10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीटी ऊषा को पहले 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' में लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान, अंजू बॉबी जॉर्ज भी नवाज़ी गईं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीटी ऊषा को पहले 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' में लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान, अंजू बॉबी जॉर्ज भी नवाज़ी गईं

सारांश

पहले 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' में AFI ने उन दिग्गजों को सलाम किया जिन्होंने दशकों तक भारतीय एथलेटिक्स की नींव रखी — पीटी ऊषा, अंजू बॉबी जॉर्ज, गुरबचन सिंह रंधावा और बहादुर सिंह चौहान को लाइफटाइम अचीवमेंट से नवाज़ा गया।

मुख्य बातें

पीटी ऊषा को 20 जून 2026 को नई दिल्ली में पहले 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
अंजू बॉबी जॉर्ज , गुरबचन सिंह रंधावा और बहादुर सिंह चौहान को भी यही सम्मान मिला।
पीटी ऊषा के नाम एशियन गेम्स में 11 पदक (4 स्वर्ण, 7 रजत) और एशियन चैंपियनशिप में 23 पदक दर्ज हैं।
अंजू बॉबी जॉर्ज विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली भारत की एकमात्र एथलीट हैं — 2003 पेरिस में लॉन्ग जंप में कांस्य।
पहले संस्करण में 10 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए; यह आयोजन AFI की नई वार्षिक पहल है।

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष और भारतीय ट्रैक एंड फील्ड की दिग्गज स्प्रिंटर पीटी ऊषा को 20 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित पहले 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' समारोह में 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में भारतीय एथलेटिक्स के कई अन्य दिग्गजों को भी इसी पुरस्कार से नवाज़ा गया।

किन्हें मिला लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

पीटी ऊषा के साथ-साथ 1962 के एशियन गेम्स में डेकाथलॉन के स्वर्ण पदक विजेता गुरबचन सिंह रंधावा, राष्ट्रीय टीम के पूर्व मुख्य कोच बहादुर सिंह चौहान, और 2003 पेरिस विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला लॉन्ग जंप में कांस्य पदक जीतने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज को भी 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि अंजू बॉबी जॉर्ज विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली भारत की एकमात्र एथलीट हैं।

पीटी ऊषा की प्रतिक्रिया

इस सम्मान पर पीटी ऊषा ने कहा, 'मुझे इस अवार्ड को जीतने की उम्मीद नहीं थी, क्योंकि मैंने इसके लिए आवेदन नहीं किया था। भारत में अधिकतर ऐसा होता है कि अगर आप अवार्ड के लिए आवेदन नहीं करते हैं, तो आपको अवार्ड नहीं मिलता। यह फेडरेशन, AFI की तरफ से एक बहुत अच्छी पहल है।' यह टिप्पणी भारत में पुरस्कार-प्रक्रिया पर एक महत्त्वपूर्ण टिप्पणी भी मानी जा रही है।

इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स: पहले संस्करण की रूपरेखा

AFI ने ये पुरस्कार एथलेटिक्स के विभिन्न पहलुओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से शुरू किए हैं। पहले संस्करण में 10 श्रेणियाँ रखी गई थीं, जिनमें बेस्ट एथलीट (पुरुष व महिला), बेस्ट कोच, बेस्ट टेक्निकल अधिकारी, बेस्ट राज्य संघ और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रमुख हैं। इन पुरस्कारों का लक्ष्य वर्तमान और पूर्व एथलीटों, कोचों, मेंटर्स, राज्य संघों और स्पॉन्सर्स — सभी को सम्मानित करना है, जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की एथलेटिक्स पहचान बनाने में भूमिका निभाई।

सम्मानित दिग्गजों की उपलब्धियाँ

'इंडियन ट्रैक एंड फील्ड की क्वीन' कही जाने वाली पीटी ऊषा ने एशियन गेम्स में 11 पदक (4 स्वर्ण, 7 रजत) और एशियन चैंपियनशिप में 23 पदक जीते हैं। वे ओलंपिक फाइनल में भी पहुँची थीं — एक ऐसी उपलब्धि जो उन्हें भारतीय एथलेटिक्स की सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों में स्थापित करती है।

गुरबचन सिंह रंधावा ने 1962 के एशियन गेम्स में डेकाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता था और भारतीय एथलेटिक्स के शुरुआती युग के सबसे चमकदार नामों में गिने जाते हैं। बहादुर सिंह चौहान ने राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में कई पीढ़ियों के एथलीटों को तराशने में अहम योगदान दिया।

आगे की राह

AFI के इस पहल को भारतीय एथलेटिक्स समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। माना जा रहा है कि यह वार्षिक समारोह आने वाले वर्षों में एथलेटिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को और प्रोत्साहित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह भी उठता है कि इन दिग्गजों को दशकों बाद संस्थागत मान्यता क्यों मिल रही है। पीटी ऊषा की यह टिप्पणी कि 'आवेदन न करने पर पुरस्कार नहीं मिलता' भारत की खेल-सम्मान प्रणाली की एक गहरी खामी की ओर इशारा करती है। जिस देश में अंजू बॉबी जॉर्ज जैसी विश्व पदक विजेता को संस्थागत स्तर पर पहचान के लिए दशकों इंतजार करना पड़े, वहाँ इस पहल की जरूरत पहले ही थी। AFI को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह समारोह केवल एक बार की औपचारिकता न बने, बल्कि एथलेटिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को निरंतर प्रोत्साहित करने वाला मंच बने।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीटी ऊषा को 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' में कौन-सा सम्मान मिला?
पीटी ऊषा को 20 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित पहले 'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' समारोह में 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा दिया गया।
'इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स' क्या है और इसे किसने शुरू किया?
यह AFI द्वारा शुरू किया गया एक नया वार्षिक पुरस्कार समारोह है, जिसका उद्देश्य एथलेटिक्स के विभिन्न पहलुओं में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देना है। पहले संस्करण में 10 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए, जिनमें बेस्ट एथलीट, बेस्ट कोच और लाइफटाइम अचीवमेंट शामिल हैं।
इस समारोह में पीटी ऊषा के अलावा और किन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला?
पीटी ऊषा के साथ अंजू बॉबी जॉर्ज, गुरबचन सिंह रंधावा और बहादुर सिंह चौहान को भी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये चारों भारतीय एथलेटिक्स के अलग-अलग युगों के प्रतिनिधि हैं।
अंजू बॉबी जॉर्ज की क्या उपलब्धि है जो उन्हें खास बनाती है?
अंजू बॉबी जॉर्ज विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली भारत की एकमात्र एथलीट हैं। उन्होंने 2003 में पेरिस में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में महिला लॉन्ग जंप में कांस्य पदक जीता था।
पीटी ऊषा के एथलेटिक्स करियर की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
पीटी ऊषा ने एशियन गेम्स में 11 पदक (4 स्वर्ण, 7 रजत) और एशियन चैंपियनशिप में 23 पदक जीते हैं। इसके अलावा वे ओलंपिक फाइनल में भी पहुँचीं और 'इंडियन ट्रैक एंड फील्ड की क्वीन' के रूप में जानी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले