शिवम दुबे: भारतीय टीम के संकटमोचक के रूप में कोच नीलेश भोसले की पहचान
सारांश
Key Takeaways
- शिवम दुबे ने टी20 विश्व कप में अद्भुत प्रदर्शन किया।
- कोच नीलेश भोसले ने उन्हें संकटमोचक कहा।
- फाइनल में जसप्रीत बुमराह का गेंदबाजी प्रदर्शन शानदार रहा।
मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन करते हुए टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीता है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में हुए फाइनल में, टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से पराजित किया। इस टूर्नामेंट में शिवम दुबे ने संकट के समय में अपने बल्ले के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिवम के बचपन के कोच नीलेश भोसले ने उन्हें टीम का संकटमोचक बताया।
नीलेश भोसले ने 'राष्ट्र प्रेस' से बातचीत करते हुए कहा कि जब भी शिवम को जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने उसे बखूबी निभाया। कोच ने बताया कि शिवम ने एशिया कप और पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने आगे कहा कि सेमीफाइनल में शिवम को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। कोच के अनुसार, शिवम को अपनी जिम्मेदारी का पूरा एहसास है और वह जानते हैं कि टीम के लिए कैसे योगदान देना है।
सुपर-8 राउंड में जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में शिवम ने 2 ओवर में 46 रन दिए थे। कोच नीलेश ने कहा कि इस प्रदर्शन के बाद शिवम की कड़ी आलोचना हुई थी। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि शिवम ने नई गेंद के साथ भी गेंदबाजी की है। कोच ने वर्तमान में शिवम को भारतीय टीम का संकटमोचक बताया।
नीलेश ने जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बुमराह के होते हुए बल्लेबाजी आक्रमण को संभालना आसान हो जाता है। कोच ने बताया कि फाइनल में बुमराह के गेंदबाजी स्पेल ने न्यूजीलैंड की वापसी के सभी रास्ते बंद कर दिए। खिताबी मुकाबले में बुमराह ने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट लिए।
शिवम का टी20 विश्व कप 2026 में प्रदर्शन अद्भुत रहा। उन्होंने 9 मैचों में 169 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे नंबर पर प्रमोट किए जाने पर शिवम ने 25 गेंदों में 43 रनों की शानदार पारी खेली, जिसके दम पर भारतीय टीम 253 रनों के लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रही। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्होंने 8 गेंदों में 26 रनों की नाबाद पारी खेली। शिवम ने गेंदबाजी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और टूर्नामेंट में कुल 5 विकेट लिए।