शिवम दुबे: 'ओवरवेट' से दो बार T20 विश्व चैंपियन तक, 33 साल में पूरा हुआ संघर्ष का सफर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के बाएं हाथ के विस्फोटक ऑलराउंडर शिवम दुबे ने वह मुकाम हासिल किया है जो हर क्रिकेटर का सपना होता है — और वह भी उस रास्ते से, जो शायद ही कोई चुने। महज 14 साल की उम्र में फिटनेस और आर्थिक तंगी की वजह से क्रिकेट छोड़ने वाले दुबे आज 2024 और 2026 — दोनों T20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य हैं। 26 जून 1993 को मुंबई में जन्मे दुबे शुक्रवार को 33 साल के हो गए।
संघर्ष की शुरुआत: फिटनेस और पैसों की दोहरी मार
शिवम दुबे का परिवार उत्तर प्रदेश के भदोही से ताल्लुक रखता है, लेकिन उनकी परवरिश क्रिकेट की समृद्ध संस्कृति वाले मुंबई में हुई। स्कूल के दिनों से ही क्रिकेट को गंभीरता से लेने वाले दुबे को 14 साल की उम्र में एक बड़ा झटका लगा — वित्तीय परेशानी और 'ओवरवेट' होने की समस्या ने उन्हें खेल से दूर कर दिया। पैसों की कमी के चलते वे फिटनेस पर ध्यान देने में असमर्थ थे।
हालांकि, 5 साल के अंतराल के बाद दुबे ने वापसी की और मुंबई अंडर-23 टीम में जगह बनाई। यह वापसी ही उनके करियर की असली नींव बनी।
घरेलू और आईपीएल करियर: सीएसके ने बदली तकदीर
दुबे ने जनवरी 2016 में मुंबई की तरफ से T20 क्रिकेट में कदम रखा। इसके बाद 2017 में प्रथम श्रेणी और लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया। ऑलराउंड प्रतिभा के दम पर उन्होंने 2018 में आईपीएल में जगह बनाई, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने उन्हें मौका दिया।
करियर का असली मोड़ तब आया जब 2022 में वे चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से जुड़े। CSK के लिए उन्होंने 2022 में 11 मैचों में 289 रन, 2023 में 16 मैचों में 418 रन, 2024 में 14 मैचों में 396 रन, 2025 में 14 मैचों में 357 रन और 2026 में 13 मैचों में 270 रन बनाए। आईपीएल में कुल 92 मैचों में 10 अर्धशतकों की मदद से वे 2,129 रन बना चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय करियर: रोहित के भरोसे ने दिलाई पहचान
दुबे ने 3 नवंबर 2019 को भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर उनका करियर 2022 के बाद से वास्तव में चमका, जब तत्कालीन कप्तान रोहित शर्मा ने उनकी क्षमता को पहचाना और मध्य के ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की भूमिका सौंपी।
अब तक दुबे ने 64 T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 48 पारियों में — जिनमें 16 बार वे नाबाद रहे — 154.12 की प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 991 रन बनाए हैं और 31 विकेट भी लिए हैं। इसके अलावा, 4 वनडे मैचों में 43 रन और 1 विकेट उनके नाम है।
विश्व कप फाइनल में निर्णायक पारियाँ
T20 विश्व कप 2024 के फाइनल में दुबे ने 16 गेंदों पर 27 रन की तेज पारी खेली और रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत को चैंपियन बनाने में भूमिका निभाई। T20 विश्व कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भी दुबे का योगदान उतना ही अहम रहा — सेमीफाइनल में 25 गेंदों पर 43 रन और फाइनल में 8 गेंदों पर 26 रन की धमाकेदार पारी खेलते हुए उन्होंने भारत को लगातार दूसरी बार विश्व विजेता बनाने में अहम किरदार अदा किया।
आगे क्या: दो और विश्व कप की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दुबे की फिटनेस और फॉर्म इसी तरह बनी रही, तो वे भारत के लिए दो और T20 विश्व कप खेल सकते हैं और आईपीएल में भी पहले से अधिक प्रभाव छोड़ सकते हैं। एक खिलाड़ी जो कभी 'ओवरवेट' होने के कारण क्रिकेट छोड़ने पर मजबूर हुआ था, आज भारतीय T20 क्रिकेट की सबसे विश्वसनीय ताकतों में से एक बन चुका है।