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गाले टेस्ट: प्रसिद्ध कृष्णा बोले — उमस में रिवर्स स्विंग के लिए गेंद को सूखा रखना सबसे बड़ी चुनौती

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गाले टेस्ट: प्रसिद्ध कृष्णा बोले — उमस में रिवर्स स्विंग के लिए गेंद को सूखा रखना सबसे बड़ी चुनौती

सारांश

गाले की उमस में रिवर्स स्विंग पाना आसान नहीं — प्रसिद्ध कृष्णा ने साफ कहा कि गेंद को सूखा रखना पूरी टीम की जिम्मेदारी है, सिर्फ गेंदबाज की नहीं। भारत की पहली पारी 462 रन पर सिमटने के बाद अब गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव है और WTC अंक भी दांव पर हैं।

मुख्य बातें

प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि गाले की उमस में रिवर्स स्विंग के लिए गेंद को सूखा रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
फील्डरों को दौड़ते समय गेंद कम से कम छूने और रिस्टबैंड या तौलिये जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी।
भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए; अब गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव।
पिच अभी टूटी नहीं है — टीम श्रीलंकाई गेंदबाजों की रणनीति से सीख रही है।
प्रसिद्ध ने कहा — अच्छी लाइन और लेंथ ही उपमहाद्वीपीय पिचों पर सबसे कारगर हथियार।
WTC साइकल में अंकों के लिए टीम 'एक सेशन, एक दिन' की रणनीति पर चल रही है।

भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 17 अगस्त को गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में जारी भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट के दौरान कहा कि श्रीलंका की उमस भरी परिस्थितियों में रिवर्स स्विंग हासिल करने के लिए गेंद को सूखा और चमकदार बनाए रखना सबसे अहम काम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें फील्डरों की भूमिका गेंदबाजों जितनी ही महत्वपूर्ण है।

गेंद को सूखा रखना — पूरी टीम की जिम्मेदारी

प्रसिद्ध ने ब्रॉडकास्टर से बातचीत में कहा, "यह निश्चित रूप से मुश्किल है। यहीं पर फील्डरों और बाकी लोगों की भूमिका अहम हो जाती है — गेंद को सूखा रखना और गेंदबाजों की मदद करना। दौड़ते समय गेंद को कम से कम छुएं, बस पकड़ें और फिर दौड़ें।" उन्होंने आगे कहा कि गेंदबाज के तौर पर रिस्टबैंड पहनना या पीठ के पीछे तौलिया रखना जैसे उपाय भी कारगर साबित हो सकते हैं।

गौरतलब है कि भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए, और अब गेंदबाजों पर श्रीलंका को दबाव में लाने की जिम्मेदारी है। उमस भरे मौसम में गेंद का पसीने से भीगना रिवर्स स्विंग की संभावना को कम कर देता है, इसलिए पूरी टीम को मिलकर गेंद की स्थिति बनाए रखनी होगी।

पिच की स्थिति पर नज़र, जल्दी टूटने के संकेत नहीं

बेंगलुरु के इस तेज गेंदबाज ने पिच के तेजी से खराब होने की संभावना को फिलहाल खारिज किया। उन्होंने कहा, "पिच के टूटने के बारे में कोई बात नहीं हुई है। ऐसा नहीं लगता कि यह अभी टूटी है। मगर हम उन जगहों पर ध्यान दे रहे हैं जहाँ श्रीलंकाई गेंदबाजों ने गेंदबाजी की। उन्होंने अलग-अलग सेशन में अच्छा काम किया, इसलिए हम बस उनसे सीखने की कोशिश कर रहे हैं।"

यह रवैया दर्शाता है कि भारतीय टीम मेजबान गेंदबाजों की रणनीति का बारीकी से विश्लेषण कर रही है और उसे अपनाने की कोशिश में है।

लाइन और लेंथ — उपमहाद्वीप में सबसे कारगर हथियार

उपमहाद्वीपीय पिचों पर रणनीति के बारे में प्रसिद्ध ने सीधे शब्दों में कहा कि बुनियादी अनुशासन ही सबसे बड़ा हथियार है। उनके शब्दों में, "लेंथ बहुत कुछ तय करती है। यहाँ तक कि लाइन भी; इस विकेट पर अगर आप अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर सकते हैं — जो हर कोच आपको बताता है — तो यही सबसे आसान चीज है जो हम यहाँ कर सकते हैं।"

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को एशियाई परिस्थितियों में स्पिनरों की तुलना में सीमित भूमिका में देखा जाता रहा है। प्रसिद्ध का यह बयान दर्शाता है कि टीम प्रबंधन तेज गेंदबाजों को भी सक्रिय भूमिका में देख रहा है।

मनोबल और ऊर्जा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी

लंबे और थकाऊ फील्डिंग सत्रों के दौरान टीम का जोश बनाए रखने पर प्रसिद्ध ने कहा, "तेज गेंदबाजों के तौर पर अच्छा रवैया अपनाना महत्वपूर्ण है। जब आप कड़ी मेहनत से गेंदबाजी करते हैं और मैदान पर अपना काम करते हैं, तो टीम में बहुत जोश और खुशी आती है। हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं।"

WTC अंकों के लिए एक सेशन पर एक बार में ध्यान

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) साइकल में अहम अंक दांव पर होने के बावजूद प्रसिद्ध ने कहा कि टीम बड़ी तस्वीर से पहले मौजूदा सेशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा, "आने वाले सभी मैचों में पक्के इरादे के साथ उतरना होगा और मैदान पर पूरी शिद्दत दिखानी होगी। एक बार में एक दिन और एक सेशन पर ध्यान दें, और फिर बाद में बड़ी तस्वीर के बारे में सोचें।"

भारत की नज़र अब श्रीलंका की पहली पारी को जल्द से जल्द समेटने पर है ताकि WTC तालिका में मजबूत स्थिति बनाई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर एक बड़ी स्वीकारोक्ति है — एशियाई परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाज अभी भी पर्यावरण से लड़ रहे हैं, न कि उसका फायदा उठा रहे हैं। गाले जैसी पिच पर जहाँ स्पिनरों का वर्चस्व होता है, तेज गेंदबाजों का इस तरह 'गेंद सुखाने' की रणनीति पर निर्भर होना यह दर्शाता है कि भारत का तेज आक्रमण अभी उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। WTC अंकों की दौड़ में यह सीरीज भारत के लिए महत्वपूर्ण है, और पहली पारी में 462 रनों के बाद भी अगर गेंदबाजी आक्रमण श्रीलंका को जल्दी नहीं समेट पाया, तो रणनीतिक दबाव और बढ़ेगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रसिद्ध कृष्णा ने गाले टेस्ट में रिवर्स स्विंग के बारे में क्या कहा?
प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि श्रीलंका की उमस भरी परिस्थितियों में रिवर्स स्विंग पाने के लिए गेंद को सूखा रखना सबसे जरूरी है और इसमें फील्डरों की भूमिका भी उतनी ही अहम है। उन्होंने रिस्टबैंड या तौलिये जैसे व्यावहारिक उपायों का भी जिक्र किया।
गाले टेस्ट में भारत की पहली पारी का स्कोर क्या रहा?
भारत की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हुई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों पर श्रीलंका को दबाव में लाने की जिम्मेदारी है।
प्रसिद्ध कृष्णा के अनुसार उपमहाद्वीपीय पिचों पर तेज गेंदबाजों की सबसे कारगर रणनीति क्या है?
प्रसिद्ध ने कहा कि अच्छी लाइन और लेंथ पर अनुशासित गेंदबाजी ही सबसे कारगर हथियार है। उनके अनुसार यह बुनियादी बात ही उपमहाद्वीपीय विकेटों पर सबसे ज्यादा असरदार साबित होती है।
गाले की पिच कितनी जल्दी खराब हो रही है?
प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि पिच अभी टूटी नहीं है और टीम इस पर बारीकी से नजर रख रही है। भारतीय टीम श्रीलंकाई गेंदबाजों ने जिन जगहों पर गेंदबाजी की, उनका अध्ययन कर रही है।
WTC साइकल में इस सीरीज का भारत के लिए क्या महत्व है?
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में अहम अंक दांव पर हैं, इसलिए प्रसिद्ध ने कहा कि टीम 'एक दिन, एक सेशन' की रणनीति पर चल रही है। बड़ी तस्वीर की चिंता बाद में, पहले मौजूदा सेशन जीतना प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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