एशियन पैरा गेम्स 2026: सुवर्णा राज का डिस्कस थ्रो में गोल्ड, राष्ट्रपति मुर्मु ने 6 खिलाड़ियों को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में 22 अक्टूबर को भारत के पैरा खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। सुवर्णा राज ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया, जबकि स्वाति चौधरी ने महिला व्यक्तिगत तीरंदाजी में सिल्वर मेडल जीतकर इस स्पर्धा में भारत के लिए इतिहास रचा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पदक विजेता सभी खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से बधाई संदेश भेजे।
सुवर्णा राज का ऐतिहासिक गोल्ड
सुवर्णा राज ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा, 'यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो आपकी असाधारण क्षमताओं के कारण संभव हो पाई है। आपकी यह सफलता अन्य कई खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्य रखने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करे।'
तीरंदाजी में स्वाति चौधरी ने रचा इतिहास
स्वाति चौधरी ने महिलाओं की व्यक्तिगत तीरंदाजी में सिल्वर मेडल जीतकर इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक हासिल किया। राष्ट्रपति ने कहा, 'इस स्पर्धा में भारत के लिए पहला मेडल जीतकर आपने इतिहास रचा है और इस खेल के लिए एक नई राह खोली है।' यह उपलब्धि भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
बैडमिंटन में भारत की चौतरफा सफलता
व्हीलचेयर बैडमिंटन में अल्फिया जेम्स और पल्लवी के.एम. की जोड़ी ने महिला डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जो इन खेलों में व्हीलचेयर बैडमिंटन में भारत का पहला पदक है। राष्ट्रपति ने लिखा, 'व्हीलचेयर बैडमिंटन में भारत के लिए पहला मेडल जीतकर आपने देश में पैरा खेलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।'
पुरुष बैडमिंटन सिंगल्स में अभिजीत सखूजा ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर ही ब्रॉन्ज मेडल जीता। राष्ट्रपति ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि डेब्यू पर ही मेडल जीतना एक शानदार उपलब्धि है। इसके अलावा, सुमति सिवन और कृष्णा नागर की जोड़ी ने बैडमिंटन मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज जीता, और प्रमोद भगत व मनीषा रामदास ने भी बैडमिंटन मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज पदक हासिल किया।
राष्ट्रपति की व्यक्तिगत सराहना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रत्येक पदक विजेता के लिए अलग-अलग बधाई संदेश एक्स पर साझा किए — एक असामान्य और व्यक्तिगत संकेत जो पैरा खेलों के प्रति राष्ट्र के शीर्ष संवैधानिक पद की संवेदनशीलता को दर्शाता है। प्रमोद भगत और मनीषा रामदास को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, 'हर मेडल के पीछे लाइमलाइट से दूर, कई घंटों की कड़ी मेहनत और तैयारी होती है।'
पैरा खेलों के लिए आगे की राह
गौरतलब है कि एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की यह पदक झड़ी ऐसे समय में आई है जब देश पैरा एथलीटों की तैयारी और बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ा रहा है। व्हीलचेयर बैडमिंटन और पैरा तीरंदाजी में पहले-पहले पदक इस बात का संकेत हैं कि भारत अब नई स्पर्धाओं में भी अपनी पकड़ बना रहा है। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले पैरालंपिक चक्र के लिए उम्मीदें बढ़ाता है।