रग्बी प्रीमियर लीग सीजन 2: हैदराबाद हीरोज ने ₹3.75 लाख में खरीदा सुमित कुमार रॉय, खिताब की दावेदारी मज़बूत
सारांश
मुख्य बातें
रग्बी प्रीमियर लीग (आरपीएल) सीजन 2 की नीलामी में सुमित कुमार रॉय सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बने, जिन्हें हैदराबाद हीरोज ने ₹3.75 लाख की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। 16 जून 2026 से शुरू हो रहे इस सीजन में हैदराबाद की नज़रें उस खिताब पर हैं जो पिछले सीजन में उनसे छूट गया था। सुमित का मानना है कि यह मूल्य उन पर कोई दबाव नहीं डालता, बल्कि यह उनके वर्षों के अथक परिश्रम की स्वाभाविक पहचान है।
लीग और टीम का परिचय
दुनिया की पहली फ्रेंचाइजी-आधारित रग्बी सेवंस प्रतियोगिता — रग्बी प्रीमियर लीग — का यह दूसरा संस्करण है। पहले सीजन में छह शहरों की टीमों ने हिस्सा लिया था; इस बार एक अहम बदलाव यह है कि चार टीमों का महिला संस्करण भी पहली बार इस लीग का हिस्सा बना है। हैदराबाद हीरोज ने पिछले सीजन में लीग चरण के सभी मैच जीते, लेकिन नॉकआउट दौर में एकमात्र हार झेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर संतोष करना पड़ा।
टीम निर्माण की रणनीति
सीजन 2 की तैयारी में हैदराबाद ने अनुभव और निरंतरता को प्राथमिकता दी। टीम ने स्पेनिश स्टार मैनुअल मोरेनो और केन्याई खिलाड़ी केविन वेकेसा को रिटेन किया और पिछले सीजन की मुख्य टीम के कई सदस्यों को वापस बुलाने में सफलता पाई। सुमित का रिटेंशन इस रणनीति की केंद्रीय कड़ी है।
सुमित रॉय: मेहनत से मिली पहचान
लीग के सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बनने पर सुमित ने कहा, 'मैं इसे अपनी बरसों की कड़ी मेहनत के तौर पर देखता हूँ। मैं यहाँ इसलिए हूँ, क्योंकि मैंने कड़ी मेहनत की है, इसलिए मुझे इसका कोई दबाव महसूस नहीं होता। मुझे खुद से प्रेरणा मिलती है, क्योंकि कड़ी मेहनत ही मेरे लिए प्रेरणा है।' एशिया रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप में भारत की अंडर-20 टीम की कप्तानी और सीनियर राष्ट्रीय टीम में प्रतिनिधित्व के बाद 24 वर्षीय सुमित भारतीय रग्बी के उभरते चेहरों में अग्रणी हो गए हैं।
बहुराष्ट्रीय ड्रेसिंग रूम: एकता की कहानी
टीम में स्पेन, केन्या और भारत के खिलाड़ियों के बीच तालमेल पर सुमित ने कहा, 'वे बहुत अलग-अलग देशों से आए हैं, इसलिए उनसे जुड़ने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि हम पहली बार उनके साथ खेल रहे हैं — बल्कि ऐसा लगता है कि हम कई वर्षों से साथ खेल रहे हैं।' यह सांस्कृतिक समरसता हैदराबाद की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
भारतीय रग्बी की बड़ी तस्वीर
सुमित सीएएसए सेवंस में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय टीम की अब तक की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि माना जाता है। इसके बावजूद वे मानते हैं कि शीर्ष टीमों के विरुद्ध और अधिक अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र ज़रूरी है। उन्होंने कहा, 'आरपीएल के बाद हमारी एक सीरीज है, जिसमें हम हांगकांग और जापान जैसी बेहतरीन टीमों का सामना करेंगे। अगर इस साल नहीं, तो अगले या उसके अगले साल, हम दुनिया की बेहतरीन टीमों के साथ सबसे ऊँचे स्तर पर मुकाबला करना चाहते हैं।' गौरतलब है कि आरपीएल जैसे मंच भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीखने का दुर्लभ अवसर देते हैं — और यह अनुभव राष्ट्रीय टीम के भविष्य के लिए अमूल्य साबित हो सकता है।