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काजल वाजा ने हांगकांग में जीता सिल्वर, 4x100m रिले में तोड़ा नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड

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काजल वाजा ने हांगकांग में जीता सिल्वर, 4x100m रिले में तोड़ा नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड

सारांश

जूनागढ़ के एक खेतिहर मजदूर की बेटी काजल वाजा ने हांगकांग में 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4x100m रिले सिल्वर जीता और नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा — यह सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि संघर्ष और समर्पण की जीत है।

मुख्य बातें

काजल वाजा ने हांगकांग में 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 4x100 मीटर रिले में सिल्वर मेडल जीता।
भारतीय टीम ने 45.05 सेकंड का समय निकालकर 45.08 सेकंड का पुराना नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड तोड़ा।
काजल जूनागढ़ जिले के चोरवाड़ गांव की 19 वर्षीया स्प्रिंटर हैं; पिता हीराभाई वाजा खेतिहर मजदूर हैं।
मार्च 2025 में भुवनेश्वर में 60 मीटर में 7.50 सेकंड के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण जीता।
काजल 2023 से नाडियाड स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) में उन्नत प्रशिक्षण ले रही हैं।

गुजरात की युवा स्प्रिंट स्टार काजल वाजा ने रविवार, 1 जून 2025 को हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 4x100 मीटर रिले दौड़ में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। भारतीय चौकड़ी ने 45.05 सेकंड का समय निकालकर न केवल पदक जीता, बल्कि 45.08 सेकंड के पुराने नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।

रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन का विवरण

भारतीय रिले टीम में काजल के साथ भावना (तमिलनाडु), आरती (हरियाणा) और निपम (उत्तर प्रदेश) शामिल थीं। चारों धाविकाओं ने मिलकर 45.05 सेकंड का समय दर्ज किया, जो पिछले राष्ट्रीय अंडर-20 रिकॉर्ड से बेहतर है। यह प्रदर्शन महाद्वीपीय स्तर पर भारतीय महिला स्प्रिंटिंग की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

साधारण पृष्ठभूमि, असाधारण संघर्ष

जूनागढ़ जिले के तटीय गांव चोरवाड़ की 19 वर्षीया काजल की यह उपलब्धि उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए और भी उल्लेखनीय है। उनके पिता हीराभाई वाजा एक खेतिहर मजदूर हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद काजल ने अपने एथलेटिक्स करियर पर फोकस बनाए रखा और 12वीं कक्षा में एक साल का अकादमिक विराम लेकर ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी। उनके चाचा मंथन डाभी ने बताया, 'काजल में स्कूल के दिनों से ही खेलों के प्रति जबरदस्त जुनून था और वह प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करती रहीं।'

कोच की नज़र में काजल

काजल के कोच शिवम उपाध्याय इस सफलता का श्रेय उनकी अटूट लगन को देते हैं। उन्होंने कहा, 'काजल देश की सबसे होनहार युवा स्प्रिंटर्स में से एक हैं। उन्होंने गुजरात का गौरव के साथ प्रतिनिधित्व करते हुए 100 मीटर, 200 मीटर और रिले दौड़ में कई मेडल जीते हैं। उनका अनुशासन, आत्मविश्वास और जीतने वाला नज़रिया उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।'

उपलब्धियों की बढ़ती सूची

हांगकांग का यह सिल्वर काजल की पहले से प्रभावशाली उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ता है। इससे पहले उन्होंने रांची में आयोजित साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भी 4x100 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। मार्च 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित पहली इंडोर ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 60 मीटर स्प्रिंट में 7.50 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। 60 मीटर इवेंट में राष्ट्रीय अंडर-20 रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है।

प्रशिक्षण की नींव

काजल की एथलेटिक्स यात्रा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात (SAG) के स्कूल कार्यक्रम से शुरू हुई। 2019 में उन्होंने कोडिनार स्थित जिला स्तरीय स्पोर्ट्स स्कूल (DLSS) में दाखिला लिया। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए 2023 में उनका चयन नाडियाड स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) के लिए किया गया, जहाँ आज भी उन्हें उन्नत प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात खेल अवसंरचना में निवेश को लेकर अपनी पहचान बना रहा है, और काजल उस निवेश का सबसे चमकदार प्रतिफल बनती जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यवस्था की परीक्षा है जो प्रतिभा को पहचानने का दावा करती है। SAG और HPC जैसे सरकारी कार्यक्रमों ने उन्हें मंच दिया, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे ग्रामीण, आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के एथलीटों को समय पर समर्थन मिल रहा है — या वे तब नज़र आते हैं जब पदक जीत चुके होते हैं। भारत की महिला स्प्रिंटिंग में गहराई बढ़ रही है, पर ढाँचागत निवेश अभी भी छिटपुट है। काजल जैसी प्रतिभाएँ अपवाद नहीं, नियम बनें — इसके लिए नीति को पदक-उत्सव से आगे जाना होगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काजल वाजा ने एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में कौन-सा पदक जीता?
काजल वाजा ने हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 4x100 मीटर रिले दौड़ में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। भारतीय टीम ने 45.05 सेकंड का समय निकाला।
क्या भारतीय टीम ने कोई रिकॉर्ड भी तोड़ा?
हाँ, भारतीय 4x100 मीटर रिले टीम ने 45.05 सेकंड के साथ 45.08 सेकंड के पुराने नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड को तोड़ा। यह रिकॉर्ड काजल वाजा, भावना, आरती और निपम की चौकड़ी ने मिलकर बनाया।
काजल वाजा कौन हैं और वे कहाँ से हैं?
काजल वाजा गुजरात के जूनागढ़ जिले के चोरवाड़ गांव की 19 वर्षीया स्प्रिंटर हैं। उनके पिता हीराभाई वाजा एक खेतिहर मजदूर हैं और उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद एथलेटिक्स में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
काजल वाजा की पिछली प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
काजल ने मार्च 2025 में भुवनेश्वर में 60 मीटर स्प्रिंट में 7.50 सेकंड के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने रांची में साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में 4x100 मीटर रिले में रजत पदक जीता है और 60 मीटर इवेंट में राष्ट्रीय अंडर-20 रिकॉर्ड उनके नाम है।
काजल वाजा को किस संस्था से प्रशिक्षण मिल रहा है?
काजल की एथलेटिक्स यात्रा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात (SAG) के स्कूल कार्यक्रम से शुरू हुई। 2019 में वे कोडिनार के जिला स्तरीय स्पोर्ट्स स्कूल से जुड़ीं और 2023 से नाडियाड स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) में उन्नत प्रशिक्षण ले रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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