क्या खिलाड़ी के लिए अनुशासन और धैर्य आवश्यक हैं? : रोहित शर्मा

सारांश
Key Takeaways
- अनुशासन खेल में सफलता की कुंजी है।
- अभ्यास और तैयारी अनिवार्य हैं।
- धैर्य कठिनाइयों का सामना करने में सहायक है।
- एकाग्रता खेल के प्रदर्शन को बढ़ाती है।
- रोहित शर्मा का रिकॉर्ड उनके समर्पण का प्रमाण है।
मुंबई, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के अनुसार, एक खिलाड़ी के लिए अभ्यास, तैयारी, अनुशासन और धैर्य अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने एकाग्रता के महत्व पर भी जोर दिया।
सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान रोहित शर्मा ने कहा, "जब मैंने क्रिकेट खेलना आरंभ किया, तो अपने सीनियर्स को अनुशासन में देखकर बहुत प्रभावित हुआ। किसी भी खेल में उत्कृष्टता के लिए प्रशिक्षण और तैयारी सर्वोपरि हैं। हमें मैदान पर पांच दिन खेलना होता है, इसलिए तैयारी अनिवार्य है। आप जीवन में कुछ भी करें, तैयारी आवश्यक है। लंबे प्रारूप में खेलने के लिए अभ्यास और धैर्य की आवश्यकता होती है। इसके लिए खेल में एकाग्रता भी आवश्यक है।"
भारत को विश्व कप खिताब जिताने वाले चुनिंदा कप्तानों में शुमार रोहित शर्मा अपने टेस्ट करियर में 67 मुकाबले खेल चुके हैं, जहां उन्होंने 116 पारियों में 40.57 की औसत से 4,301 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 12 शतक और 18 अर्धशतक निकले हैं।
273 वनडे मुकाबलों में इस दिग्गज खिलाड़ी ने 48.76 की औसत से 11,168 रन जुटाए हैं। यह दाएं हाथ का बल्लेबाज इस प्रारूप में तीन दोहरे शतक भी लगा चुका है।
यदि हम रोहित शर्मा के टी20 करियर की बात करें, तो उन्होंने भारत की ओर से 159 मुकाबले खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 32.05 की औसत से 4,231 रन बनाए, जिसमें पांच शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं।
कप्तान के रूप में मुंबई इंडियंस को पांच आईपीएल खिताब दिलाने वाले रोहित शर्मा ने इस लीग में कुल 272 मुकाबले खेलते हुए 29.73 की औसत से 272 रन जुटाए, जिसमें दो शतक और 47 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 129 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 29 शतक और 38 अर्धशत के साथ 9,318 रन भी बनाए हैं।
रोहित शर्मा का शानदार रिकॉर्ड उनके अभ्यास, अनुशासन और धैर्य का ही परिणाम है।