सैमसन का पहली गेंद पर विकेट रहा मैच का टर्निंग पॉइंट: बाउचर; जीटी ने सीएसके को 89 रनों से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
मार्क बाउचर ने कहा है कि गुजरात टाइटंस (जीटी) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बीच हुए मुकाबले में संजू सैमसन का पहली ही गेंद पर पवेलियन लौटना पूरे मैच का सबसे निर्णायक क्षण था। जीटी ने 229 रनों के विशाल लक्ष्य के सामने सीएसके को 13.4 ओवर में महज 140 रन पर समेटकर 89 रनों की करारी जीत दर्ज की, जिससे सीएसके का इस टूर्नामेंट में सफर भी समाप्त हो गया।
मैच का निर्णायक क्षण
मोहम्मद सिराज ने पहले ओवर की पहली ही गेंद पर सैमसन को शून्य पर आउट कर दिया। बाहर की तरफ जाती गेंद को खेलने के प्रयास में सैमसन विकेटकीपर जोस बटलर को आसान कैच दे बैठे। इस एक झटके ने सीएसके की पूरी पारी की कमर तोड़ दी और टीम लगातार विकेट गंवाती रही।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर बाउचर ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा, "संजू सैमसन शायद अकेले ऐसे बल्लेबाज थे जो उस चेज में गुजरात टाइटंस के लिए असली चुनौती बन सकते थे, इसलिए उन्हें पहली ही गेंद पर आउट करना मैच का एक बहुत बड़ा पल था।"
सिराज की सटीक गेंदबाज़ी
बाउचर ने सिराज की रणनीति की तारीफ करते हुए कहा, "मोहम्मद सिराज ने अपने प्लान को पूरी तरह से लागू किया, खासकर लाल मिट्टी वाली सतह पर जहाँ वह गेंद को ऊपर पिच कर सकते थे और उसे स्विंग करा सकते थे। सिराज की लाइन और लेंथ एकदम सही थी, और सैमसन ने तुरंत बल्ला लगा दिया। उस विकेट ने सीएसके की उम्मीदों को बहुत बड़ा झटका दिया, क्योंकि एक बार सैमसन के जल्दी आउट होने के बाद उन्हें वहाँ से उबरने के लिए कुछ खास प्रदर्शन की ज़रूरत थी।"
गेंदबाज़ों का दबदबा
सिराज और कगिसो रबाडा ने मिलकर 6 विकेट अपने नाम किए, जबकि राशिद खान ने 3 विकेट लेकर सीएसके के बल्लेबाज़ी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। 230 रनों के विशाल लक्ष्य के सामने सीएसके की पूरी टीम 13.4 ओवर में 140 रन बनाकर ढेर हो गई।
जीटी की बल्लेबाज़ी का आधार
इससे पहले, शुभमन गिल (64) और साई सुदर्शन (84) की सलामी जोड़ी ने 125 रनों की साझेदारी कर बड़े स्कोर की नींव रखी। इसके बाद जोस बटलर ने 27 गेंदों पर नाबाद 57 रन बनाकर जीटी को 4 विकेट खोकर 229 रनों के मज़बूत स्कोर तक पहुँचाया।
गिल और सुदर्शन की तारीफ
बाउचर ने दोनों सलामी बल्लेबाज़ों की खासतौर पर सराहना की। उन्होंने कहा, "शुभमन गिल और साई सुदर्शन इसलिए सबसे अलग हैं क्योंकि वे लगातार रन बनाते हैं और हर मैच में उनके अंदर वो भूख नज़र आती है। ऐसे समय में जब टी20 बल्लेबाज़ी को अक्सर लगातार नयापन और हाई-रिस्क शॉट्स से जोड़ा जाता है, लेकिन ये दोनों मज़बूत क्रिकेटिंग बेसिक्स और सही शॉट-सिलेक्शन पर बहुत ज़्यादा भरोसा करते हैं।" इस जीत के साथ जीटी ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मज़बूत कर ली है।