सिकंदर रजा का अनचाहा रिकॉर्ड: टी20 अंतरराष्ट्रीय में 11वीं बार शून्य पर आउट, रेगिस चकाब्वा की बराबरी
सारांश
मुख्य बातें
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के नाम 26 जुलाई 2026 को हरारे में एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में वे 'गोल्डन डक' का शिकार हुए, और इसी के साथ वे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक बार शून्य पर आउट होने के मामले में संयुक्त शीर्ष पर पहुँच गए। यह उनके लिए फॉर्म की दृष्टि से एक कठिन दौर का प्रतीक बन गया है।
रिकॉर्ड का ब्यौरा
इस 'गोल्डन डक' के साथ सिकंदर रजा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 11 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटने का आँकड़ा छू लिया। इससे उन्होंने जिम्बाब्वे के पूर्व खिलाड़ी रेगिस चकाब्वा की बराबरी कर ली है, जो इसी फॉर्मेट में 11 बार शून्य पर आउट हुए थे। दोनों अब इस सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं।
जिम्बाब्वे की ओर से इस सूची में ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा 9-9 बार शून्य पर आउट होने के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर हैं।
कप्तानी में भी रिकॉर्ड
बतौर कप्तान टी20 अंतरराष्ट्रीय (फुल मेंबर नेशन) में सर्वाधिक बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में सिकंदर रजा अब 7 बार के साथ दूसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच 8 बार के साथ इस सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के बाबर आज़म और भारत के रोहित शर्मा दोनों 6-6 बार के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं।
जुलाई 2026 में सिकंदर की फॉर्म
जुलाई 2026 में सिकंदर रजा का बल्ला लगातार खामोश रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 20, 28 और 3 रन की पारियाँ खेलीं। इसके बाद भारत के विरुद्ध चल रही टी20 सीरीज में उनके बल्ले से कुल 4 रन ही निकले हैं। सीरीज के दूसरे और तीसरे मैच में वे खाता तक नहीं खोल सके।
गौरतलब है कि सिकंदर रजा जिम्बाब्वे के सबसे अनुभवी और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में गिने जाते हैं। ऐसे में यह दौर उनके और उनकी टीम दोनों के लिए चिंताजनक है।
मैच का हाल: भारत ने बनाए 192 रन
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 5 विकेट खोकर 192 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों में 4 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 81 रन की धमाकेदार पारी खेली। ईशान किशन ने 29 रन जोड़े, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 27 और रिंकू सिंह ने 25 रन का योगदान दिया। जिम्बाब्वे की ओर से ब्रैंड इवांस ने सर्वाधिक 2 विकेट चटकाए।
आगे की राह
सिकंदर रजा के लिए यह सीरीज न केवल व्यक्तिगत फॉर्म, बल्कि कप्तानी साख की भी परीक्षा बन गई है। जिम्बाब्वे को अपनी बल्लेबाजी में सुधार लाना होगा, खासकर जब उनका सबसे अनुभवी बल्लेबाज लगातार संघर्ष कर रहा हो।