भारत की अंडर-18 महिला वॉलीबॉल टीम में गुजरात की 3 खिलाड़ी, 16 वर्षीय रजल वाला बनीं कप्तान
सारांश
मुख्य बातें
16वीं एवीसी एशियन विमेंस अंडर-18 वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में गुजरात की तीन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को स्थान मिला है, और इनमें से 16 वर्षीय रजल वाला को राष्ट्रीय टीम की कप्तान नियुक्त किया गया है। 1 से 7 जुलाई तक थाईलैंड के नखोन रत्चासिमा में आयोजित होने वाले इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में 16 एशियाई टीमें खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी।
गुजरात की तीनों खिलाड़ी कौन हैं
रजल वाला गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के सरखाडी गाँव की निवासी हैं। 17 वर्षीय अर्पिता वाधेर उसी जिले के सूत्रपाड़ा तालुका के वावडी गाँव से हैं, जबकि 17 वर्षीय फोरम कागथारा अमरेली जिले से ताल्लुक रखती हैं। तीनों खिलाड़ी नडियाद स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण लेती हैं, जिसे स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात (SAG) संचालित करता है।
चयन प्रक्रिया
अंतिम टीम की घोषणा से पूर्व वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (VFI) ने देशभर से 24 होनहार खिलाड़ियों को एक राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए चुना था। इसी कैंप के प्रदर्शन के आधार पर चैंपियनशिप के लिए अंतिम टीम तैयार की गई। गुजरात की तीनों खिलाड़ियों का चयन राज्य में आयु-वर्ग वॉलीबॉल के बढ़ते स्तर का प्रमाण है।
सरकारी प्रतिक्रिया
गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रजल वाला, अर्पिता वाधेर और फोरम कागथारा को भारतीय टीम में चुने जाने पर बधाई दी और चैंपियनशिप में सफल प्रदर्शन के लिए टीम को शुभकामनाएँ दीं। यह पहली बार है जब एक ही राज्य से तीन खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम की कप्तान भी गुजरात से हो।
टूर्नामेंट का महत्त्व
एशियन वॉलीबॉल कॉन्फेडरेशन (AVC) द्वारा आयोजित यह द्विवार्षिक प्रतियोगिता इस बार 2027 FIVB गर्ल्स अंडर-19 वॉलीबॉल वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए एशियाई क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के रूप में भी काम करेगी। टूर्नामेंट की शीर्ष चार टीमें सीधे वैश्विक मंच पर जगह बनाएंगी। भारत इस प्रतियोगिता में शीर्ष चार में स्थान सुनिश्चित कर विश्व चैंपियनशिप का टिकट हासिल करने के लक्ष्य के साथ उतरेगा।
आगे क्या
रजल वाला के नेतृत्व में भारतीय टीम एशिया की कुछ सबसे मज़बूत युवा वॉलीबॉल टीमों से मुकाबला करेगी। SAG के हाई परफॉर्मेंस सेंटर से निकली इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन न केवल भारत की वर्ल्ड चैंपियनशिप की राह तय करेगा, बल्कि गुजरात में खेल अवसंरचना की सफलता की भी परीक्षा होगी।