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राहुल जाखड़ ने एशियन अंडर-20 डेकाथलॉन में गोल्ड जीता, 7,185 अंकों से बनाया नेशनल रिकॉर्ड

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राहुल जाखड़ ने एशियन अंडर-20 डेकाथलॉन में गोल्ड जीता, 7,185 अंकों से बनाया नेशनल रिकॉर्ड

सारांश

18 साल का एक युवा जो वापी के मैदान में दौड़ते एथलीटों को देखकर खेल की दुनिया में आया — आज उसी जज़्बे ने हांगकांग में इतिहास रच दिया। 7,185 अंकों के साथ राहुल जाखड़ एशिया के नंबर-1 अंडर-20 डेकाथलीट बन गए हैं और भारत का नेशनल रिकॉर्ड उनके नाम है।

मुख्य बातें

राहुल जाखड़ ने हांगकांग में 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की डेकाथलॉन स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता।
7,185 अंकों के साथ अंडर-20 श्रेणी में भारत का नया नेशनल रिकॉर्ड स्थापित किया।
राहुल वैश्विक क्रम में टॉप-8 अंडर-20 डेकाथलीट में शामिल हुए।
18 वर्षीय राहुल SAG के नडियाद HPC में प्रशिक्षण लेते हैं; कोच शिवम उपाध्याय, धर्मेंद्र प्रधान और सतेश उपाध्याय का मार्गदर्शन।
राहुल का अगला लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।

राहुल जाखड़ ने हांगकांग (चीन) में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की डेकाथलॉन स्पर्धा में 7,185 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक जीता और अंडर-20 श्रेणी में भारत का नया नेशनल रिकॉर्ड स्थापित किया। 18 वर्षीय इस युवा एथलीट ने दस कठिन इवेंट्स में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एशिया के टॉप अंडर-20 डेकाथलीट का खिताब हासिल किया और वैश्विक क्रम में भी टॉप-8 में जगह बनाई।

ऐतिहासिक प्रदर्शन का विवरण

डेकाथलॉन एथलेटिक्स की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में गिनी जाती है। एक्सपर्ट एथलेटिक कोच शिवम उपाध्याय के अनुसार, इसमें 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, शॉटपुट, ऊंची कूद, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल्स, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो और 1,500 मीटर दौड़ — कुल दस इवेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा, 'राहुल ने 7,185 अंक अर्जित कर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है और गोल्ड जीता है। अब अंडर-20 श्रेणी में भारत का नेशनल रिकॉर्ड उनके नाम पर है।'

राहुल की प्रेरणादायक पृष्ठभूमि

मूलतः राजस्थान के सीकर जिले से ताल्लुक रखने वाले राहुल का परिवार करीब 30 साल पहले गुजरात के वलसाड जिले के वापी में बस गया, जहाँ उनके पिता निर्माण व्यवसाय से जुड़े हैं। राहुल ने हाल ही में 11वीं कक्षा उत्तीर्ण की है।

उनकी एथलेटिक्स यात्रा एक अप्रत्याशित मोड़ से शुरू हुई — एक शाम वापी के स्थानीय मैदान में उन्होंने एथलीटों को प्रशिक्षण लेते देखा। राहुल ने बताया, 'मैदान में दौड़ रहे लोगों ने मुझसे कहा कि वे इवेंट की तैयारी करने वाले एथलीट्स हैं। अगले ही दिन मैं भी उसी मैदान में दौड़ने लगा, क्योंकि मुझे एथलीट बनना था।' इसके बाद स्कूल की ओर से खेल महाकुंभ में लंबी कूद में स्वर्ण पदक ने उनके संकल्प को और पक्का किया।

प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग

राहुल ने अपने करियर की शुरुआत बनासकांठा जिले के गढ़ स्थित डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल (DLSS) में कोच विपुल चौधरी के मार्गदर्शन में की। प्रतिभा पहचाने जाने के बाद 2024 में उनका चयन स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ गुजरात (SAG) के नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) में हुआ। यह आवासीय केंद्र 200 से अधिक खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स साइंस सहायता और अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करता है। कोच शिवम उपाध्याय, धर्मेंद्र प्रधान और सतेश उपाध्याय के संयुक्त मार्गदर्शन में राहुल ने डेकाथलॉन में अपनी पहचान बनाई।

सरकार और खिलाड़ी की प्रतिक्रिया

गुजरात के उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री हर्ष संघवी ने राहुल को बधाई देते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए मजबूत खेल ढाँचा और विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की हैं। राहुल की उपलब्धि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है।' उन्होंने यह भी बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी की तैयारी के तहत गुजरात में विश्व स्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है।

राहुल ने इस उपलब्धि पर कहा, 'मेरी समग्र यात्रा में मार्गदर्शन और सहयोग देने वाले सभी कोच का मैं आभारी हूँ। अब मेरा सपना कॉमनवेल्थ गेम्स तथा ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए मैं लगातार मेहनत करता रहूँगा।'

आगे की राह

एशिया के टॉप अंडर-20 डेकाथलीट और वैश्विक टॉप-8 में जगह बना चुके राहुल जाखड़ की नज़र अब बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारतीय एथलेटिक्स विश्व स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत कर रही है और गुजरात 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए तैयारी कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए 7,185 अंकों का यह नेशनल रिकॉर्ड उस खाई को पाटने की दिशा में एक ठोस कदम है। हालाँकि असली परीक्षा तब होगी जब राहुल सीनियर वर्ग में कदम रखेंगे — क्योंकि अंडर-20 की सफलता को ओलंपिक स्तर तक ले जाने के लिए निरंतर संस्थागत सहयोग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण अनिवार्य होगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल जाखड़ ने एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में कितने अंक लेकर गोल्ड जीता?
राहुल जाखड़ ने हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की डेकाथलॉन स्पर्धा में 7,185 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने अंडर-20 श्रेणी में भारत का नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया।
डेकाथलॉन में कौन-कौन से दस इवेंट होते हैं?
डेकाथलॉन में 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, शॉटपुट, ऊंची कूद, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल्स, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो और 1,500 मीटर दौड़ — कुल दस इवेंट शामिल होते हैं। कोच शिवम उपाध्याय के अनुसार यह एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है।
राहुल जाखड़ कहाँ के रहने वाले हैं और उनका प्रशिक्षण कहाँ होता है?
राहुल मूलतः राजस्थान के सीकर जिले से हैं, लेकिन उनका परिवार करीब 30 साल पहले गुजरात के वलसाड जिले के वापी में बस गया। फिलहाल वह स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ गुजरात (SAG) के नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
राहुल जाखड़ की एथलेटिक्स यात्रा कैसे शुरू हुई?
राहुल की एथलेटिक्स यात्रा एक संयोग से शुरू हुई — वापी में शाम को घूमते हुए उन्होंने स्थानीय मैदान में एथलीटों को प्रशिक्षण लेते देखा और अगले दिन से खुद भी दौड़ने लगे। इसके बाद स्कूल की ओर से खेल महाकुंभ में लंबी कूद में गोल्ड जीतने से उनका संकल्प पक्का हुआ।
राहुल जाखड़ का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
राहुल ने कहा है कि उनका सपना कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। गुजरात 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, जो उनके लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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