11 अक्टूबर 2026
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मुरली श्रीशंकर का केरल सरकार पर निशाना — खिलाड़ियों को प्रोत्साहन में भारी कमी, तमिलनाडु का विकल्प खुला

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मुरली श्रीशंकर का केरल सरकार पर निशाना — खिलाड़ियों को प्रोत्साहन में भारी कमी, तमिलनाडु का विकल्प खुला

सारांश

दो बार के एशियन गेम्स रजत पदक विजेता मुरली श्रीशंकर ने केरल सरकार को सीधी चेतावनी दी है — प्रोत्साहन राशि में भारी अंतर है, हालात नहीं सुधरे तो तमिलनाडु का विकल्प अपनाया जा सकता है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की शिकायत नहीं, बल्कि भारत में ओलंपिक खेलों की टिकाऊ आजीविका का सवाल है।

मुख्य बातें

मुरली श्रीशंकर ने 10 अक्टूबर 2026 को केरल में एथलीटों को मिलने वाले प्रोत्साहन, सुविधाओं और बुनियादी ढाँचे पर तीखे सवाल उठाए।
श्रीशंकर के अनुसार, केरल ने प्रोत्साहन राशि दोगुनी की, जबकि अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों ने इसे 8 से 10 गुना तक बढ़ाया।
नागोया एशियन गेम्स 2026 में टखने में चोट के बावजूद रजत पदक जीता — यह 2022 के बाद उनका लगातार दूसरा एशियन गेम्स रजत है।
सर्जरी लंदन के फोर्टिस अस्पताल में होगी; खर्च SAI और TOPS उठाएँगे।
तमिलनाडु एथलेटिक एसोसिएशन ने उन्हें स्वागत की इच्छा जताई है; श्रीशंकर ने NOC लेने का विकल्प खुला रखा।
श्रीशंकर के अनुसार मणिपुर को छोड़कर केरल शायद सबसे कम प्रोत्साहन देने वाला राज्य है।

एशियन गेम्स में लगातार दो बार रजत पदक जीतने वाले भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर ने 10 अक्टूबर 2026 को केरल में एथलीटों को मिलने वाले आर्थिक प्रोत्साहन, सुविधाओं और खेल बुनियादी ढाँचे पर तीखे सवाल उठाए हैं। पलक्कड़ से ताल्लुक रखने वाले इस स्टार एथलीट ने कहा कि यदि राज्य में हालात नहीं सुधरे, तो वे तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं।

मुख्य बयान: केरल 10 साल पीछे

श्रीशंकर ने कहा, 'जब बात आर्थिक मदद, प्रोत्साहन और बुनियादी ढाँचे की आती है, तो हम काफी पीछे हैं। करीब 10 साल पहले लगभग सभी दक्षिण भारतीय राज्यों में एक जैसी सुविधाएँ थीं, लेकिन अब उन्होंने अपने खेल में सुधार किया है और आप इन राज्यों से निकलने वाले एथलीटों के नतीजों और उनकी गुणवत्ता में इसे साफ देख सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से केरल में हम अभी भी वहीं हैं, जहाँ 10 साल पहले थे।' उन्होंने आगे जोड़ा कि भले ही केरल ने पिछले संस्करण की तुलना में प्रोत्साहन राशि दोगुनी की है, दूसरे राज्यों ने इसे 8 से 10 गुना तक बढ़ाया है — यह अंतर सीधे मेडल की संख्या में दिख रहा है।

नागोया एशियन गेम्स 2026: चोट के बावजूद रजत

सितंबर 2026 में नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा के दौरान श्रीशंकर के टखने में चोट लग गई। चौथे प्रयास में चोटिल होने के बावजूद उन्होंने रजत पदक जीता — यह एशियन गेम्स 2022 के बाद उनका लगातार दूसरा रजत पदक है। उन्होंने कहा, 'एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर मुझे खुशी हुई। बस एक दुखद बात यह थी कि चौथे प्रयास में मैं चोटिल हो गया, इसलिए मैं प्रतियोगिता को उस तरह पूरा नहीं कर पाया जैसा चाहता था, लेकिन फिर भी सिल्वर मेडल जीतकर खुश हूँ।' अब उनकी सर्जरी लंदन के फोर्टिस अस्पताल में होनी है, जिसका खर्च स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) उठाएँगे। उन्होंने बताया कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की सिफारिश पर यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि इस प्रक्रिया के लिए विशेष विशेषज्ञता की आवश्यकता है।

तमिलनाडु का विकल्प: कितना वास्तविक?

श्रीशंकर ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी ने उन्हें कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है, लेकिन वे अपनी जन्मस्थान के आधार पर तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करने के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा, 'मैं NOC ले सकता हूँ और हमारा फेडरेशन भी काफी सहयोगी है। तमिलनाडु एथलेटिक एसोसिएशन ने भी मुझे वहाँ स्वागत करने की इच्छा जताई है। मेरे पास वहाँ एक विकल्प है, लेकिन अगर राज्य में हालात नहीं सुधरे तो मुझे उस विकल्प पर विचार करना पड़ सकता है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत में राज्यों के बीच शीर्ष एथलीटों को आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा तेज होती जा रही है।

व्यापक संदेश: क्रिकेट नहीं, ओलंपिक खेल

श्रीशंकर ने एक बड़ी बात की ओर ध्यान दिलाया — क्रिकेटरों के उलट, ओलंपिक खेलों के एथलीटों की कमाई का मुख्य ज़रिया कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, ओलंपिक या बड़ी चैंपियनशिप के बाद मिलने वाली प्रोत्साहन राशि ही है। उन्होंने कहा कि मणिपुर को छोड़कर केरल संभवतः देश में सबसे कम प्रोत्साहन देने वाला राज्य है। उन्होंने चेताया, 'एक राज्य के तौर पर अगर हम स्वास्थ्य, शिक्षा और हर क्षेत्र में नंबर वन होने का दावा करते हैं, तो एथलीटों को भुगतान के मामले में भी बेहतर करना होगा, वर्ना बहुत सारे एथलीट दूसरी जगह जा सकते हैं या फिर हो सकता है कि हमारे पास अच्छे एथलीटों का टैलेंट पूल न आए।'

आगे क्या

अब सबकी नजरें केरल राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। श्रीशंकर ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी। गौरतलब है कि देश के अन्य राज्य — विशेषकर हरियाणा, तेलंगाना और कर्नाटक — ने हाल के वर्षों में खेल प्रोत्साहन नीतियों में बड़े बदलाव किए हैं, जिसके नतीजे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्पष्ट दिख रहे हैं। यह बहस भारतीय खेल नीति के उस गहरे प्रश्न की ओर इशारा करती है कि क्या गैर-क्रिकेट खेलों के एथलीटों को टिकाऊ आजीविका सुनिश्चित करने के लिए ढाँचागत सुधार की जरूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें केरल 'मॉडल राज्य' होने का दावा करता है, लेकिन अपने ओलंपिक एथलीटों को देश के निचले पायदान पर रखता है। जब एशियन गेम्स के रजत पदक विजेता को दूसरे राज्य में जाने पर विचार करना पड़े, तो यह नीति-विफलता का संकेत है, न सिर्फ किसी एक एथलीट की व्यक्तिगत शिकायत। भारत में क्रिकेट और गैर-क्रिकेट खेलों के बीच की खाई इतनी गहरी हो चुकी है कि ओलंपिक पदक विजेता के लिए भी वित्तीय सुरक्षा राज्य की इच्छाशक्ति पर निर्भर है। अगर केरल इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेता, तो आने वाले वर्षों में टैलेंट पलायन एक प्रवृत्ति बन सकती है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरली श्रीशंकर ने केरल सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
श्रीशंकर ने कहा कि केरल में एथलीटों को मिलने वाली आर्थिक प्रोत्साहन राशि, सुविधाएँ और बुनियादी ढाँचा अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों की तुलना में बेहद कम हैं। उनके अनुसार, जहाँ केरल ने प्रोत्साहन दोगुना किया है, वहीं दूसरे राज्यों ने इसे 8 से 10 गुना बढ़ाया है।
क्या मुरली श्रीशंकर सच में तमिलनाडु से खेलेंगे?
अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं है, लेकिन श्रीशंकर ने कहा है कि वे अपनी जन्मस्थान के आधार पर तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करने के लिए पात्र हैं और NOC ले सकते हैं। तमिलनाडु एथलेटिक एसोसिएशन ने भी उनके स्वागत की इच्छा जताई है, लेकिन यह विकल्प केरल में हालात न सुधरने की स्थिति में ही अपनाया जाएगा।
नागोया एशियन गेम्स 2026 में श्रीशंकर का प्रदर्शन कैसा रहा?
श्रीशंकर ने सितंबर 2026 में नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीता। यह एशियन गेम्स 2022 के बाद उनका लगातार दूसरा रजत पदक है। हालाँकि चौथे प्रयास में उनके टखने में चोट लग गई थी।
श्रीशंकर की चोट का इलाज कहाँ होगा और खर्च कौन उठाएगा?
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की सिफारिश पर श्रीशंकर की टखने की सर्जरी लंदन के फोर्टिस अस्पताल में होगी। इस सर्जरी का खर्च स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) वहन करेंगे।
ओलंपिक एथलीटों को प्रोत्साहन राशि क्यों अहम है?
श्रीशंकर के अनुसार क्रिकेटरों के विपरीत, ओलंपिक खेलों के एथलीटों की कमाई का मुख्य ज़रिया कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों के बाद राज्य सरकारों से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि ही है। इसके बिना एक पेशेवर एथलीट के रूप में आजीविका चलाना कठिन है।
राष्ट्र प्रेस
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