हरभजन ने 'स्लैपगेट' पर ऐड बनाकर 1 करोड़ कमाए, माफी नाटक थी: श्रीसंत का बड़ा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2025 — भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्लैपगेट को आईपीएल की सबसे विवादास्पद और शर्मनाक घटनाओं में गिना जाता है। अब पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने पहली बार सार्वजनिक रूप से हरभजन सिंह पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने इस घटना को भुनाकर एक विज्ञापन के जरिए 80 लाख से 1 करोड़ रुपये की कमाई की और उनकी माफी महज एक नाटक थी।
क्या है पूरा मामला
आईपीएल 2008 के पहले सीजन में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच एक मैच के दौरान हरभजन सिंह ने एस. श्रीसंत को सरेआम थप्पड़ मार दिया था। यह घटना भारतीय क्रिकेट जगत में तूफान की तरह आई और हरभजन को उस सीजन के बाकी मैचों से बैन कर दिया गया था। सार्वजनिक आलोचना के बाद हरभजन ने माफी भी मांगी थी।
श्रीसंत का बड़ा आरोप — ऐड से हुई करोड़ों की कमाई
हाल ही में हरभजन सिंह ने एक इलेक्ट्रॉनिक सामान से जुड़े विज्ञापन में उस थप्पड़ कांड का हल्के-फुल्के अंदाज में इस्तेमाल किया, जिसमें वे लोगों को थप्पड़ मारते दिखे और कहते हैं — सही से थप्पड़ लगाओ, सब ठीक हो जाते हैं। इस विज्ञापन को देखकर श्रीसंत का गुस्सा फूट पड़ा।
श्रीसंत ने एक इंटरव्यू में साफ कहा, मैंने कभी किसी इंटरव्यू में भज्जी के बारे में बात नहीं की। यह पहली बार होने जा रहा है। हाल तक कोई समस्या नहीं थी, लेकिन उन्होंने एक बार फिर इस पर एक ऐड बनाया। इससे लगभग 80 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये कमाए। फिर उन्होंने मुझे कॉल किया और इस पर एक स्टोरी डालने को कहा।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हरभजन से कह दिया कि वे माफ कर देंगे लेकिन कभी नहीं भूलेंगे। इसके बाद श्रीसंत ने हरभजन को इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया।
माफी को बताया नाटक, रिश्तों पर उठाए सवाल
श्रीसंत ने हरभजन की माफी और उनके सार्वजनिक व्यवहार को सीधे तौर पर नाटक करार दिया। उन्होंने कहा, कई इंटरव्यू में, अश्विन के साथ भी, उसने मेरी बेटी के बारे में बात की। लोग सोचेंगे कि वह कितना अच्छा इंसान है। वह अच्छा इंसान हो सकता है, लेकिन मेरे लिए — इंडिया के लिए खेलने के समय से लेकर अब तक — यह सब एक नाटक है।
उन्होंने यह भी कहा, अगर कोई आपके साथ गलत करता है, तो माफ करें लेकिन भूलें नहीं। अगर आप भूल जाते हैं, तो वे फिर से वही काम करेंगे। वह इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। श्रीसंत ने स्पष्ट किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें यही सिखाया है।
गहरा विश्लेषण — क्रिकेट की छवि और व्यावसायिक दोहन का सवाल
यह मामला केवल दो क्रिकेटरों के व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं है। आईपीएल 2008 की यह घटना भारतीय क्रिकेट के व्यावसायीकरण की उस परत को उजागर करती है जहां विवाद और व्यक्तिगत दर्द को भी ब्रांड एंडोर्समेंट का जरिया बना दिया जाता है। यदि श्रीसंत के आरोप सही हैं, तो उसी घटना को वर्षों बाद विज्ञापन में इस्तेमाल करना नैतिक रूप से विवादास्पद है।
यह भी उल्लेखनीय है कि श्रीसंत खुद 2013 के आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग विवाद में फंसे थे और वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद बीसीसीआई के प्रतिबंध से मुक्त हुए थे। उनके करियर पर उस घटना का गहरा असर पड़ा था। ऐसे में जब वे कहते हैं कि उनके दर्द को व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया, तो यह सवाल और भी प्रासंगिक हो जाता है।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि हरभजन सिंह इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं, और क्या यह विवाद आईपीएल 2025 के मौजूदा सीजन में और तूल पकड़ता है।