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चेन्नई में ईडी की बड़ी कार्रवाई: यूनिक एक्सपोर्ट्स निवेश धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार, ₹1,417 करोड़ की ठगी उजागर

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चेन्नई में ईडी की बड़ी कार्रवाई: यूनिक एक्सपोर्ट्स निवेश धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार, ₹1,417 करोड़ की ठगी उजागर

सारांश

चेन्नई में ईडी ने यूनिक एक्सपोर्ट्स के मास्टरमाइंड एस. नवीन कुमार और सहयोगी एस. मुथुसेल्वन को गिरफ्तार किया — 35,759 निवेशकों से ₹1,417.86 करोड़ की ठगी का मामला, जिसमें कृषि निर्यात के झूठे वादे और 100 से ज़्यादा बैंक खातों का जाल शामिल है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 29 सितंबर 2026 को एस.
मुथुसेल्वन को यूनिक एक्सपोर्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों को PMLA विशेष अदालत ने 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
कुल 35,759 निवेशकों से लगभग ₹1,417.86 करोड़ जुटाए गए; 100 से अधिक बैंक खातों में धन घुमाया गया।
लगभग ₹390.90 करोड़ को वेतन भुगतान के रूप में दर्शाया गया, जबकि कंपनी में केवल 4 कर्मचारी थे।
मुथुसेल्वन को ₹42.10 लाख निवेश के बदले करीब ₹12.72 करोड़ का लाभ मिला।
ईडी ने 16–17 जून 2026 को 9 ठिकानों पर PMLA धारा 17 के तहत पहले भी छापेमारी की थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जाँच में 29 सितंबर 2026 को दो आरोपियों — एस. नवीन कुमार और एस. मुथुसेल्वन — को गिरफ्तार किया। जाँच एजेंसी के अनुसार इन दोनों ने मिलकर 35,759 निवेशकों से लगभग ₹1,417.86 करोड़ की ठगी की। यह धोखाधड़ी कृषि उत्पादों के निर्यात से अधिक रिटर्न के झूठे वादों पर टिकी थी।

गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत

दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी की यह कार्रवाई तमिलनाडु पुलिस की जिला अपराध शाखा, इरोड द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) और तमिलनाडु प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (TNPID) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी।

धोखाधड़ी की पूरी स्कीम

जाँच से सामने आया कि एस. नवीन कुमार, एस. मुथुसेल्वन और उनके साथियों ने यूनिक एक्सपोर्ट्स, ईस्ट वैली एग्रो फर्म्स और अन्य सहयोगी कंपनियों के नाम पर UNI, FNP, FAP और UN जैसी फर्जी निवेश योजनाएँ चलाईं। इन योजनाओं में आम निवेशकों को कृषि उत्पादों के निर्यात से मोटे मुनाफे का लालच दिया गया।

ईडी के अनुसार वास्तव में यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों ने कोई उल्लेखनीय निर्यात नहीं किया, फिर भी एक्सपोर्ट मुनाफे के नाम पर जनता से धन संग्रह जारी रखा। यह ऐसे समय में आया है जब देश में पोंजी और छद्म निवेश योजनाओं के खिलाफ नियामकीय शिकंजा कसता जा रहा है।

मनी लॉन्ड्रिंग का जाल

बैंकिंग विश्लेषण में खुलासा हुआ कि निवेशकों से जमा किया गया पैसा 100 से अधिक बैंक खातों के जरिए घुमाया गया, जो यूनिक एक्सपोर्ट्स, संबंधित कंपनियों, परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर खुले थे। इन खातों में कुल ₹719 करोड़ जमा पाए गए।

जाँच में यह भी सामने आया कि लगभग ₹390.90 करोड़ को वेतन भुगतान के रूप में दर्शाया गया, जबकि उस कंपनी में मात्र चार कर्मचारी ही कार्यरत थे। इसके अतिरिक्त, बिना किसी वास्तविक कृषि खरीद के ₹79.56 करोड़ की प्याज एवं अन्य जिंसों की खरीद की फर्जी प्रविष्टियाँ दर्ज की गईं — इन सभी लेन-देन का उद्देश्य निवेशकों के धन को व्यापारिक खर्च की आड़ में छिपाना था।

आरोपियों की भूमिका

एस. नवीन कुमार को ईडी ने इन निवेश योजनाओं का मास्टरमाइंड बताया है। वे बैंकिंग कार्यों और निवेशकों के धन के लेन-देन पर पूरा नियंत्रण रखते थे।

एस. मुथुसेल्वन ने योजनाओं को संचालित करने, निवेशकों को जोड़ने और धन के हस्तांतरण में मुख्य भूमिका निभाई। जाँच के अनुसार उन्होंने लगभग ₹42.10 लाख के निवेश के बदले रिटर्न, कमीशन, रेफरल लाभ और अन्य भुगतानों के रूप में करीब ₹12.72 करोड़ प्राप्त किए। उन्होंने अपने व्यक्तिगत खाते के साथ-साथ धन्यश्री एंटरप्राइजेज और यूनिवर्स369 इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के माध्यम से निवेशकों का पैसा प्राप्त किया और वितरित किया।

पूर्व छापेमारी और आगे की जाँच

गौरतलब है कि ईडी ने इससे पहले 16 जून 2026 और 17 जून 2026 को PMLA की धारा 17 के अंतर्गत एस. नवीन कुमार और उनके सहयोगियों से जुड़े नौ ठिकानों पर तलाशी ली थी। वर्तमान गिरफ्तारियाँ उसी छापेमारी से उत्पन्न साक्ष्यों के आधार पर हुई हैं। एजेंसी के अनुसार मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य आरोपियों तक भी पहुँचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

759 निवेशकों का पैसा कब और कैसे वापस होगा, जो अब तक अनुत्तरित है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनिक एक्सपोर्ट्स निवेश धोखाधड़ी मामला क्या है?
यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों ने कृषि उत्पादों के निर्यात से ज़्यादा रिटर्न का वादा करके 35,759 निवेशकों से लगभग ₹1,417.86 करोड़ जुटाए, जबकि वास्तव में कोई उल्लेखनीय निर्यात नहीं हुआ। ईडी के अनुसार यह एक सुनियोजित पोंजी-शैली की धोखाधड़ी थी।
ईडी ने किसे और कब गिरफ्तार किया?
ईडी के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने 29 सितंबर 2026 को एस. नवीन कुमार और एस. मुथुसेल्वन को PMLA के तहत गिरफ्तार किया। दोनों को विशेष अदालत ने 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस मामले में पैसे की हेराफेरी कैसे की गई?
जाँच के अनुसार निवेशकों का पैसा यूनिक एक्सपोर्ट्स, संबंधित कंपनियों, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर खुले 100 से अधिक बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। ₹390.90 करोड़ को वेतन और ₹79.56 करोड़ को फर्जी कृषि खरीद के रूप में दर्शाकर धन छिपाया गया।
एस. मुथुसेल्वन की इस मामले में क्या भूमिका थी?
ईडी के अनुसार एस. मुथुसेल्वन ने योजनाएँ बनाने, निवेशकों को जोड़ने और फंड के हस्तांतरण में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने ₹42.10 लाख के निवेश के बदले कमीशन, रेफरल लाभ और अन्य भुगतान मिलाकर कुल ₹12.72 करोड़ प्राप्त किए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी ने पुष्टि की है कि जाँच जारी है। एजेंसी पहले 16–17 जून 2026 को नौ ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और अन्य आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। मामला PMLA विशेष अदालत में विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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