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वनडे वर्ल्ड कप 2027: सिकंदर रजा बोले — घर में रिटायरमेंट से पहले खेलना 'वरदान' जैसा

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वनडे वर्ल्ड कप 2027: सिकंदर रजा बोले — घर में रिटायरमेंट से पहले खेलना 'वरदान' जैसा

सारांश

40 साल के सिकंदर रजा के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं — यह करियर की विदाई का सबसे खूबसूरत मंच है। अपनी धरती पर, अपने दर्शकों के सामने, रिटायरमेंट से पहले विश्व कप खेलने का यह मौका उन्होंने 'वरदान' कहा — और जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए भी यह एक ऐतिहासिक पल बनने की पूरी उम्मीद है।

मुख्य बातें

सिकंदर रजा ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले संन्यास लेने की योजना जताई; घरेलू वर्ल्ड कप को 'वरदान' बताया।
जिम्बाब्वे , साउथ अफ्रीका और नामीबिया संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप 2027 की मेजबानी करेंगे।
जिम्बाब्वे के मैच हरारे , बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स में आयोजित होंगे।
नए फॉर्मेट में सुपर सेवन स्टेज शामिल; पहले राउंड में 3 टीमें , फिर 6 6 टीमों के दो ग्रुप।
रजा ने बताया कि जिम्बाब्वे का नया स्टेडियम अगले कुछ महीनों में तैयार होगा।
ICC इवेंट्स में घरेलू फायदा उठाना मुश्किल होता है क्योंकि पिच क्यूरेशन पर गवर्निंग बॉडी का नियंत्रण रहता है — रजा।

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने 14 अक्टूबर 2026 को कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले अपने देश की धरती पर वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेलने का मौका मिलना उनके लिए 'वरदान' जैसा है। 40 वर्षीय रजा ने यह भी उम्मीद जताई कि यह टूर्नामेंट दुनिया को जिम्बाब्वे और पूरे अफ्रीकी महाद्वीप की खूबसूरती और मेहमाननवाजी से रूबरू कराएगा।

मेजबानी का मौका और व्यक्तिगत महत्त्व

जिम्बाब्वे, साउथ अफ्रीका और नामीबिया संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप 2027 की मेजबानी करेंगे। जिम्बाब्वे के लीग मैच हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स में खेले जाएंगे। रजा ने एक इवेंट में कहा, "हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह वर्ल्ड कप के बाद रिटायर हो। चूँकि मैं भी अपने करियर के अंत के करीब हूँ, इसलिए घर में वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिलना निश्चित रूप से मेरे लिए व्यक्तिगत नजरिए से एक वरदान है।"

गौरतलब है कि रजा जिम्बाब्वे क्रिकेट के उन चंद खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने अपेक्षाकृत सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी पारी खेली है। ऐसे में घरेलू दर्शकों के सामने वर्ल्ड कप का यह आखिरी मौका उनके और उनके देश दोनों के लिए भावनात्मक रूप से विशेष है।

अफ्रीका को वैश्विक मंच पर पेश करने का अवसर

रजा ने इस टूर्नामेंट को केवल क्रिकेट तक सीमित न रखते हुए एक व्यापक नजरिए से देखा। उन्होंने कहा, "सामूहिक नजरिए से मुझे लगता है कि दुनिया को यह देखने की जरूरत है कि अफ्रीका के पास क्या क्या है — खूबसूरती, भीड़, माहौल और खासकर जिम्बाब्वे में हमारे पास जो कुछ भी है। जो लोग वर्ल्ड कप देखने के लिए जिम्बाब्वे की यात्रा करेंगे, उनके लिए यह एक यादगार अनुभव होगा।"

यह ऐसे समय में आया है जब अफ्रीकी देश वैश्विक खेल आयोजनों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े इवेंट्स का उपयोग एक रणनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।

नए वर्ल्ड कप फॉर्मेट का स्वागत

रजा ने प्रस्तावित टूर्नामेंट फॉर्मेट की भी सराहना की। इस फॉर्मेट में पहले राउंड में तीन टीमें होंगी और विजेता टीम शीर्ष 11 टीमों के साथ छह छह टीमों के दो ग्रुप में शामिल होगी। इसके बाद मुकाबला सुपर सेवन स्टेज से होते हुए नॉकआउट राउंड में पहुँचेगा। उन्होंने कहा, "मुझे सुपर सेवन का आइडिया काफी पसंद आया। मुझे लगता है कि जो टीमें अच्छा खेलती हैं, वे वर्ल्ड कप में ज्यादा मैच खेलने की हकदार हैं।"

इस फॉर्मेट से छोटी टीमों को अधिक मैच खेलने का अवसर मिलेगा, जो जिम्बाब्वे जैसे देशों के लिए अनुभव और एक्सपोज़र दोनों दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है।

घरेलू फायदा और नया स्टेडियम

रजा ने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के इवेंट्स में घरेलू फायदा उठाना आसान नहीं होता क्योंकि पिच क्यूरेशन सहित अधिकांश तैयारियों पर गवर्निंग बॉडी का नियंत्रण रहता है। उन्होंने कहा, "हम घरेलू फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन आईसीसी इवेंट्स के लिए ऐसा करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि क्यूरेटर असल में ICC ही सब कुछ कंट्रोल करती है।"

हालांकि, उन्होंने एक उत्साहजनक खबर साझा करते हुए कहा कि जिम्बाब्वे का एक नया स्टेडियम अगले कुछ महीनों में शुरू होने वाला है और अगले साल की शुरुआत में वहाँ मैच भी होने की उम्मीद है। यह स्टेडियम 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम की तैयारियों को एक नई दिशा दे सकता है।

आगे की राह

वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। रजा के लिए यह टूर्नामेंट न केवल एक क्रिकेट इवेंट है, बल्कि एक करियर का भावनात्मक समापन भी है — घरेलू दर्शकों के सामने, अपनी धरती पर। उनकी उम्मीदें और जज्बा बताते हैं कि जिम्बाब्वे 2027 को केवल भागीदारी नहीं, बल्कि एक यादगार प्रदर्शन के रूप में दर्ज करना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिच, लॉजिस्टिक्स और शेड्यूलिंग पर नियंत्रण ICC के हाथ में रहता है। जिम्बाब्वे जैसे देशों के लिए यह 'घरेलू फायदा' अक्सर कागज पर ही रह जाता है। रजा की ईमानदारी — कि ICC इवेंट्स में होम एडवांटेज लेना 'बहुत मुश्किल' है — उस असमानता को उजागर करती है जो क्रिकेट के विस्तार की तमाम बातों के बावजूद मैदान पर दिखती है। नया स्टेडियम एक सकारात्मक कदम जरूर है, पर असली कसौटी यह होगी कि 2027 में जिम्बाब्वे टीम महज मेजबान बनकर रहती है या प्रतिस्पर्धी ताकत के रूप में उभरती है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकंदर रजा ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 को 'वरदान' क्यों कहा?
सिकंदर रजा ने कहा कि वह अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर होने से पहले अपने देश जिम्बाब्वे की धरती पर वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिलना व्यक्तिगत नजरिए से 'वरदान' जैसा है। उनके अनुसार हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह वर्ल्ड कप खेलने के बाद संन्यास ले।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 की मेजबानी कौन से देश करेंगे?
वनडे वर्ल्ड कप 2027 की मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। जिम्बाब्वे के मैच हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स में खेले जाएंगे।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 का नया फॉर्मेट क्या है?
प्रस्तावित फॉर्मेट में पहले राउंड में तीन टीमें होंगी और विजेता टीम शीर्ष 11 टीमों के साथ छह छह टीमों के दो ग्रुप में शामिल होगी। इसके बाद मुकाबला सुपर सेवन स्टेज से होते हुए नॉकआउट राउंड में पहुँचेगा। रजा ने इस फॉर्मेट की सराहना करते हुए कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें ज्यादा मैच खेलने की हकदार हैं।
ICC इवेंट्स में घरेलू फायदा उठाना क्यों मुश्किल होता है?
रजा के अनुसार ICC इवेंट्स में पिच क्यूरेशन और अन्य खेल परिस्थितियों पर गवर्निंग बॉडी ICC का नियंत्रण रहता है, जिससे मेजबान टीम को सामान्य घरेलू श्रृंखलाओं की तरह का फायदा नहीं मिल पाता। हालांकि उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे जहाँ भी संभव होगा फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
जिम्बाब्वे का नया स्टेडियम कब तक तैयार होगा?
सिकंदर रजा के अनुसार जिम्बाब्वे का नया स्टेडियम अगले कुछ महीनों में शुरू होने वाला है और अगले साल की शुरुआत में वहाँ मैच भी होने की उम्मीद है। यह स्टेडियम 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों में अहम भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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