टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यूएई का प्रतिनिधित्व कर गया के शोएब खान बिहार लौटे, जोरदार स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गया जिले के क्रिकेटर शोएब खान रविवार, 24 मई 2026 को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का प्रतिनिधित्व करने के बाद अपनी जन्मभूमि लौटे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। 8 महीने के लगातार क्रिकेट शेड्यूल के बाद घर लौटे शोएब ने कहा कि यह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं।
वर्ल्ड कप में शोएब का प्रदर्शन
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शोएब ने यूएई के सभी चार मैच खेले। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वह केवल 7 रन बना सके, लेकिन कनाडा के विरुद्ध उन्होंने 51 रन की पारी खेली — जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पहला अर्धशतक भी था। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने 68 रन की प्रभावशाली पारी खेली, जबकि साउथ अफ्रीका के विरुद्ध वह 6 रन ही बना सके।
समग्र अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो शोएब ने 2025 में यूएई के लिए डेब्यू किया था। अब तक उन्होंने 4 वनडे मुकाबलों में 14 की औसत से 56 रन और 8 टी20 मुकाबलों में 21 की औसत से 147 रन बनाए हैं, जिनमें 2 अर्धशतक शामिल हैं।
गया में घर वापसी और स्वागत
5 जून 1998 को गया में जन्मे शोएब ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे अपने घर लौटकर बहुत खुशी है। मैं वहाँ लगातार 8 महीने क्रिकेट शेड्यूल के चलते व्यस्त था। मुझे अपनी जन्मभूमि में लौटकर बेहद अच्छा लग रहा है। यहाँ लोग मेरा स्वागत करने के लिए पहुँचे हैं — ये मेरे लिए किसी सपने जैसा है।'
युवाओं को संदेश
शोएब ने उभरते खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कहा, 'मैं युवाओं को कहना चाहता हूँ कि अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए रोज़ाना 200 प्रतिशत देना होगा। इसके साथ-साथ पढ़ाई पर भी ध्यान देना चाहिए। भारत में क्रिकेट को लेकर काफी प्रतिस्पर्धा है, इसलिए एक बैकअप विकल्प बहुत ज़रूरी है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अपने सपने के लिए रोज़ लड़ना और मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है।
संघर्ष और बिहार की क्रिकेट विरासत
शोएब ने अपने संघर्ष के बारे में बताया कि गया में शुरुआती दौर में पर्याप्त क्रिकेट सुविधाएँ नहीं थीं और उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर प्रोफेशनल क्रिकेट की प्रेरणा ली। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में शानदार प्रतिभाएँ हैं।
परिवार की प्रतिक्रिया
शोएब के पिता अदीब खान ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, 'ये बेहद खुशी की बात है कि हमारे क्षेत्र से एक लड़का इस मुकाम तक पहुँचा है। हमने ऐसा नहीं सोचा था कि शोएब एक क्रिकेटर बनेंगे — उन्होंने खुद इस खेल को चुना और अपना नाम कमाया।' उन्होंने सभी माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को अच्छी डाइट और शिक्षा दें।
शोएब खान की यह वापसी बिहार के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।