BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: सात्विक-चिराग ने मलेशियाई जोड़ी को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई
सारांश
मुख्य बातें
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में 20 अगस्त (गुरुवार) को मलेशिया के जुनैदी आरिफ और याप रॉय किंग को 21-23, 21-19, 21-17 से पराजित कर मेंस डबल्स क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दो बार के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट इस भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गँवाने के बाद शानदार वापसी की।
मुख्य घटनाक्रम
दिन के आखिरी मैच में सात्विक-चिराग ने पहले गेम में दो गेम प्वाइंट बचाए, फिर भी 21-23 से गेम गँवा दिया। दूसरे गेम में 16-18 से पिछड़ने के बाद उन्होंने वापसी की और गेम 21-19 से जीता। निर्णायक तीसरे गेम में भी 12-15 से पीछे रहने के बाद जोड़ी ने 17-17 से बराबरी की और अगले चार लगातार प्वाइंट जीतकर मैच 21-17 से अपने नाम किया।
आगे क्या होगा
क्वार्टर फाइनल में सात्विक-चिराग का सामना चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग से होगा। यह मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए कड़ी परीक्षा होगी, क्योंकि चीनी जोड़ी टूर्नामेंट की प्रमुख दावेदारों में शामिल है।
ट्रीसा-गायत्री का ऐतिहासिक कारनामा
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी रिन इवानागा और की नाकानिशी को हराकर 11 साल में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय विमेंस डबल्स जोड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने 2015 में जकार्ता में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
सिंधु और आयुष का सफर समाप्त
छठा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने के इरादे से उतरीं पीवी सिंधु को चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी से 11-21, 21-15, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। वहीं, युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सफर इंडोनेशिया के अलवी फरहान से 19-21, 11-21 की हार के साथ समाप्त हो गया, हालाँकि टूर्नामेंट में उन्होंने कई बड़े खिलाड़ियों को चुनौती दी थी।
भारत की स्थिति
गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट में भारत के लिए मिले-जुले नतीजे रहे हैं। जहाँ सात्विक-चिराग और ट्रीसा-गायत्री ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर उम्मीदें जगाई हैं, वहीं सिंधु और आयुष का बाहर होना निराशाजनक रहा। अब भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की निगाहें क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर टिकी होंगी।