रग्बी प्रीमियर लीग सीजन 2: हैदराबाद हीरोज के कप्तान मैनुअल मोरेनो का संकल्प — '16 खराब मिनट' से सीखकर गोल्ड की राह
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद हीरोज के कप्तान मैनुअल मोरेनो ने स्वीकार किया है कि रग्बी प्रीमियर लीग (आरपीएल) के पहले सीजन में 'सिर्फ 16 खराब मिनट' ने उनकी टीम को गोल्ड मेडल की दौड़ से बाहर कर दिया था। अब 16 जून 2025 से शुरू हो रहे दूसरे सीजन में यह स्पेनिश स्टार अपनी टीम को शीर्ष पर पहुँचाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।
लीग का विस्तार और नई शुरुआत
दुनिया की पहली फ्रेंचाइजी-आधारित रग्बी सेवन्स लीग, रग्बी प्रीमियर लीग, 2025 के सफल पहले सीजन के बाद 16 जून को अपना दूसरा संस्करण शुरू कर रही है। उल्लेखनीय है कि 2026 में इस लीग में चार टीमों वाली महिला प्रतियोगिता भी जोड़ी जाएगी, जो इसे और व्यापक मंच देगी।
हैदराबाद हीरोज ने पहले सीजन में लीग चरण में एक भी मैच नहीं गँवाया और अंततः ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। फ्रेंचाइजी ने अपनी मुख्य टीम को बरकरार रखा है। नीलामी से पहले ही मोरेनो और केन्या के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी केविन वेकेसा को रिटेन किया गया। इसके बाद सुमित रॉय कुमार, संबित प्रधान और वोल्फ्राम हैकर जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी टीम में वापस आ गए।
मुख्य सबक: '16 खराब मिनट' की कहानी
मोरेनो ने पहले सीजन की उस एकमात्र हार को याद करते हुए कहा कि रग्बी में नतीजा कुछ ही पलों में पलट सकता है। उन्होंने कहा, 'हैदराबाद हीरोज पिछले पूरे सीजन में लगभग अजेय रही थी, बस एक खराब गेम — यानी सिर्फ 16 खराब मिनट, और नतीजा उस लक्ष्य से बिल्कुल अलग रहा जो हमने पिछले सीजन में तय किया था। इससे यह बात फिर से साबित होती है कि रग्बी के खेल में नतीजा कुछ ही मिनटों में बदल सकता है और उन पलों में तैयार रहना और जरूरत पड़ने पर रणनीति बदलना सबसे जरूरी है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारे मामले में, इसी वजह से हम गोल्ड मेडल के लिए लड़ने या ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलने के बीच के अंतर को समझ पाए, लेकिन बतौर टीम हम आगे बढ़ते हैं और उससे सीखते हैं।'
मैदान से परे: मेडिकल, मॉडलिंग और मानसिक संतुलन
रग्बी के अलावा, मोरेनो मेडिकल की पढ़ाई और मॉडलिंग असाइनमेंट भी एक साथ संभालते हैं। उनका मानना है कि इन अलग-अलग जिम्मेदारियों ने जीवन और खेल, दोनों के प्रति उनका नजरिया परिपक्व किया है।
उन्होंने कहा, 'इसने मुझे सबसे बड़ी बात यह सिखाई है कि चीजों को एक-एक करके किया जाए; एक साथ सब कुछ करने या हर चीज के बारे में एक साथ सोचने से घबराहट हो सकती है। इसे रग्बी के मैदान पर भी लागू किया जा सकता है, जहाँ कभी-कभी किसी रणनीति को छोटे हिस्सों में बाँटने से खेल का पासा तेजी से पलटा जा सकता है।'
विश्व स्तर पर पहचान और उपलब्धियाँ
मोरेनो आरपीएल के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में से एक हैं। 2023 में टूलूज में हुई वर्ल्ड रग्बी सेवन्स सीरीज में उन्हें 14 सर्वश्रेष्ठ रग्बी सेवन्स खिलाड़ियों में शामिल किया गया था। उसी वर्ष उन्होंने यूरोपियन गेम्स में स्पेन का प्रतिनिधित्व किया और मई 2025 में 2024-25 सेवन्स ड्रीम टीम ऑफ द ईयर में चुने गए।
विविध टीम का नेतृत्व: खुले विचारों की जरूरत
अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को एक सूत्र में पिरोना फ्रेंचाइजी रग्बी की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। मोरेनो ने इस पर कहा, 'जब आप इतने अलग-अलग तरह के खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो खुले विचारों का होना और हर खिलाड़ी के खेलने के अलग-अलग तरीकों को समझना हमेशा जरूरी होता है। एक लीडर के तौर पर मेरे लिए यह समझना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समूह में खुद से और टीम से बेस्ट परफॉर्मेंस कैसे निकलवाई जाए।'
गौरतलब है कि रग्बी के मैदान पर लगातार सीखने की प्रवृत्ति को मोरेनो अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। दूसरे सीजन में हैदराबाद हीरोज की नजरें इस बार सिर्फ ब्रॉन्ज पर नहीं, बल्कि शीर्ष पोडियम पर टिकी हैं।