सिद्धार्थ निगम का युवाओं को संदेश: 'सफलता का नशा करो, नशा मुक्त भारत बनाओ'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेता सिद्धार्थ निगम ने 9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित संडे ऑन साइकिल के 85वें संस्करण में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर किसी चीज़ का नशा करना है, तो वह सफलता, मेहनत और अपने लक्ष्य का नशा होना चाहिए। फिट इंडिया मूवमेंट के तहत भारत सरकार द्वारा आयोजित इस विशेष मुहिम का 85वाँ संस्करण 'नशा मुक्त भारत' थीम पर केंद्रित था।
मुख्य घटनाक्रम
भारत सरकार हर रविवार को संडे ऑन साइकिल का आयोजन करती है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को फिटनेस के प्रति जागरूक करना है। इस बार के संस्करण में अभिनेता सिद्धार्थ निगम के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी गुरवीर सिंह, फिट इंडिया एम्बेसडर नरेंदर कुमार और मीनल पाठक ने भी भाग लिया। यह आयोजन नशे की बढ़ती समस्या के प्रति युवाओं को सचेत करने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।
सिद्धार्थ निगम का युवाओं को संदेश
पत्रकारों से बातचीत में सिद्धार्थ निगम ने कहा, 'आज की थीम नशा मुक्त भारत थी। मैं ईमानदारी से यही कहना चाहूँगा कि अगर आपको किसी चीज़ का नशा करना है, तो आप सफलता का नशा कीजिए।' एक प्रशिक्षित जिम्नास्ट के रूप में अपने अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'आपका शरीर आपकी संपत्ति है — यह कोई बैंक बैलेंस नहीं है जिसे किसी और को ट्रांसफर किया जा सके। मरते दम तक यह आपका ही रहेगा, इसलिए इसका ख्याल रखना आपकी जिम्मेदारी है।'
निगम ने आगे जोड़ा, 'मुझे नहीं लगता कि नशा आपको बेहतर इंसान बनाता है। अगर बेहतर इंसान बनना है, तो नशा मेहनत, काम और अपने लक्ष्य का कीजिए।' उन्होंने इस आयोजन में शामिल होने को अपने लिए एक शानदार अनुभव बताया और कहा कि वे भविष्य में भी इस मुहिम से जुड़ते रहेंगे।
फिट इंडिया एम्बेसडर की राय
फिट इंडिया चैंपियन मीनल पाठक ने कहा कि नशा केवल कुछ समय के लिए राहत देता है, जबकि फिटनेस जीवन भर साथ रहती है। उन्होंने कहा, 'फिटनेस जिस तरह से अनुशासन और समर्पण बनाती है, वैसा और कोई चीज़ नहीं कर सकती। अगर हम बेहतर भारत बनाना चाहते हैं, तो उसकी नींव हमारे युवा हैं — और यही युवा अगर फिटनेस और अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित हो जाएँ, तो उससे बड़ी बात क्या होगी।'
खेल जगत की आवाज़
अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी गुरवीर सिंह ने भी इस मुहिम की सराहना की। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के काफी युवा नशे की ओर जा रहे हैं और ऐसे में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना तथा हर दिन 30 मिनट शरीर को देने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में नशे की लत से जुड़ी समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं और युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
आगे की राह
फिट इंडिया मूवमेंट के तहत संडे ऑन साइकिल का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए एक सकारात्मक विकल्प प्रस्तुत करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन जमीनी स्तर पर युवाओं की मानसिकता बदलने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।