1 अक्टूबर 2026
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गुवाहाटी पिच पर सितांशु कोटक की निराशा: '811 रन, 5 शतक — गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं था'

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गुवाहाटी पिच पर सितांशु कोटक की निराशा: '811 रन, 5 शतक — गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं था'

सारांश

गुवाहाटी में 811 रन और 5 शतकों वाला वनडे मैच रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ — लेकिन भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक खुश नहीं थे। उन्होंने साफ कहा कि बरसापारा की पिच पर गेंदबाजी-बल्लेबाजी का संतुलन गायब था, और 2027 वर्ल्ड कप से पहले यह चिंता का विषय है।

मुख्य बातें

भारत ने 1 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रनों का लक्ष्य 39 गेंदें शेष रहते हासिल किया।
मैच में कुल 811 रन बने और 5 शतक लगे, जिनमें कप्तान शुभमन गिल का दोहरा शतक शामिल।
बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पिच को गेंदबाजों के लिए 'बेकार' बताते हुए बराबरी के मुकाबले की उम्मीद जताई।
वेस्टइंडीज बॉलिंग कोच रवि रामपॉल ने भी पिच को अत्यधिक सपाट और बल्लेबाजी-अनुकूल बताया।
कोटक ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर भरोसा जताया और कहा — टीम हर हालात के लिए तैयार होनी चाहिए।

भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने 1 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे के बाद पिच को लेकर खुलकर निराशा जताई। वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि यह विकेट गेंदबाजों के लिए किसी चुनौती से कम था। दोनों टीमों ने मिलकर 811 रन और 5 शतक जोड़े — जिनमें कप्तान शुभमन गिल का दोहरा शतक भी शामिल रहा।

मैच का घटनाक्रम

भारत ने 39 गेंदें शेष रहते हुए 406 रनों के विशाल लक्ष्य को हासिल किया। पूरे मैच में 5 शतक लगे और कुल 811 रन बने — वनडे क्रिकेट में किसी एकल मैच में इतने रन दुर्लभ हैं। कप्तान शुभमन गिल का दोहरा शतक इस मैच की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि रही।

कोटक ने क्या कहा

कोटक ने मैच के बाद कहा, 'गेंदबाजों के लिए ज़्यादा कुछ नहीं था। हम चाहते हैं कि यह बराबरी का मुकाबला हो। शायद 300 रन वाली पिच पर, दूसरी टीम को 300 या 320 रन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती — जो आदर्श है। आउटफील्ड तेज थी और वहाँ से 20, 30, 40 रन आसानी से बन गए। हाँ, गेंदबाजों के लिए बुरा लगता है।'

हालाँकि उन्होंने पिच क्यूरेटर को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई भी एकदम सही पिच बना सकता है। हो सकता है कि क्यूरेटर 250 या 300 रन वाला मैच बनाने की कोशिश करे, लेकिन ज़्यादा स्पिन या सीम की वजह से टीम 150 रन पर ही आउट हो जाए — तब भी उसे आलोचना ही मिलेगी।'

उन्होंने क्रिकेट में बढ़ते स्कोर पर एक रोचक ऐतिहासिक तुलना भी की: '1983 वर्ल्ड कप में 60 ओवर में 180 रन बहुत ज़्यादा माने जाते थे। आज ऐसा लगता है कि 400 रन भी काफी नहीं हैं। क्या इसके लिए सिर्फ पिच ज़िम्मेदार है, या बल्लेबाजी का स्तर बेहतर हो गया है?'

वेस्टइंडीज बॉलिंग कोच की राय

वेस्टइंडीज के बॉलिंग कोच रवि रामपॉल ने भी कोटक की बात का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसी पिचों पर गेंदबाजों के लिए गलती की गुंजाइश बेहद कम रहती है। उन्होंने कहा, 'आजकल हर जगह सपाट पिचें हैं। यह पिच और भी सपाट थी — स्पिनरों या तेज़ गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं था। ऐसे हालात में बिना विकेट लिए मैच खत्म करना गेंदबाजों के लिए बेहद मुश्किल होता है।'

वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी पर सवाल

यह ऐसे समय में आया है जब वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होना है — जहाँ पिचें आमतौर पर अधिक स्पर्धात्मक होती हैं। गौरतलब है कि घरेलू मैदानों पर इतनी बल्लेबाजी-अनुकूल परिस्थितियाँ खिलाड़ियों को एक झूठी सुरक्षा का भाव दे सकती हैं।

कोटक ने हालाँकि भरोसा जताया कि टीम हर परिस्थिति में ढलने में सक्षम है। उन्होंने कहा, 'हम न्यूजीलैंड में पाँच मैच खेलेंगे। साउथ अफ्रीका की कुछ पिचें हमारे यहाँ के हालात जैसी होंगी, और कुछ 300 या उससे अधिक रन वाली भी हो सकती हैं। इसीलिए हमें हर तरह के हालात के लिए तैयार रहना चाहिए।'

श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज़ से पहले भारत का न्यूजीलैंड दौरा तय है, जो टीम को अलग परिस्थितियों में खुद को आज़माने का मौका देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट संस्कृति पर एक सवाल है — क्या हम जानबूझकर ऐसी पिचें तैयार कर रहे हैं जो टीम इंडिया को 'जीत' तो दिलाएँ, लेकिन असली प्रतिस्पर्धा से दूर रखें? 2027 वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर होगा — ऐसे में बरसापारा जैसी 'बैटिंग पैराडाइज़' पर लगाए गए शतक भ्रामक आत्मविश्वास दे सकते हैं। कोटक का बयान ईमानदार है, लेकिन असली जवाबदेही BCCI के पिच-चयन और घरेलू सीरीज़ नियोजन पर होनी चाहिए, न सिर्फ क्यूरेटर पर।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुवाहाटी वनडे में कितने रन बने और क्या रिकॉर्ड बना?
दूसरे वनडे में दोनों टीमों ने मिलकर 811 रन बनाए और 5 शतक लगे। भारत ने 406 रनों का विशाल लक्ष्य 39 गेंदें शेष रहते हासिल किया — यह वनडे क्रिकेट में असाधारण स्कोरिंग का उदाहरण है।
सितांशु कोटक ने गुवाहाटी पिच पर क्या कहा?
बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कहा कि बरसापारा स्टेडियम की पिच गेंदबाजों के लिए बिल्कुल मददगार नहीं थी। उन्होंने कहा कि तेज़ आउटफील्ड और सपाट विकेट ने बल्लेबाजों को एकतरफा फायदा दिया, और बराबरी के मुकाबले की कमी पर निराशा जताई।
क्या पिच के लिए क्यूरेटर को दोषी ठहराया गया?
नहीं। कोटक ने क्यूरेटर को सीधे दोषी नहीं ठहराया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी 'परफेक्ट' पिच नहीं बना सकता — कम स्कोर वाली पिच पर भी क्यूरेटर को आलोचना मिलती है।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी पर इसका क्या असर पड़ेगा?
वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होगा, जहाँ पिचें आमतौर पर गेंदबाज़ों की सहायक होती हैं। कोटक ने कहा कि न्यूजीलैंड दौरा और विभिन्न परिस्थितियों में खेलना टीम की तैयारी के लिए जरूरी है।
रवि रामपॉल ने पिच के बारे में क्या राय दी?
वेस्टइंडीज बॉलिंग कोच रवि रामपॉल ने भी गुवाहाटी की पिच को अत्यधिक सपाट और बल्लेबाजी-अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर स्पिनरों या तेज़ गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं था और गेंदबाज़ों के लिए बिना विकेट लिए मैच खत्म करना बेहद मुश्किल होता है।
राष्ट्र प्रेस
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