विक्रांत मैसी 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' में शामिल, बोले- साइकिल ही प्रदूषण का असली समाधान
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता विक्रांत मैसी ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' अभियान के 77वें संस्करण में हिस्सा लिया और साइकिलिंग को प्रदूषण के खिलाफ सबसे कारगर हथियार बताया। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया, बॉक्सर नूपुर श्योराण और अभिनेत्री-मॉडल रागिनी द्विवेदी भी इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह के साथ शामिल हुए।
विक्रांत मैसी का संदेश
मैसी ने कार्यक्रम में कहा, 'अगर हम साइकिल चलाएं, तो प्रदूषण नहीं होगा। असल में, साइकिल चलाना ही प्रदूषण का समाधान है। इससे हम स्वस्थ भी रहेंगे।' उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी सवाल है और यह 'कॉमन सेंस की बात है।'
फिट इंडिया ऐप और कार्बन पॉइंट्स
मैसी ने सरकार की तकनीकी पहल की सराहना करते हुए बताया कि फिट इंडिया ऐप के ज़रिए साइकिल चलाने पर तय किए गए किलोमीटर को मापा जाता है, जिसके बदले उपयोगकर्ताओं को कार्बन पॉइंट्स मिलते हैं। इन पॉइंट्स के आधार पर सरकार के भागीदार संस्थान पुरस्कार भी प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था युवा पीढ़ी को साइकिलिंग के प्रति और अधिक प्रेरित करेगी।
20 महीने के बच्चे ने जीता दिल
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब मैसी ने बताया कि इस आयोजन में सबसे छोटा साइकिलिस्ट मात्र 20 महीने का एक बच्चा था। उन्होंने कहा, 'दो साल का भी नहीं, लेकिन वह अपने पैरों से पेडल मारने की कोशिश कर रहा था — यह बहुत अद्भुत बात है।' यह पल इस बात का प्रतीक बना कि साइकिलिंग की संस्कृति अब परिवारों में गहरी जड़ें जमा रही है।
मंत्री मांडविया की अपील
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस अभियान को पूर्ण समर्थन देते हुए नागरिकों से नियमित रूप से साइकिल चलाने की अपील की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी हस्तियों ने एकमत होकर साइकिलिंग को स्वस्थ, प्रदूषण-मुक्त और आनंददायक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बताया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहर वायु प्रदूषण की गंभीर चुनौती से जूझ रहे हैं। 'संडे ऑन साइकिल' जैसे आयोजन नागरिकों को वैकल्पिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक निरंतर प्रयास है। आने वाले संस्करणों में और अधिक शहरों को इस अभियान से जोड़ने की संभावना जताई जा रही है।