टी20 ब्लास्ट: समरसेट को बड़ा झटका, रिले मेरेडिथ शुरुआती 6 मैच से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
रिले मेरेडिथ को ऑस्ट्रेलिया ने 30 मई से 21 जून के बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश के व्हाइट-बॉल दौरे के लिए चुना है, जिससे समरसेट की टी20 ब्लास्ट में शुरुआती 6 मैचों में सबसे महत्वपूर्ण गेंदबाज की कमी का सामना करना पड़ेगा। 29 वर्षीय दाएं हाथ के तेज गेंदबाज की अनुपस्थिति पिछले साल के खिताब विजेता दल के लिए एक बड़ी चुनौती है।
अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के कारण अनुपस्थिति
मेरेडिथ लगातार तीसरी बार ब्लास्ट में खेलने के लिए टॉनटन लौटे थे, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय दायित्व के कारण वह 30 मई से 14 जून के बीच समरसेट के 'साउथ ग्रुप' के सभी शुरुआती मैचों से बाहर रहेंगे। इस दौरान समरसेट को हैम्पशायर, वारविकशायर, ग्लैमरगन और ग्लूस्टरशायर के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबलों का सामना करना है।
ऑस्ट्रेलियाई दौरे का शेड्यूल
ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले पाकिस्तान के दौरे पर 30 मई को रावलपिंडी से सीरीज़ शुरू करेगी, जिसके बाद 2 और 4 जून को लाहौर में शेष दो वनडे मैच खेलेगी। इसके बाद बांग्लादेश दौरे पर 9-14 जून के बीच तीन वनडे और 14-21 जून के बीच तीन टी20 मुकाबले निर्धारित हैं।
पिछले सीजन की शानदार कार्यप्रदर्शन
मेरेडिथ ब्लास्ट 2025 के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे, जिन्होंने 14 मैचों में 28 विकेट लिए थे। पिछले साल खिताब जीतने के अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी, और इस बार भी समरसेट उनसे तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की उम्मीद कर रहा था। उम्मीद है कि वह 26 जून को ग्लूस्टरशायर के खिलाफ 'डर्बी' मैच के लिए टीम में वापस आ सकेंगे।
ग्लूस्टरशायर पर भी असर
ग्लूस्टरशायर भी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के कारण प्रभावित हुआ है। ऑलराउंडर लियाम स्कॉट इसी समयावधि में वारविकशायर, ग्लैमॉर्गन, नॉर्थम्पटनशायर, यॉर्कशायर, समरसेट और वॉर्सेस्टरशायर के खिलाफ शुरुआती टी20 ब्लास्ट मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। 25 वर्षीय स्कॉट 12 जून से शुरू होने वाले नॉर्थम्पटनशायर के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मैच से भी दूर रहेंगे, और 19 जून को वॉर्सेस्टरशायर के विरुद्ध मैच के लिए समय पर लौटने की उम्मीद है।
प्रतिद्वंद्विता पर असर
अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के कारण दोनों काउंटियों की शुरुआती रणनीति प्रभावित होगी। समरसेट के लिए यह विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि मेरेडिथ की गेंदबाजी ने पिछले सीजन में उनके सफलता का एक प्रमुख कारण थी।