24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अदाणी फाउंडेशन आंध्र प्रदेश की पी4 पहल से जुड़ा, कुप्पम के 'बंगारू कुटुंबम' परिवारों को मिलेगी आजीविका सहायता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अदाणी फाउंडेशन आंध्र प्रदेश की पी4 पहल से जुड़ा, कुप्पम के 'बंगारू कुटुंबम' परिवारों को मिलेगी आजीविका सहायता

सारांश

अदाणी फाउंडेशन ने आंध्र प्रदेश की पी4 पहल के तहत कुप्पम मंडल के 'बंगारू कुटुंबम' परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया है — 29 ग्राम पंचायतों में सिलाई मशीन से लेकर वेल्डिंग किट तक, और 'बंगारू मित्र' सामुदायिक मार्गदर्शकों के ज़रिए स्थायी आजीविका का एक नया मॉडल।

मुख्य बातें

अदाणी फाउंडेशन ने 6 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश की पी4 पहल में 'मार्गदर्शी' भागीदार के रूप में शामिल होने की घोषणा की।
पहल चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल की 29 ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों को कवर करेगी।
लाभार्थी 'बंगारू कुटुंबम' परिवारों को सिलाई मशीन, वेल्डिंग किट, कढ़ाई मशीन और पशुपालन सहायता जैसे आजीविका संसाधन मिलेंगे।
प्रत्येक परिवार को प्रशिक्षित 'बंगारू मित्र' सामुदायिक मार्गदर्शक का सहयोग मिलेगा।
क्रियान्वयन आंध्र प्रदेश महिला अभिवृद्धि सोसाइटी (APMAS) द्वारा किया जाएगा।
चंद्रबाबू नायडू ने कुप्पम दौरे में लाभार्थियों को उपकरण वितरित किए।

अदाणी फाउंडेशन ने 6 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश सरकार की पब्लिक-प्राइवेट-पीपल पार्टनरशिप (पी4) पहल के साथ 'मार्गदर्शी' भागीदार के रूप में साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल में आर्थिक रूप से कमज़ोर उन परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करना है, जिन्हें 'बंगारू कुटुंबम' कहा जाता है। यह पहल कुप्पम मंडल की 29 ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों को कवर करेगी।

पहल का दायरा और उद्देश्य

'ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स टुगेदर: अ पी4 मॉडल फॉर होलिस्टिक प्रोग्रेस ऑफ बंगारू कुटुंबम्स इन कुप्पम मंडल' नामक इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन आंध्र प्रदेश महिला अभिवृद्धि सोसाइटी (APMAS) करेगी। पहल के तहत स्थानीय ज़रूरतों और बाज़ार की माँग के अनुसार रोज़गार के अवसर बढ़ाना, पारिवारिक आय में सुधार, वित्तीय साक्षरता को सशक्त बनाना और सरकारी कल्याण योजनाओं तक पहुँच आसान करना प्रमुख लक्ष्य हैं।

लाभार्थियों को क्या मिलेगा

चयनित परिवारों को उनकी क्षमता के अनुसार आजीविका संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे — जिनमें सिलाई मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग किट, कढ़ाई मशीन, पशुपालन सहायता और किराना स्टोर जैसे सूक्ष्म उद्यम शामिल हैं। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार को प्रशिक्षित सामुदायिक मार्गदर्शक — जिन्हें 'बंगारू मित्र' कहा जाएगा — का सहयोग मिलेगा। ये मित्र व्यवसाय योजना तैयार करने, उद्यम विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में परिवारों की मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री की भागीदारी और प्रतिक्रिया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने विधानसभा क्षेत्र कुप्पम के दौरे के दौरान चयनित लाभार्थी परिवारों को सिलाई मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग किट और कढ़ाई मशीनें वितरित कीं। नायडू ने कहा, 'मैं बंगारू कुटुंबमों के लिए नेतृत्व क्षमता मजबूत करने और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता की सराहना करता हूँ। यह पहल साझा सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डालेगी।' उन्होंने इसे राज्य की पी4 जीरो पॉवर्टी पहल की भावना के अनुरूप बताया।

अदाणी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता

अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, 'स्थायी प्रगति की शुरुआत घर-परिवार से होती है। जब परिवारों को अवसर, उचित सहयोग और टिकाऊ आजीविका बनाने का विश्वास मिलता है, तो वे सिर्फ अपना नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भी भविष्य मजबूत करते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार के साथ पी4 पहल के तहत हमारी साझेदारी बंगारू कुटुंबमों को आत्मनिर्भर बनाने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ग्रामीण गरीबी उन्मूलन के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्राथमिकता दे रही है। गौरतलब है कि पी4 मॉडल आंध्र प्रदेश में सार्वजनिक, निजी और जन-भागीदारी को एकीकृत कर सामाजिक विकास को नई दिशा देने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि कितने परिवार वास्तव में स्थायी आय तक पहुँचते हैं — न कि केवल उपकरण वितरण की संख्या। 'बंगारू मित्र' जैसी सामुदायिक मार्गदर्शक प्रणाली सही दिशा में कदम है, पर इसकी सफलता प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बाज़ार संपर्क पर निर्भर करेगी। गौरतलब है कि कुप्पम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का अपना विधानसभा क्षेत्र है, जो इस पहल को राजनीतिक प्रतीकवाद का आयाम भी देता है। APMAS जैसी संस्था की भागीदारी से जवाबदेही की उम्मीद है, लेकिन स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र के बिना परिणामों का सत्यापन कठिन रहेगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी फाउंडेशन और आंध्र प्रदेश की पी4 पहल क्या है?
पी4 (पब्लिक-प्राइवेट-पीपल पार्टनरशिप) आंध्र प्रदेश सरकार की गरीबी उन्मूलन पहल है, जिसमें अदाणी फाउंडेशन 'मार्गदर्शी' भागीदार के रूप में जुड़ा है। इसका उद्देश्य कुप्पम मंडल के आर्थिक रूप से कमज़ोर 'बंगारू कुटुंबम' परिवारों को स्थायी आजीविका के अवसर दिलाना है।
'बंगारू कुटुंबम' कौन हैं और इन्हें क्या सहायता मिलेगी?
'बंगारू कुटुंबम' आंध्र प्रदेश में आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए प्रयुक्त शब्द है। इन परिवारों को सिलाई मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग किट, कढ़ाई मशीन, पशुपालन और किराना जैसे सूक्ष्म उद्यमों के लिए संसाधन दिए जाएँगे, साथ ही 'बंगारू मित्र' नामक सामुदायिक मार्गदर्शकों का सहयोग भी मिलेगा।
इस पहल का क्रियान्वयन कौन करेगा और इसका दायरा कितना है?
पहल का क्रियान्वयन आंध्र प्रदेश महिला अभिवृद्धि सोसाइटी (APMAS) करेगी। यह कुप्पम मंडल की 29 ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों को कवर करेगी।
'बंगारू मित्र' की क्या भूमिका होगी?
'बंगारू मित्र' प्रशिक्षित सामुदायिक मार्गदर्शक होंगे जो लाभार्थी परिवारों को व्यवसाय योजना बनाने, वित्तीय साक्षरता, उद्यम विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करेंगे। ये मार्गदर्शक परिवारों और सरकारी तंत्र के बीच सेतु का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस पहल पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुप्पम दौरे में लाभार्थियों को उपकरण वितरित करते हुए इसे 'साझा सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की पी4 जीरो पॉवर्टी पहल की भावना को मजबूत करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले