की असलियत का पर्दाफाश
सारांश
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नई दिल्ली, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) हमेशा से पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की तुलना इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से करता आया है। हालांकि, बीसीसीआई की तरह, पीसीबी ने कभी भी पीएसएल का आयोजन सही तरीके से नहीं किया है। इसका ताजा उदाहरण आगामी सीजन की शुरुआत से पहले ही सामने आया है।
पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का आयोजन बंद दरवाजों के पीछे किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, पीएसएल के सभी मैच अब छह जगहों के बजाय केवल दो शहरों में आयोजित किए जाएंगे। पीसीबी ने इस निर्णय का कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन संकट को बताया है।
पीसीबी का कहना है कि खर्चों में कटौती के लिए टूर्नामेंट का आयोजन केवल दो स्थानों पर किया जा रहा है। पीएसएल की शुरुआत 26 मार्च को होगी और फाइनल 3 मई को खेला जाएगा।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर जितना पाकिस्तान पर है, उतना ही भारत पर भी है। भारत में भी तेल की कीमतें बढ़ी हैं और अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं। फिर भी, आईपीएल 2026 के आयोजन में कोई कमी नहीं आई है। जहां पीएसएल का आयोजन छह शहरों में होना था, वहीं आईपीएल 10 शहरों में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने खर्च में कटौती के नाम पर टूर्नामेंट के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया है, जो दर्शाता है कि बीसीसीआई का कद पीसीबी से काफी ऊंचा है।
यहाँ तक कि विदेशी खिलाड़ी भी बिना किसी संकोच के पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़कर आईपीएल में खेलने आ रहे हैं। ब्लेसिंग मुजारबानी और दासुन शनाका इसके ताजा उदाहरण हैं। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने पीएसएल छोड़कर आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। इसके बावजूद, खिलाड़ी आईपीएल की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण आईपीएल में मिलने वाला पैसा है, लेकिन इसके साथ ही पीएसएल की तुलना में आईपीएल की अधिक लोकप्रियता भी है।
पीएसएल को लेकर पीसीबी के दावे एक बार फिर खोखले साबित हो रहे हैं। ऐसे में, आईपीएल की बराबरी करना पीएसएल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए अभी भी दूर की कौड़ी प्रतीत होता है।