टी20 वर्ल्ड कप: संजू सैमसन ने अनदेखी को दरकिनार कर दिखाई उत्कृष्टता
सारांश
Key Takeaways
- संजीव सैमसन की महत्वपूर्ण पारियों ने टीम को सेमीफाइनल में पहुँचाया।
- अनदेखी के बावजूद उन्होंने खुद को साबित किया।
- टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
- बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास बनाया।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। इस सफलता में संजीव सैमसन का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 97 रनों की नाबाद पारी खेली, जिससे टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में सैमसन ने केवल 42 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेली।
संजीव सैमसन ने लगातार अनदेखी के बावजूद भरोसा कायम रखा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मिले हर मौके का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। हालांकि, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ यादगार पारियों से पहले उन्हें कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। हर बार उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ा। जब उनकी फॉर्म पर सवाल उठाए गए, सैमसन ने हर बार दमदार जवाब दिया।
एशिया कप 2025 से पहले संजीव सैमसन बल्ले से काफी प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे थे और यह माना जा रहा था कि वह अभिषेक शर्मा के सलामी जोड़ीदार होंगे। लेकिन शुभमन गिल को शामिल करने के चलते सैमसन का बल्लेबाजी क्रम बदल गया। एशिया कप में उन्हें कभी नंबर पांच तो कभी छह पर बल्लेबाजी करनी पड़ी, जिसके कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में संजीव का बल्ला खामोश रहा, जबकि ईशान किशन ने शानदार प्रदर्शन किया। ईशान ने चार मुकाबलों में 231 के स्ट्राइक रेट से 215 रन बनाए। उनकी बेहतरीन फॉर्म के चलते संजीव को एक बार फिर से ओपनर की जिम्मेदारी से हटा दिया गया।
हालाँकि, संजीव सैमसन का सही मौके की तलाश जारी थी। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के प्रारंभिक मैचों में उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा। लेकिन सुपर-8 राउंड में, रिंकू सिंह की अनुपस्थिति में, संजीव को प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 15 गेंदों में 24 रनों की पारी खेलकर अपनी फॉर्म साबित की। इसके बाद आई एक शाम, जिसे संजीव ने अपने करियर की सबसे यादगार शाम बताया।
वेस्टइंडीज के खिलाफ 'करो या मरो' मुकाबले में संजीव सैमसन ने 50 गेंदों में 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर अकेले दम पर भारतीय टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया। सैमसन की बल्लेबाजी पर उठाए गए सवालों का उन्होंने करारा जवाब दिया। इस पारी में कोई हड़बड़ी नहीं थी, उन्होंने बाउंड्री के साथ-साथ सिंगल और डबल को भी महत्त्व दिया।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी संजीव का बल्ला चला और उन्होंने 42 गेंदों में 89 रनों की पारी खेलकर सभी का दिल जीत लिया। सैमसन ने साबित किया कि वह बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं और बड़े मंचों पर प्रदर्शन करने का कौशल रखते हैं।