श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर मोहम्मद कैफ का बड़ा सवाल: '4 महीनों में 3 बार 250+ रन दिए'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने ऑकलैंड के ईडन पार्क में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में मिली हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर की गेंदबाज़ी प्रबंधन रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कैफ का कहना है कि यह कोई एकल विफलता नहीं, बल्कि अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न है, जिसमें विपक्षी टीमें भारत के खिलाफ लगातार बड़े स्कोर खड़े कर रही हैं।
बार-बार का पैटर्न, एकबारगी गलती नहीं
कैफ ने कहा, 'मैंने अय्यर की कप्तानी में कुछ कमियाँ देखी हैं, खासकर उनके गेंदबाज़ी बदलावों और इस फैसले में कि किस गेंदबाज़ को किस स्टेज पर गेंदबाज़ी करनी चाहिए। मैं सिर्फ एक हार की बात नहीं कर रहा। यह एक बार-बार होने वाला पैटर्न है।' उनके अनुसार, टीमें नियमित रूप से भारत के खिलाफ 200, 225 और यहाँ तक कि 250 से अधिक रन बना रही हैं।
गौरतलब है कि कैफ ने एक चौंकाने वाला आँकड़ा सामने रखा — '2026 से पहले, भारत ने पुरुषों के टी20 में कभी भी 250 या उससे अधिक रन नहीं दिए थे। अय्यर की कप्तानी में, उन्होंने महज़ चार महीनों में तीन ऐसे स्कोर झेले हैं।' उन्होंने उदाहरण भी गिनाए: इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन, वेस्टइंडीज़ ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन, और न्यूज़ीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बनाए।
गेंदबाज़ों के इस्तेमाल पर विशेषज्ञ की राय
कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार की भूमिका को लेकर स्पष्ट मत रखा। उन्होंने कहा, 'अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के स्पेशलिस्ट लेफ्ट-आर्म विकल्प हैं, जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवर दोनों संभालने का अनुभव है। अय्यर को उनके ओवर उन स्टेज के लिए बचाकर रखने चाहिए जब बल्लेबाज़ अटैक करने की सोच रहे हों।' उन्होंने जोड़ा, 'आप सामान्यतः अपने मुख्य गेंदबाज़ों को 17वें और 19वें ओवर के लिए बचाकर रखना चाहते हैं। टी20 क्रिकेट में यह एक बुनियादी फॉर्मूला है।'
ऑकलैंड मुकाबले का ज़िक्र करते हुए कैफ ने बताया कि नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन दिए, जबकि ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन की साझेदारी की। न्यूज़ीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बटोरे, और भारतीय गेंदबाज़ बाउंड्री का प्रवाह नहीं रोक सके।
नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका पर सवाल
कैफ ने नीतीश कुमार रेड्डी पर डाली जा रही ज़िम्मेदारी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि इस ऑलराउंडर को पाँचवें या छठे गेंदबाज़ी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनके ओवर बीच के चरण में पूरे होने चाहिए, उनसे फ्रंटलाइन गेंदबाज़ का काम लेना उचित नहीं है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर महँगे स्पेल का ठीकरा केवल कप्तान पर फोड़ना सही नहीं होगा, लेकिन संयोजन का चुनाव भी एक अहम कारक है।
बल्लेबाज़ के रूप में भी दबाव में अय्यर
कप्तानी के सवालों के अलावा, अय्यर के बल्लेबाज़ी फॉर्म को लेकर भी चिंताएँ बढ़ रही हैं। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 43 गेंदों पर 102 रन की नाबाद पारी के बाद, अय्यर अपनी पिछली 8 पारियों में क्रमशः 40, 1, 16, 22, 42, 7, 5 और 22 रन ही बना सके हैं। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि उनकी शतकीय पारी के बाद से बल्ले से निरंतरता नदारद रही है।
आगे क्या होगा
सीरीज़ में भारत के सामने अब यह दबाव है कि वह न केवल बचे हुए मुकाबलों में जीत हासिल करे, बल्कि गेंदबाज़ी रणनीति में भी सुधार दिखाए। कैफ की टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब भारतीय क्रिकेट में युवा नेतृत्व की परीक्षा चल रही है और अय्यर पर अगले बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी कप्तानी की छाप छोड़ने का दबाव है।